ग्राउंड रिपोर्ट: इंदौर में मौतों के बाद हर घर में दहशत, अस्पतालों में अफरा-तफरी
इंदौर के भागीरथपुरा में हर घर में उल्टी-दस्त के मरीज. नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग टीमें तैनात. देखिए ईटीवी भारत की ग्राउंड रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 31, 2025 at 4:38 PM IST
|Updated : December 31, 2025 at 5:13 PM IST
रिपोर्ट : संदीप मिश्रा
इंदौर : शहर के भागरथपुरा क्षेत्र में रहने वाले 72 वर्षीय दिगंबर की 5 बेटियां हैं. दो की शादी इंदौर में जबकि 3 की शादी इंदौर के आसपास हुई है. सोमवार को दिगंबर और उनकी 70 वर्षीय पत्नी मंजूलता ने इंदौर में रहने वाली दोनों बेटियों को घर बुलाया. इसी दौरान दोनों बहनों ने अपनी तीनों बहनों को भी घर पर भोजन करने के लिए बुला लिया. पांचों बेटियां अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ एक-दूसरे के हाल-चाल लेकर खुशनुमा पल बिता रही थीं. लेकिन कुछ ही देर में खुशियां मातम में तब्दील हो गईं.
मां की मौत पर बिलखती रहीं बेटियां
मां मंजूलता की खाने बनाने के दौरान तबियत बिगड़ती है. उन्हें अस्पताल ले जाया जाता है लेकिन उल्टी-दस्त होने और पेटदर्द के कारण मंजूलता इस दुनिया से विदा हो जाती हैं. मंजूलता की पांचों बेटियां हतप्रभ हो जाती हैं, कुछ देर पहले तक जो मां हंस-हंसकर बातें कर रही थी, अब वह इस दुनिया में नहीं रही.
मंजूलता की पांचों बेटियां बुजुर्ग पिता को ढाढस बंधाकर संभालने की कोशिश करती हैं लेकिन अपनी मां की जुदाई में बेटियां बिलख-बिलखकर आपस में और अपने पिता से लिपटकर रोने लगती हैं. ये दृश्य जो भी देखता है, उसकी आंखें नम हो जाती हैं.

लगातार गंदे पानी की शिकायतें, नहीं हुई सुनवाई
पत्नी की मौत से आहत दिगंबर ईटीवी भारत संवादताता को बताते हैं "पिछले कुछ दिनों से लगातार पानी गंदा आ रहा था. उन्होंने शिकायत भी की थी लेकिन उसके बाद भी कोई निराकरण नहीं हुआ." भागीरथपुरा में अन्य लोग भी जनप्रतिनिधियों की लापलवाही पर काफी गुस्से में दिख रहे हैं. लोगों का कहना है कि आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है. भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत से पूरे इलाके में मातम का माहौल है. हालांकि इंदौर महापौर ने 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है.
बड़ी मन्नत के बाद 10 साल बाद बेटा हुआ, वह भी चल बसा
भागीरथपुरा क्षेत्र में रहने वाले 6 माह के बच्चे अभियान की भी दूषित पानी से मौत हो गई. पीड़ित पिता सुनील साहू ने बताया "उनके घर पर 10 साल बाद बच्चे का जन्म हुआ था. विभिन्न जगहों पर मान मन्नत करने के बाद बच्चे का जन्म हुआ. जन्म के 6 महीने के अंदर ही बच्चे की मौत हो गई. बच्चे को दूध में पानी मिलाकर पिलाया जा रहा था. इससे उसकी तबीयत खराब हो गई. उसे उल्टी दस्त होने लगे. उसे डॉक्टर को दिखाया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई."
भागीरथपुरा में डॉक्टरों की टीमें तैनात
स्वास्थ्य विभाग के साथ ही नगर निगम अब युद्ध स्तर पर जुटा है. पूरे मोहल्ले के रहवासियों की जांच की जा रही है. संजीवनी क्लीनिक में काफी भीड़ है. रहवासियों को उल्टी-दस्त की शिकायतें हैं. 66 लोग अभी भी इंदौर के कई हॉस्पिटल में भर्ती हैं. वर्मा हॉस्पिटल, सेल्वी हॉस्पिटल के साथ ही बीमा हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

क्षेत्र में हरेक घर में लोग दस्त और उल्टी से परेशान हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर लोगों की जांच कर रही हैं. इलाके में 700 से 800 लोगों की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने की है. 500 से 600 लोगों को उल्टी और दस्त की समस्या बताई गई है. भागीरथपुरा क्षेत्र में डॉक्टरों की टीम के साथ ही 4 एम्बुलेंस लगाई गई हैं. साथ ही 14 डॉक्टर, 24 एमपीडब्ल्यू और पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा एमवाय हॉस्पिटल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी जुटे हैं.
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शौचालय के नीचे मुख्य पाइपलाइन में लीकेज मिला
नगर निगम की टीम को भागीरथपुरा में शौचालय के नीचे पानी की मुख्य लाइन में लीकेज मिला है. माना जा रहा है कि इसी लीकेज से जहरीला पानी पेयजल लाइन में मिला है. अब उसे दुरस्त किया जा रहा है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है "घटना काफी दुखद है और इसके जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. भागीरथपुरा की पाइपलाइन बदलने को लेकर टेंडर निकाल दिए गए थे, लेकिन किन कारणों के चलते काम शुरू नहीं हुआ, इसकी भी जांच करवाई जा रही है."

