'वतन में रोजगार मिलता तो यहां क्यों आते', अबू धाबी में मिसाइल हमले से बाल-बाल बचे बिहार के मुसीम
अबू धाबी में ईरानी हमले से मुजफ्फरपुर के मुसीम बाल-बाल बचे. कैंप से मात्र 200 मीटर दूर धमाका हुआ, मुसीम ने सरकार से गुहार लगाई.

Published : March 2, 2026 at 11:24 AM IST
मुजफ्फरपुर: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अबू धाबी में हुए मिसाइल हमले में बिहार का एक युवक बाल-बाल बचा है. मुजफ्फरपुर के मझौलिया निवासी मोहम्मद मुसीम ने बताया कि धमाका उनके बेस कैंप से महज 200 मीटर दूर हुआ था. जिसके बाद कैंप में अफरा-तफरी मच गई, हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है.
अबू धाबी में फंसा बिहार की युवक: मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी देशों में भी दिखने लगा है. शनिवार देर रात संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में हुए मिसाइल हमले से मुजफ्फरपुर जिले के मझौलिया निवासी मोहम्मद मुसीम अन्य लोग बाल-बाल बच गए.
अबू धाबी में हुए मिसाइल हमले: दिसंबर 2025 में मुसीम नौकरी के सिलसिले में अबू धाबी गए थे. वे हबशान एरिया (हफसन) स्थित पेट्रोजेट कंपनी में पाइप फिटर के रूप में पिछले दो महीने से काम कर रहे हैं. मुसीम के मुताबिक, शनिवार रात 9 बजकर 5 मिनट पर उनके मोबाइल पर मिसाइल अटैक का अलर्ट आया और ठीक चार मिनट बाद, 9 बजकर 9 मिनट पर जोरदार धमाका हुआ.
मुसीम के साथ 20 हजार भारतीय!: धमाका उनके बेस कैंप से करीब 200 मीटर की दूरी पर हुआ. धमाके की आवाज सुनते ही पूरे कैंप में भगदड़ मच गई. जिस इलाके में वे रहते हैं, वहां करीब 20 हजार भारतीय काम करते हैं. घटना के बाद से सभी के बीच दहशत का माहौल है.
मुसीम को वतन वापसी की चिंता: मुसीम बताते हैं कि 28 फरवरी की घटना के बाद से ही उन्हें वतन वापसी की चिंता सता रही है. मुसीम लगातार परिवार के संपर्क में हैं और घरवाले भी अब उन्हें वापस बुला रहे हैं. घर के सबसे बड़े बेटे होने के नाते परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए ही वे खाड़ी देश काम करने गए थे.

क्या कहते हैं मुसीम: भावुक होकर मुसीम ने कहा “अगर अपने वतन में ही रोजगार मिल जाता तो यहां क्यों आते? कौन अपना घर-परिवार छोड़कर परदेस जाना चाहता है?” फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं और हमले के बाद मुसीम ड्यूटी पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य रही तो नौकरी जारी रखेंगे, लेकिन हालात बिगड़ने पर वतन वापसी का फैसला ले सकते हैं.
क्यों हैं तनावपूर्ण हालात?: मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण हालात इसलिए हैं क्योंकि शुक्रवार रात अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसमें उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए. इस घटना ने ईरान को भड़का दिया, जिसके जवाब में ईरान ने बड़े पैमाने पर प्रतिशोधी हमले शुरू कर दिए हैं. इन हमलों में आबू धाबी के प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया, जहां मिसाइलों और ड्रोनों से होटलों और कई जगह पर हमले हुए.
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