तमनार हिंसा : महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता, ग्रामीणों ने उपद्रवियों को कहा जिम्मेदार, कांग्रेस बोली बीजेपी शासन में फैला आक्रोश
रायगढ़ के तमनार में महिला पुलिसकर्मियों के साथ शर्मनाक वारदात के बाद पुलिस ने गिरफ्तारियां की हैं.वहीं कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाएं हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 2, 2026 at 3:54 PM IST
रायगढ़ : रायगढ़ के तमनार में JPL कोयला खदान के खिलाफ 27 दिसंबर को उग्र प्रदर्शन हुआ था. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस टीम और महिला आरक्षक के साथ अमानवीय हरकतें भी हुईं. प्रदर्शनकारियों ने महिला कॉन्सटेबल के साथ ना सिर्फ बदतमीजी और मारपीट की,बल्कि उसके कपड़े उतारने की भी नाकाम कोशिश की. इस दौरान महिला टीआई को महिला समूह ने खूब मारा, जब महिला टीआई बेहोश हो गई तो प्रदर्शनकारियों ने उसे पानी पिलाकर होश में लाने की कोशिश की.
महिला कांस्टेबल जोड़ रही थी हाथ
तमनार ब्लॉक में प्रदर्शन के दौरान मानवता भी शर्मसार हुई.अपनी ड्यूटी निभा रही महिला कॉन्स्टेबल को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस वर्दी को उसने दूसरे की रक्षा के लिए पहन रखा है,आज उसी वर्दी को उतारने के लिए दरिंदगी होगी. प्रदर्शन के दौरान जब महिला कॉन्स्टेबल ने भीड़ को समझाने की कोशिश की तो उल्टा उसे ही ना भूलने वाला दर्द दे दिया गया.
मारपीट का वीडियो बनाकर किया वायरल
महिला आरक्षक के साथ पहले पुरुष प्रदर्शनकारियों ने मारपीट की.इसके बाद जब उनका मन नहीं भरा तो उसके कपड़े फाड़ने लगे. महिला के साथ हो रहे इस अमानवीय कृत्य का वहां मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल भी किया,जो बदल रही इंसानी सोच के दायरे को समझाने के लिए काफी है. वीडियो में महिला कॉन्स्टेबल लोगों से मिन्नतें कर रही है,वो हाथ जोड़कर ये बोल रही है कि उसे जाने दो. लेकिन उसे दौड़ाया गया और फिर खेत जब वो थककर गिर गई तो वो हरकत की गई, जिसने छत्तीसगढ़ की गरिमा को तार-तार करने का काम किया.
ग्रामीणों ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति, 14 गांव ने की घटना की निंदा
वहीं दूसरी तरफ इस घटना में नया मोड़ आ गया है.जिन गांव के लोगों ने इस प्रदर्शन को किया, उन्होंने महिला आरक्षक के साथ हुई शर्मनाक घटना की निंदा की है. ग्रामीणों का कहना है कि जो घटना हुई है उसकी हम सब निंदा करते हैं.ये घटना असामाजिक तत्वों ने अंजाम दिया है.
घटना को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों से हमारा किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है.हम शासन प्रशासन से मांग करते हैं कि घटना में शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो -उमेश कुमार सारथी,स्थानीय
यह घटना शांतिपूर्ण जनआंदोलन को बदनाम करने की एक सोची समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है. तमनार क्षेत्र के ग्रामीण पिछले 20-21 दिनों से पूरी तरह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आंदोलनरत हैं. ऐसे में उनके हिंसा किए जाने का आरोप पूरी तरह से निराधार और असत्य है.आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की और आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया- चंद्रमणि ठेठवार, रिटायर्ड शिक्षक
पुलिस ने गंभीर धाराओं में दर्ज किया मामला
तमनार में हुई हिंसा और अमानवीय हरकत को लेकर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. मामले में लूट, हत्या का प्रयास, शीलभंग करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई है.साथ ही साथ पुलिस ने मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी भी की है. अन्य लोगों की फुटेज और दूसरे सोर्सेस से पहचान की जा रही है.
तमनार में हुई घटना को लेकर पुलिस की टीम आरोपियों की शिनाख्त कर रही है.इस मामले से जुड़े कई आरोपियों की तलाश भी जारी है.सभी की सजा सुनिश्चित की जाएगी. मामले को हम गंभीरता से ले रहे हैं. घटना में जो भी शामिल हैं, सभी पर कड़ी कार्रवाई होगी- दिव्यांग पटेल,एसपी
कांग्रेस बोली बीजेपी सरकार में बढ़ रहा आक्रोश
14 गांव के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष सूक्ष्म और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा सच्चाई को आम जनता के सामने लाया जाए. वहीं कांग्रेस ने तमनार में महिला आरक्षक के साथ हुई घटना की घोर निंदा की है.कांग्रेस ने प्रदेश में बिगड़ रही कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए हैं.
ये सिर्फ तमनार भर की घटना नहीं है.बल्कि कवर्धा के लोहारी में भी पुलिस के प्रति लोगों का आक्रोश देखने को मिला. इसके बाद बलौदाबाजार में एसपी और कलेक्टर कार्यालय जला दिया गया,जिसमें पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पिछले दरवाजे से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी.बलरामपुर में भीड़ ने एसडीएम को मारने के लिए दौड़ाया था. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जब से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है तब से कानून के प्रति जनता का विश्वास टूट चुका है.अब जनता अपनी सीमाएं लांघकर आक्रोशित हो चुकी है- सुशील आनंद शुक्ला, प्रवक्ता कांग्रेस
रायगढ़ के तमनार में महिला पुलिसकर्मियों के साथ जिस तरह की अमानवीय और शर्मनाक हरकत हुई है,वो अक्षम्य है. कानून की गरिमा को कुछ लोगों ने तार-तार करने की कोशिश की है. एक तरफ पुलिस आंदोलन के दौरान सीमाएं लांघने वालों पर कार्रवाई कर रही है तो दूसरी ओर आंदोलन करने वालों ने ये दावा किया है कि जो कुछ भी हुआ उसमें किसी भी तरह का कोई योगदान नहीं है.
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