इंदौर के भागीरथपुरा में आधे से ज्यादा सैंपल फेल, पानी में मिले जानलेवा बैक्टीरिया, इसी से हुई मौतें
इंदौर में पानी से बीमार हुए लोगों और मौतों पर लगातार सर्वे और सैंपल रिपोर्ट. सभी में यही साबित कि पानी जहरीला और जानलेवा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 6:12 PM IST
इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा में बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने और मौतों का कारण जहरीला पानी ही है. प्रभावित क्षेत्र में लगातार हो रहे सर्वे और सैंपल रिपोर्ट इसी ओर इशारा कर रही हैं. अब इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में यही तथ्य निकलकर सामने आया है. रिपोर्ट में पता चला है कि भागीरथपुरा के जसस्रोतों में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिला है. इस बैक्टीरिया से हैज, टाइफॉइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी बीमारियां होती हैं.
एमजीएम मेडिकल कॉलेज की सर्वे रिपोर्ट
भागीरथपुरा में एमजीएम मेडकल कॉलेज की टीम ने पानी के सैंपल लिए थे. रिपोर्ट के अनुसार 60 में से 35 सैंपल फेल पाए गए हैं. खास बात ये है कि वार्ड के बीजेपी पार्षद कमल वाघेला के बोरिंग का पानी भी दूषित मिला है. टीम ने भागीरथपुरा क्षेत्र में विभिन्न बोरिंग और जल स्रोतों की जांच की थी. रिपोर्ट के अनुसार कई बोरिंग में फिकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिला है.
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन अरविंद घनघोरिया के अनुसार "भागीरथपुरा में पानी के सैंपल्स में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले हैं. जो आमतौर पर दूषित पानी में मिलते हैं."
पहले की जांच रिपोर्ट में पाइपलाइनों में लीकेज
हालांकि इससे पहले के सर्वे में भी ये बात निकलकर सामने आई थी कि भागीरथपुरा में दूषित पानी से ही लोगों की मौतें हुईं. इसे देखते हुए जिला प्रशासन बीते एक सप्ताह से पेयजल पाइप लाइनों को दुरुस्त कर रहा है. जिला प्रशासन की जांच में ये बात भी निकल कर सामने आई थी कि पाइपलाइन में कई जगहों पर लीकेज की समस्या है. आशंका है कि इसी लीकेज में सीवेज का गंदा पानी गया होगा. यही दूषित पानी घर-घर सप्लाई हुआ, जिससे लोग बीमार पड़े.

स्टेट सर्विलांस टीम ने जारी की रिपोर्ट
दो दिन पहले इंदौर के प्रभावित क्षेत्र भागीरथपुरा में पहुंचे स्टेट सर्विलांस टीम ने भी अपनी रिपोर्ट पेश की है. सर्विलांस ऑफिसर डॉ. अश्विन भगवत ने मीडिया से कहा, '' भागीरथपुरा में कई तरह का पानी सप्लाई किया जा रहा था, जो अचानक व्यापक रूप से फैलने वाली बीमारी का कारण बन गया."
"पानी में मिले संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को डिटेक्ट किया गया है, जिसकी रोकथाम के लिए तत्काल कदम उठाए गए हैं. जो बैक्टीरिया मिला था उसका संक्रमण काल 5 से 7 दिन का था. हमारे साथ आईसीएमआर कोलकाता और राष्ट्रीय रोग निगरानी संस्थान की टीमों ने भी सैंपलिंग की है.''
उमंग सिंघार का पानी ऑडिट, आरोप- पानी में मल-मूत्र मिला
एक दिन पहले बुधवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया भागीरथपुरा की पानी की सप्लाई में मलमूत्र मिला है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के नेतृत्व में कांग्रेस ने खुद वॉटर ऑडिट करने का दावा किया. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "भागीरथपुरा और इससे लगे क्षेत्रों में जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, उसमें मानव मलमूत्र वाले बैक्टीरिया हैं. अगर ऐसा पानी शहर को सप्लाई होता रहा तो कई फिर कई लोगों की जान जा सकती है."

"मेडिकल कॉलेज से जो रिपोर्ट मिली है, उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि मरीज शिगेला और ई कोलाई जैसे बैक्टीरिया से पीड़ित हैं, यही मानव मल मूत्र में पाए जाते हैं. इसके अलावा सैंपल में वाइब्रियो कोलेरा की भी पुष्टि हुई है, जो हैजा का कारण बनता है."
अस्पताल से घर लौटे मरीजों का लगातार फॉलोअप
भागीरथपुरा के पार्षद कमल बाघेला का कहना है "अब क्षेत्र में स्थिति काफी नियंत्रित है. अब काफी कम मरीज निकल रहे हैं. एक-दो दिन में पानी की लाइन को दुरुस्त कर सप्लाई शुरू कर दी जाएगी. अभी टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा है. लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है. प्रभावित इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं. जो लोग बीमार हुए थे, वह स्वस्थ होकर वापस घर लौटे हैं, उनका भी फॉलोअप लिया जा रहा है."
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मौत के आकड़ों को लेकर तस्वीर साफ नहीं
इंदौर के भागीरथपुरा में मौतों के आंकड़ों को लेकर बड़ी भ्रम की स्थिति है. एक ओर प्रशासन ने कोर्ट में 4 लोगों की मौत की पुष्टि की है तो मीडिया में 6 लोगों के मरने की पुष्टि. भ्रम का माहौल इसलिए और फैला है, क्योंकि जिला प्रशासन ने 18 पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख के सहायता राशि के चेक सौंपे हैं. अभी 3 लोग और सहायता राशि के लिए लाइन में हैं. इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा खुद स्वीकार करते हैं "जिला प्रशासन ने अब तक 18 लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की है जबकि 3 अन्य मृतकों के परिजनों को भी राहत राशि प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है."

