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ईरानी हमले के बीच कतर में फंसा रोहतक का मरीन इंजीनियर, परिजनों ने भारत वापस लाने की लगाई गुहार

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है. ईरान ने कतर पर भी मिसाइलें दागी जिसके बाद रोहतक के मरीन इंजीनियर वहां फंस गए हैं.

Marine engineer trapped in Qata
कतर से रोहतक में अपने परिवार से बात करता मरीन इंजीनियर सुरेंद्र (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : March 1, 2026 at 4:16 PM IST

4 Min Read
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रोहतकः इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. इसके जवाब में कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने हमला कर दिया है. इसकी चपेट में कतर का दोहा भी आ गया है. हमले के बाद कतर सरकार ने देश में इमरजेंसी घोषित करते देशी के सभी नागरिकों और विदेशी कामगारों को अपने घरों या होटलों में रहने के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसी बीच रोहतक निवासी पेशे से मरीन इंजीनियर सुरेंद्र सहित कई भारतीय वहां फंस गए हैं. अगले आदेश तक कतर ने अपने एयर स्पेस को बंद कर दिया है.

मिसाइल से हमले के बाद का वीडियो बनाया : सुरेंद्र ने अपने दोस्तों के साथ कतर के ताजा हालातों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी डाले हैं. कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वायरल वीडियो में मिसाइल से हमले के बाद आसमान में धुएं का गुबार उठता दिख रहा है. इसी बीच रोहतक में सुरेंद्र के परिजन काफी डरे हुए हैं. परिवार को लोगों ने कूटनीतिक पहल कर सुरेंद्र को सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है. सुरेंद्र ने वीडियो कॉल कर अपने परिजनों को अभी सुरक्षित होने और वहां के ताजा हालातों के बारे में जानकारी दी है.

कतर में फंसे सुरेंद्र अपने परिवार से बात करते हुए (Etv Bharat)

इमरजेंसी का अलर्ट आया : दरअसल मायना गांव के सुरेंद्र उर्फ काला ने वीडियो में दावा किया है कि उनके साथ कई भारतीय युवक मौजूद हैं जो हरियाणा सहित भारत के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले हैं. सुरेंद्र ने बताया कि वे लोग कतर में अमेरिकी एयर बेस के पास ही थे. हमले के बाद एयरबेस के आसपास के इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है. अभी तक हमले का केंद्र अमेरिकी सैन्य ठिकाना ही है. वहां मौजूद सभी लोगों के मोबाइल पर हमले के चलते इमरजेंसी का अलर्ट आया है. आगे क्या होगा, इसे लेकर वे आशंकित हैं.

7 मार्च तक कतर का एयर स्पेस है बंदः सुरेंद्र ने बताया कि "हमले के कारण कतर एयर स्पेस को बंद कर दिया गया है. यहां के समाचार माध्यमों में 7 मार्च के बाद स्थिति की समीक्षा के बाद एयर स्पेस को खोलने की बात कही जा रही है. देखते हैं आगे क्या होगा."

दूतावास की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारीः सुरेंद्र ने बताया कि "कतर में भारतीय दूतावास की ओर से इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी किया गया है. दूतावास की ओर से कहा गया कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक मदद के लिए संपर्क कर सकते हैं. लेकिन स्थिति सामान्य होने तक सभी भारतीय अपने-अपने सुरक्षित ठिकानों में ही रहें. बाहर नहीं निकलें. जो भी अपडेट होगा, वह जारी किया जायेगा".

कतर में फंसे युवकों का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो (Etv Bharat)

3 वर्षों से कतर में रहते हैं सुरेंद्रः कतर में फंसे रोहतक जिले के मायना गांव निवासी सुरेंद्र मर्चेंट नेवी में काम करते हैं. वे बीते 3 वर्षों से कतर में ही रह रहे हैं. अचानक से हुई बमबारी के चलते सुरेंद्र काफी ज्यादा परेशान हैं.

सुरेंद्र 27 फरवरी को गए थे कतरः सुरेंद्र की पत्नी प्रीति ने बताया कि उनके पति 27 फरवरी को कतर गये थे. वहां पर वे पिछले तीन वर्षों से काम कर रहे हैं. अचानक से उसके पति ने वीडियो भेजा जिससे पूरा परिवार सदमे में आ गया है. अब हम लोगों को चिंता है कि सुरेंद्र को कैसे सुरक्षित बाहर निकाला जाए. इसलिए हमारी सरकार से गुजारिश है कि हरियाणा सहित सभी भारतीयों को कतर से सुरक्षित बाहर निकाला जाए.

सुरेंद्र के साथ उत्तराखंड का भी युवक : सुरेंद्र ने वीडियो कॉल के दौरान बताया कि उनके साथ हरियाणा के अलावा उत्तराखंड का भी एक युवक है. फिलहाल सुरेंद्र ने बताया कि वे सुरक्षित हैं और सरकार से लगातार संपर्क में हैं. एंबेसी से भी बात हुई थी जिसमें सभी युवकों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है. परिजनों की चिंता ये है कि यदि ईरान के हमले और तेज हो गए तो युवकों की जान को खतरा है. इसलिए सरकार सभी युवकों को सुरक्षित बाहर निकालें".

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