ETV Bharat / bharat

ट्रेन में लोअर बर्थ चाहिए, तो टिकट बुकिंग के समय न करें यह गलती, TTE ने समझाया नियम

भारतीय रेलवे के एक टीटीई ने एक वीडियो में समझाया है कि वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा ट्रेन में निचली बर्थ क्यों नहीं मिलती है.

IRCTC Train ticket Lower Berth Allotment Rules for Senior Citizens Women Railway TTE Explained
ट्रेन में लोवर बर्थ चाहिए, तो टिकट बुकिंग के समय न करें यह गलती, TTE ने समझाया नियम (ANI)
author img

By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 12, 2025 at 5:27 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

हैदराबाद: अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं और बार-बार ट्रेन में सफर करते हैं, लेकिन आपको लोअर बर्थ नहीं मिल पा रही है. तो यह जानकारी आपके काम आ सकती है. दरअसल, भारतीय रेलवे के एक टीटीई ने बताया है कि यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा निचली बर्थ क्यों नहीं मिलती. टीटीई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जो डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस में फिल्माया गया है. वीडियो में टीटीई ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे बुकिंग से संबंधित गलतफहमी को दूर करने की कोशिश की है.

टीटीई ने बताया, "आज हम ट्रेन संख्या 2424, डिब्रूगढ़ राजधानी में सवार हैं. यहां चार यात्री हैं - सभी वरिष्ठ नागरिक - और उनमें से किसी को भी लोअर बर्थ (नीचे वाली सीट) आवंटित नहीं की गई है. उन्हें बीच और ऊपर की बर्थ मिली है. इसलिए, उन्होंने मुझसे पूछा कि ऐसा क्यों हुआ."

डिब्रूगढ़ राजधानी में ने यात्रियों के साथ टीटीई
डिब्रूगढ़ राजधानी में ने यात्रियों के साथ टीटीई (Screenshot)

उन्होंने आगे बताया, "अगर आप सीनियर सिटीजंस कोटे का लाभ उठाना चाहते हैं और लोअर बर्थ पाना चाहते हैं, तो एक टिकट पर केवल दो यात्रियों की बुकिंग होनी चाहिए. अगर आप एक टिकट पर दो से ज्यादा लोगों को शामिल करते हैं, तो कोटा का लाभ नहीं मिलेगा."

कैसे आवंटित की जाती है लोअर बर्थ
इंडियन रेलवे की यात्री आरक्षण प्रणाली, पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोअर बर्थ को खुद-ब-खुद प्राथमिकता देती है, जब वे अकेले या एक ही टिकट पर किसी अन्य वरिष्ठ नागरिक के साथ यात्रा करते हैं. हालांकि, अगर दो से ज्यादा वरिष्ठ नागरिक या वरिष्ठ और गैर-वरिष्ठ यात्रियों का टिकट एक ही पीएनआर के तहत बुक किया जाता है, तो सिस्टम उस बुकिंग को सामान्य कोटे के तहत मान लेता है. इससे उम्र के आधार पर योग्य होने पर भी लोअर बर्थ मिलने की संभावना कम हो जाती है.

भारतीय रेलवे के अनुसार, यात्री आरक्षण प्रणाली में वरिष्ठ नागरिकों और महिला यात्रियों के लिए विशिष्ट प्रावधान हैं. लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों और महिला यात्रियों (45 वर्ष और उससे अधिक आयु की) को उपलब्धता के आधार पर स्वचालित रूप से आवंटित की जाती हैं. ट्रेन के प्रत्येक कोच में, स्लीपर क्लास में छह से सात लोअर बर्थ, एसी 3-टियर में चार से पांच और एसी 2-टियर में तीन से चार लोअर बर्थ वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा, सभी क्षेत्रीय रेलवे के उपनगरीय खंडों में प्रथम और अंतिम द्वितीय श्रेणी के सामान्य डिब्बों में कम से कम सात सीटें वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित हैं.

आईआरसीटीसी का बयान
अगस्त में इसी तरह के एक सवाल के उत्तर में, आईआरसीटीसी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, "लोअर बर्थ/सीनियर सिटीजंस कोटा बर्थ केवल 60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुष यात्रियों और 45 साल या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों के लिए निर्धारित हैं, जब वे अकेले या दो यात्रियों (उल्लिखित मानदंडों के तहत) के साथ एक टिकट पर यात्रा कर रहे हों. अगर दो से अधिक वरिष्ठ नागरिक हों, या यदि एक वरिष्ठ नागरिक किसी गैर-वरिष्ठ व्यक्ति के साथ यात्रा कर रहा हो, तो सिस्टम कोटा पर विचार नहीं करेगा."

यह भी पढ़ें- 2030 तक SBI समेत भारत के तीन बैंक दुनिया के शीर्ष 10 बैंकों में होंगे शामिल !