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चीन में भारतीय दूतावास ने बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए परिवारों से DNA सैंपल देने को कहा

कहा गया है कि जो परिवार डीएनए जानकारी देना चाहते हैं, वे इंटरनेशनल लेवल पर मान्यता प्राप्त सीओडीआईएस फॉर्मेट में जरूरी डेटा जमा करें.

INDIANS MISSING IN TIBET FLOODS
तिब्बत नेपाल बॉर्डर पर गायरोंग काउंटी में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ में तबाह हुई इमिग्रेशन बिल्डिंग की जगह पर बचावकर्मी (PTI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : September 8, 2026 at 8:24 AM IST

3 Min Read
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नई दिल्ली: बीजिंग में भारतीय दूतावास ने 26 अगस्त को 'भयानक' भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के बाद चीन में लापता भारतीय नागरिकों के परिवारों से पहचान की प्रक्रिया में मदद के लिए डीएनए सैंपल जमा करने को कहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को बीजिंग में भारतीय दूतावास का एक एक्स पोस्ट शेयर किया, जिसमें कहा गया, 'लापता भारतीय नागरिकों के लिए डीएनए प्रोफाइल मैचिंग. कृपया जानकारी के लिए नीचे प्रेस रिलीज देखें.'

बीजिंग में भारतीय दूतावास ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि वे अब उन भारतीय नागरिकों के परिवार के सदस्यों के डीएनए सैंपल ले सकते हैं जो इस आपदा के बाद लापता बताए गए थे. एम्बेसी ने एक प्रेस रिलीज में कहा, 'पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के अधिकारियों से कन्फर्मेशन के बाद कि वे अब उन भारतीय नागरिकों के डीएनए सैंपल ले सकते हैं जो 26 अगस्त के भयानक मडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ के बाद लापता बताए गए थे. बीजिंग में भारतीय दूतावास उन भारतीय नागरिकों के परिवारों से रिक्वेस्ट करता है जो अभी भी लापता हैं, कि वे पहचान प्रोसेस में मदद के लिए डीएए सैंपल जमा करें.'

एम्बेसी ने कहा कि जो परिवार डीएनए जानकारी देना चाहते हैं, उन्हें बीजिंग में इंडियन एम्बेसी को इंटरनेशनल लेवल पर मान्यता प्राप्त कंबाइंड डीएनए इंडेक्स सिस्टम (CODIS) फ़ॉर्मेट में जरूरी डेटा जमा करना चाहिए, जो इसे तुलना के लिए संबंधित चीनी अधिकारियों को भेज देगा. उसने कहा, 'एम्बेसी को बताया जाएगा, और अगर मैच कन्फर्म होता है, तो वह परिवार को बताएगा.'

प्रायोरिटी कलेक्शन प्रोसेस के हिस्से के तौर पर एम्बेसी ने लापता व्यक्ति के माता-पिता के साथ-साथ पति/पत्नी और बच्चों से भी ब्लड सैंपल मांगे हैं, और जहां तक हो सके, कई बच्चों के सैंपल इकट्ठा किए जाएं. एम्बेसी ने कहा, 'अगर लापता व्यक्ति के माता-पिता या बच्चे जिंदा नहीं हैं, तो कृपया भाई-बहनों से ब्लड सैंपल इकट्ठा करें,' और कहा कि सभी भाई-बहनों से सैंपल इकट्ठा करना बेहतर है.

उसने आगे कहा कि अगर जरूरी हो तो दूसरे मामा के रिश्तेदारों, जिसमें मामा की तरफ के कजिन शामिल हैं, और पापा के रिश्तेदारों, जिसमें पापा की तरफ के कजिन शामिल हैं, से ब्लड सैंपल इकट्ठा किए जा सकते हैं. ऐसे मामलों में रिश्ते की डिटेल्स बताई जानी चाहिए.

दूतावास ने कहा कि नमूनों के लिए डीएनए एसटीआर डेटा आवश्यक है, जबकि पुरुषों के लिए वाई-एसटीआर डेटा भी शामिल किया जाना चाहिए. डेटा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीओडीआईएस प्रारूप में संग्रहीत किया जाना चाहिए.

परिवारों को डीएनए नमूनों को लेबल करने के लिए एक विशिष्ट प्रारूप का पालन करने के लिए भी कहा गया है, जिसमें राष्ट्रीयता, लापता व्यक्ति का नाम और पासपोर्ट नंबर, परिवार के सदस्य का नाम और पासपोर्ट नंबर और नमूना आईडी नंबर शामिल है.

नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ. भोटेकोशी बाढ़ ने रसुवा को प्रभावित किया, जिससे बड़े पैमाने पर लोग हताहत हुए और घरों, सड़कों, पुलों, हाइड्रोपावर सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को बहुत नुकसान हुआ.

प्रभावित इलाकों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन, राहत बांटना और इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करना जारी है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां, सरकारी अधिकारी, स्थानीय समुदाय और इंटरनेशनल पार्टनर शामिल हैं.

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