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अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन का भाई हमूद सिद्दीकी हैदराबाद से गिरफ्तार, एमपी पुलिस ने पकड़ा

मध्य प्रदेश पुलिस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन के भाई हमूद सिद्दीकी को हैदराबाद से किया गिरफ्तार, 25 साल से था फरार.

हमूद सिद्दीकी हैदराबाद से गिरफ्तार
HAMOOD SIDDIQUI ARREST HYDERABAD (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 17, 2025 at 10:16 AM IST

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Updated : November 17, 2025 at 5:05 PM IST

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इंदौर: फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी का भाई हमूद सिद्दीकी महू में धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहा था. उसे महू पुलिस ने रविवार रात को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस उसे महू लेकर आई है और उनसे पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले 25 सालों से फरार चल रहा था. जिसके चलते पुलिस ने मामले की जांच की और उसे हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली कार ब्लास्ट का आरोपी डॉक्टर उमर अल फलाह यूनिवर्सिटी का छात्र था.

अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन का भाई है हमूद
अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद सिद्दीकी ने महू में 25 साल पहले ठगी की वारदात को अंजाम दिया था. उसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था. महू पुलिस अधिकारी और इंदौर एसपी ग्रामीण योगचोन भूटिया ने जानकारी देते हुए कहा, "लगातार हमूद सिद्दीकी की तलाश में जुटी हुई थी. लेकिन हमूद पुलिस की करवाई को देखते हुए भूमिगत हो गया था और उनके बारे में किसी तरह की कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिल रही थी. लेकिन अब पूछताछ में उसके लोकेशन का पता चला और गिरफ्तारी हुई." पिछले दिनों दिल्ली में कार में ब्लास्ट हुआ और ब्लास्ट करने वाला व्यक्ति जिस यूनिवर्सिटी में पढ़ता था उस यूनिवर्सिटी का चेयरमैन जवाद सिद्दीकी है.

हमूद सिद्दीकी को एमपी पुलिस ने पकड़ा (ETV Bharat)

नाम बदलकर रह रहा था हैदराबाद में
महू पुलिस को जानकारी लगी कि आरोपी हैदराबाद में नाम बदलकर रह रहा है. इसी आधार पर महू पुलिस हैदराबाद पहुंची और छानबीन कर आरोपी को गिरफ्तार किया. ग्रामीण एसपी योगचोंन भूटिया ने जानकारी देते हुए कहा, ''25 साल से फरार चल रहे आरोपी हमूद सिद्दीकी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे महू लेकर आए, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. आरोपी की गिरफ्त में आने के बाद इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है. साथ ही फरारी के दौरान उसकी किन-किन लोगों ने मदद की इसके बारे में भी पुलिस जानकारी जुटाएगी.''

25 साल पहले ठगी कर हुआ था फरार, चला रहा था फाइनेंस कंपनी
जवाद सिद्दीकी के बारे में जब जानकारी निकाली गई तो यह जानकारी निकली कि वह 25 साल पहले महू में रहते थे. उसने यहां पर अपने भाई हमूद सिद्दीकी के साथ मिलकर सबसे पहले एक फाइनेंस कंपनी शुरू की थी. वह लोगों से पैसे लेकर 20 प्रतिशत ब्याज देने की बात कहता था, लेकिन उस कंपनी पर कई लोगों ने ठगी के आरोप लगाए. इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर हमूद की तलाश की जा रही थी. इसके बाद से ही दोनों भाई अलग हुए और जवाद फरीदाबाद शिफ्ट हो गए. वहीं हमूद तभी से फरार था. पुलिस ने उनके भाई हमूद सिद्दीकी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया. प्रकरण दर्ज करने के बाद से ही हमूद फरार चल रहा था.

MHOW MAN AL FALAH MEDICAL COLLEGE
जवाद सिद्दीकी ने फरीदाबाद में बनाई अल फलाह यूनिवर्सिटी (ETV Bharat)

आरोपी हमूद सिद्दीकी के खिलाफ 2000 में धोखाधड़ी से संबंधित 3 अपराध पंजीबद्ध थे. 1988 और 1989 में 307 का भी केस इसके खिलाफ था. आरोपी को पकड़ने के लिए चार लोगों की टीम का गठन किया गया था. 50 साल का हमूद हैदराबाद में शेयर मार्केटिंग और इन्वेस्टमेंट की एक कंपनी चला रहा था. आरोपी की गाचीबोवली क्षेत्र में फर्म है.

हमूद के पिता की तीन पत्नियां थीं
हमूद सिद्दीकी महू का रहने वाला है. 1995 में एक फाइनेंशियल कंपनी चलती थी अल फलद नाम से. इस कंपनी में वह खुद मैनेजिंग डायेक्टर था. उसकी पत्नी बोर्ड ऑफ मेंबर में थी. इनके द्वारा लाखों रुपए का गबन किया गया था और उसके बाद से ही यह फरार चल रहे थे. जब से महू से गया उसके बाद महू के किसी भी व्यक्ति से उसने संपर्क नहीं रखा. ना ही उनके परिजनों से संपर्क में था. उसका परिवार काफी बड़ा है. इसके पिता की तीन पत्नियां थीं और 16 से 17 भाई बहन हैं. फरीदाबाद की अल फलह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी आरोपी के बड़े भाई हैं.

दिल्ली कार ब्लास्ट में सामने आया जवाद सिद्दीकी का नाम
दिल्ली कार ब्लास्ट मामला सामने आने के बाद कड़ियां जुड़ती गईं और सूचना के आधार पर मध्य प्रदेश की महू पुलिस ने हमूद को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. गिरफ्तारी के बाद मामले में जल्द बड़े खुलासे हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी ने 25 साल पहले महू और महू के आसपास रहने वाले कई लोगों को एक इन्वेस्टमेंट कंपनी में पैसा लगवाने के बाद यह लालच दिया था कि वह पैसे दुगने कर देगा. लेकिन इसी दौरान लाखों रुपया तकरीबन 25 साल पहले इकट्ठा कर हमूद फरार हो गया था.

Last Updated : November 17, 2025 at 5:05 PM IST