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झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहें हुई खतरनाक, लोगों की पिटाई के मामले बढ़े, आंकड़े चिंताजनक

झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण भीड़ द्वारा लोगों की पिटाई भयानक रूप ले चुका है. निर्दोष लोगों की पिटाई हो रही है.

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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 27, 2026 at 6:01 AM IST

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रिपोर्ट: प्रशांत कुमार

रांची : झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहें खतरनाक रूप ले रही हैं. कई जागरूकता अभियान के बावजूद, सामूहिक मारपीट के मामले थम नहीं रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में, झारखंड के कई शहरों से बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर अप्रिय सूचनाएं सामने आ रही हैं.

लगातार बढ़ रहे हैं मामले

झारखंड के कई शहरों में पिछले एक महीने में करीब दो दर्जन ऐसी वारदातें सामने आई हैं, जिनमें बच्चा चोर होने के शक में पुरुषों और महिलाओं की जमकर पिटाई की गई है. झारखंड की राजधानी रांची, उप-राजधानी दुमका, पाकुड़, धनबाद, चतरा, पलामू, गिरिडीह, बोकारो, जमशेदपुर और कई अन्य जिलों में बच्चा चोरी के मात्र शक में ही बाहर से आने वाले लोगों की जान आफत में पड़ जा रही है.

जानकारी देते आईजी माइकल राज (Etv Bharat)

इन केस स्टडीज से समझें स्थिति की गंभीरता (पिछले 20 दिनों के आंकड़े)

  • धनबाद के राजगंज में पिछले हफ्ते भीड़ ने एक युवक को बच्चा चोर की अफवाह पर पकड़ लिया और लाठी-डंडे से बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय मुखिया और पुलिस की मदद से उसे बचाया गया.
  • धनबाद के बंकपुर थाना इलाके में बच्चा चोरी के शक में एक ट्रांसजेंडर को बुरी तरह पीटा गया. जांच में पता चला कि होली से पहले ट्रांसजेंडर घर-घर जाकर सबको शुभकामनाएं दे रहा था और अपनी आवाज में पैसे की मांग कर रहा था.
  • धनबाद के ईस्ट बसुरिया यूपी क्षेत्र में भीड़ ने बच्चा चोर समझकर तीन महिलाओं को बुरी तरह पीटा. जब पुलिस टीम उन्हें बचाने गई तो टीम पर भी जूते-चप्पल फेंके गए.
  • गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना इलाके में गांव वालों ने बच्चा चोरी के शक में एक महिला और एक अधेड़ उम्र के आदमी को पकड़ लिया. दोनों के साथ जमकर मारपीट की गई. किसी तरह पुलिस को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्हें बचाया गया. जब मामले की जांच की गई, तो पता चला कि अधेड़ उम्र का आदमी शराब के नशे में अपने ससुराल जा रहा था.
  • पिछले हफ्ते ही, कोडरमा के किमरकचो थाना इलाके में एक युवक को बच्चा चोर समझकर पीटा गया. पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की जान बचाई. बाद में जांच में पता चला कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था और भटक कर गांव पहुंच गया था.
  • पिछले हफ्ते, रांची के एदलहातु में बच्चा चोरी के शक में एक पुरुष और एक महिला की पिटाई की गई. जांच में पता चला कि बच्चा खुद ही एक ऑटो में चढ़ गया था और लोगों ने मान लिया कि ऑटो ड्राइवर और महिला बच्चों को चुरा कर ले जा रहे हैं.
  • रांची के मैक्लुस्कीगंज थाना इलाके के विकास नगर में, बच्चा चोरी के शक में एक महिला के साथ मारपीट की गई. पुलिस को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद महिला को भीड़ से बचाया गया. बाद में जांच में पता चला कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और गलती से मोहल्ले में चली आई थी.
  • धनबाद के बाघमारा थाना इलाके में बच्चा चोर होने के शक में दो महिलाओं को बुरी तरह पीटा गया. जांच के दौरान बच्चा चोरी का कोई मामला नहीं मिला, लेकिन सिर्फ अफवाहों के आधार पर महिलाओं को पीटा गया.
  • झारखंड के बोकारो जिले के बेरमो में बच्चा चोरी के शक में छह महिलाओं को पकड़कर बुरी तरह पीटा गया. पुलिस किसी तरह उन्हें बचाकर थाने ले आई.
  • धनबाद के पिंडरा जोरा थाना इलाके के पास एक विक्षिप्त महिला को लोगों ने बच्चा चोर होने के शक में बुरी तरह पीटा. किसी तरह पुलिस ने महिला की जान बचाई.
  • चतरा जिले के पिपरवार थाना इलाके में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते गांव वालों ने एक व्यक्ति की जमकर पिटाई कर दी. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उस आदमी की जान बचाई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया.
  • बोकारो के चास थाना इलाके में पांच घूमते हुए साधुओं को स्थानीय लोगों ने पकड़कर जमकर पीटा. इन सभी पर बच्चा चोरी का आरोप लगाया गया था.
  • बोकारो के बालीडीह थाना इलाके में घर-घर जाकर सामान बेचने वाली एक महिला को बच्चा चोर होने का आरोप लगाकर बुरी तरह पीटा गया.
  • जमशेदपुर के डिमना चौक पर एक महिला को बच्चा चोर कहकर पीटा गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अलर्ट हुई और महिला को बचाया.
  • झारखंड के सरायकेला में एक महिला को बच्चा चोरी की अफवाह में बुरी तरह पीटा गया. वह ईंट भट्टे से काम करके लौट रही थी.
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हर दो से तीन साल में फैलती हैं ऐसी अफवाहें

