इंदौर महापौर ने कंफर्म की 7 लोगों की मौत, पेयजल लाइन में मिला ड्रेनेज का पानी
इंदौर में जहरीले पानी ने ली 7 लोगों की जान, 100 से ज्यादा लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती, 2-2 लाख मुआवजे का ऐलान.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 31, 2025 at 1:53 PM IST
|Updated : December 31, 2025 at 2:28 PM IST
इंदौर: क्लीन सिटी इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदा पानी पीने के कारण तकरीबन 120 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं. जबकि 7 लोगों की मौत हो गई है. इस बात की पुष्टि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की है. पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक, ''भागीरथपुरा क्षेत्र के लोगों की पानी के इंफेक्शन के चलते 3 लोगों की मौत हुई है. लेकिन मेरी जानकारी के हिसाब से 4 लोग और थे जो तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंचे थे. उन चारों की भी मौत हो गई है. प्रथम दृष्टया पानी की लाइन में ड्रेनेज मिलने से लोगों की मौत हुई है.''
अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी
उन्होंने कहा, ''मृतकों के परिवारों को 2-2 लोगों का मुआवजा दिया गया है. जहां-जहां गंदे पानी की शिकायत मिली है उन जगहों को चिन्हित किया है. पूरे क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं. लोगों को बेहतर इलाज मिले इसके लिए 24 घंटे के लिए अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है. सीएम डॉ. मोहन यादव ने मामले पर नजर बनाए रखने और पीड़ितों के लिए बेहतर इलाज करवाने के निर्देश दिए हैं.''
पेयजल लाइन में मिला ड्रेनेज का पानी
पानी की लाइन और ड्रेनेज लाइन एक साथ होने का नतीजा है कि यहां दूषित पानी सप्लाई के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि लीकेज ढूंढने के लिए चले अभियान के बाद उस लीकेज का पता चल गया है जिससे गंदा पानी पीने की लाइन में रिस रहा था जिसे अब बंद कर दिया गया है. प्रदेश के जिस शहर को वाटर प्लस और क्लीन सिटी का अवार्ड मिला है वहां पीने की पानी की लाइन ड्रेनेज लाइन के समानांतर डाली गई है.
यह पहला मौका है जब गंदे पानी की शकायतों पर लापरवाही करने के कारण एक साथ इतने लोगों की मौत हुई है. इस घटनाक्रम के बाद नींद से जागे नगर निगम के अधिकारियों ने जब भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी की लाइन का बारी-बारी से निरीक्षण किया तो क्षेत्र की पानी की टंकी के पास पुलिस चौकी के एक शौचालय के ड्रेनेज का पानी पेयजल की मुख्य लाइन में भूमिगत रूप से रिसना पाया गया.
पानी की लाइन की फ्लैशिंग
मौके पर पता चला कि पानी की लाइन में बीते कई दिनों से शौचालय का गंदा पानी मिल रहा था. संभवत इसी के कारण यह स्थिति बनी. नगर निगम ने फिलहाल आनन फानन में इस शौचालय को ध्वस्त करने के बाद उसका लीकेज सुधारा है. नगर निगम के कमिश्नर दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है. वहीं, सुधार कार्य के बाद पानी की लाइन की फ्लैशिंग की जा रही है. क्लोरीनेशन और सैंपल टेस्टिंग के बाद पानी उपयोग में लाया जा सकेगा.
प्रशासन ने माना 3, लेकिन क्षेत्र में 7 मौतें
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना में एक पुरूष एवं दो महिलाओं की मृत्यु की पुष्टि की गई है. मृतकों में 70 वर्षीय नन्दलाल, 60 वर्षीय उर्मिला और 65 वर्षीय तारा कोरी शामिल हैं. इन तीनों की मृत्यु डायरिया से होना बताया गया है. इनके अलावा उमा कोरी, गोमती रावत, मंजुला बाड़े, सीमा प्रजापत और एक अन्य व्यक्ति संतोष बिगोलिया की मौत हुई है. लेकिन महापौर ने 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है. वहीं अभी भी 120 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. हालांकि अब तक 1200 से ज्यादा लोगों का इलाज किया चुका है.
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इंदौर के स्वच्छता के तमगे पर उठे सवाल
जिस तरह से घटनाक्रम हुआ उसके बाद इंदौर के स्वच्छता के तमगे पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. इस पूरे घटना के सामने आने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव लगातार क्षेत्र में मॉनिटरिंग कर रहे हैं और जांच पड़ताल भी की जा रही है. फिलहाल जिस जगह से पीने के पानी की लाइन में घुसा था उसे भी ठीक कर दिया गया है.
अस्पताल में लगे 100 अतिरिक्त बेड
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि, ''अभी तकरीबन सात लोगों की दूषित पानी पीने के कारण मौत हो गई है. जबकि कई लोग बीमार हैं. अरविंदो अस्पताल में 100 अतिरिक्त बेड लगवा दिए गए हैं.'' मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि, मामले की उच्च स्तरीय जांच पड़ताल की जा रही है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.'' मृतक मंजूलता के पति दिगंबर का कहना है कि, ''उनके घर पर बेटियां आई हुई थी और मंजू लता ने उनके लिए खाना बनाया लेकिन थोड़ी देर बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उनकी मौत हो गई.
इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) December 30, 2025
मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। स्थिति पर नजर…
कांग्रेस ने की महापौर और कमिश्नर पर FIR की मांग
नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव ने बताया "पानी की पाइपलाइन में ड्रेनेज के लीकेज का पता चल गया है. इसके बाद वहां से शौचालय को हटा दिया गया है. अब लाइन में फ्लैशिंग और क्लोरिनेशन के बाद पानी की टेस्टिंग और सैंपल लिए जाएंगे. रिपोर्ट आने पर ही क्षेत्र में फिर से पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई शुरू हो सकेगी." इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की. उन्होंने महापौर और नगर निगम कमिश्नर को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है.
सीएम मोहन यादव ने जताया दुख
इंदौर की इस घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जताया है. उन्होंने अपने X हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा, ''इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है. मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी. स्थिति पर नजर रखने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं.'