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहें पहली बार नहीं उड़ी हैं. ऐसी घटनाओं की समीक्षा करने पर पता चलता है कि झारखंड में हर दो से तीन साल में ऐसी अफवाहें फैलती हैं. कुछ साल पहले, ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती थीं, जिनमें बच्चा चोरी की अफवाहों के बाद भीड़ ने कई लोगों को पीटा था. राजधानी रांची समेत कई जगहों पर, पुलिस को उन लोगों को बचाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा था, जिन्हें पहले बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण पीटा गया था.

कैसे लोग हो रहे हैं शिकार?

झारखंड के विभिन्न शहरों में हाल ही में बच्चा चोरी की अफवाहों का सबसे ज्यादा निशाना महिलाएं बन रही हैं. खासकर, वे महिलाएं जो मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं और जिन्हें उनके परिवार वालों ने घर पर नहीं रखा और जो जहां-तहां भटकती रहती हैं.

हाल के दिनों में, एक दर्जन से ज्यादा महिलाओं की पिटाई बच्चा चोरी की अफवाहों में की गई हैं, उनमें से ज्यादातर मानसिक रूप से विक्षिप्त थीं. दूसरे वे हैं जो साधु के रूप में घर-घर जाकर भिक्षाटन करते हैं, या लोगों को उनका भविष्य बताते हैं. तीसरे वे अनजान लोग हैं जो मजदूरी करने के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं. इन लोगों को देखकर, स्थानीय लोग और गांव वाले उन्हें बच्चा चोर समझकर हमला कर देते हैं.

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पुलिस परेशान, जागरूकता अभियान के साथ सख्त कार्रवाई शुरू

झारखंड के कई जिलों में पुलिस बच्चा चोरी की अफवाह को लेकर खासी परेशान है, खासकर धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर जैसे जिलों में. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को इस मामले में सावधानी से एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं. झारखंड पुलिस के प्रवक्ता आईजी डॉ. माइकल राज ने कहा कि सभी एसपी अपने स्तर पर मामले को देख रहे हैं.

उन्होंने बताया कि लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, और सभी को निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को बताएं कि अगर उन्हें किसी पर शक है, तो वे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस को मामले की जानकारी दें. जहां सभी जिलों में पुलिस मिलकर जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं उन लोगों के खिलाफ भी एक्शन शुरू किया गया है जो निर्दोष लोगों को बच्चा चोर बताकर उनके साथ मारपीट करते हैं. झारखंड के धनबाद जिले में ऐसे कई लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है.

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बरती जा रही विशेष सतर्कता

झारखंड के उन सभी जिलों में खास सतर्कता बरती जा रही है, जहां हाल के दिनों में बच्चा चोरी की अफवाहों से जुड़ी घटनाएं हुई हैं. सभी जिलों के पुलिस कप्तान ने अपने सभी थानेदारों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे थाना स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को बताएं कि बच्चा चोरी की सूचना मिलने पर वे पहले वास्तविकता की जांच करें और पुलिस को बताएं, न कि कानून अपने हाथ में लें. खासकर, सभी जिलों के तमाम ग्रामीण थानों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.

टेंट में रहने वालों समेत कई लोगों पर निगरानी

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सभी जिलों के एसपी ने अपने सभी थानेदारों को निर्देश दिया है कि अगर उन्हें खानाबदोश, सहित वैसे लोग जो मानसिक रूप से अस्वस्थ नजर आते हैं, कहीं अकेले घूमते हुए दिखें, तो उन्हें सुरक्षित आश्रय स्थल पर पहुंचा दिया जाए.

पोस्टर और सोशल मीडिया के जरिए प्रचार

राज्य के सभी जिलों में पुलिस बच्चा चोरी की अफवाहों से निपटने के लिए पोस्टर और सोशल मीडिया की मदद ले रही है. सभी थानेदार और पुलिस अधिकारी अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जागरूकता फैला रहे हैं. इसके बावजूद, पिछले चार दिनों में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हालांकि, पुलिस का दावा है कि जैसे-जैसे लोग जागरूक होंगे, ये घटनाएं अपने आप रुक जाएंगी.

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