सिद्धार्थनगर: रील बनाने पानी की टंकी पर चढ़े 5 बच्चे, सीढ़ी टूटने से 16 घंटे फंसे, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू; WATCH
सिद्धार्थनगर का मामला, भारतीय वायुसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन में दो बच्चों को सुरक्षित बचाया, 1 की मौत.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 3, 2026 at 11:16 AM IST
|Updated : May 3, 2026 at 12:04 PM IST
सिद्धार्थनगर: यूपी के सिद्धार्थनगर से बड़ी खबर आ रही है. रविवार सुबह भारतीय वायुसेना ने यहां एक बचाव अभियान चलाकर पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया. ये बच्चे करीब 16 घंटे से टंकी पर फंसे थे. वायुसेना ने खास अभियान के जरिए इन बच्चों को जान बचाई है. भारतीय वायुसेना की ओर से इस अभियान की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी है.
आखिर टंकी पर कैसे पहुंचे बच्चे: दरअसल ये पूरा मामला रील की वजह से सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि शनिवार को पांच बच्चे सिद्धार्थ, शनि, गोलू, पवन और कल्लू रील बनाने के लिए गांव की एक पानी की टंकी पर चढ़े थे. टंकी पर चढ़ने के दौरान अचानक जर्जर सीढ़ियां टूट गईं. सिद्धार्थ, शनि और गोलू नीचे गिर गए. वहीं पवन और कल्लू टंकी के ऊपर पहुंच गए. टंकी से नीचे गिरने के कारण गंभीर चोट लगने से सिद्धार्थ की मृत्यु हो गई. वहीं शनि और गोलू को इलाज के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है.
#WATCH | Siddharthnagar, Uttar Pradesh: Children who had been stranded for a day at a water tank, rescued by an Air Force helicopter. pic.twitter.com/Yu1wfmmR9p
— ANI (@ANI) May 3, 2026
On a request from state government authorities, an IAF Mi 17 V5 of Central Air Command (CAC) was deployed to rescue two stranded children, who were stuck on top of a water tank in Sidharth Nagar in Gorakhpur, Uttar Pradesh. The children were stranded in the night as the ladder of… pic.twitter.com/dZ2D4shbQS
— CAC, IAF (@CAC_CPRO) May 3, 2026
टंकी से उतरने का रास्ता नहीं बचा: वहीं, टंकी पर फंसे पवन और कल्लू को जब उतरने का रास्ता नहीं मिला तो वे टंकी पर चढ़े रहे. करीब 16 घंटे से वह टंकी पर फंसे रहे. रात में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम गोरखपुर से मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं थी, जिस कारण उनकी लिफ्ट काम नहीं कर सकी और रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया. इसके बाद वायु सेना को मदद के लिए बुलाया गया.
हेलीकॉप्टर ने किया रेस्क्यू: राज्य सरकार के कहने पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर Mi-17 V5 ने उड़ान भरी. हेलीकॉप्टर ने दोनों बच्चों को टंकी से रेसक्यू करके सुरक्षित जमीन पर उतार दिया. इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली. करीब 16 घंटे तक दोनों बच्चे फंसे रहे. बच्चों को तुरंत गोरखपुर के अस्पताल पहुंचाया गया.
सड़क पानी में बही: टंकी जिस जगह स्थित थी वहां सड़क नहीं थी ऐसे में रेस्क्यू टीम को पहुंचान के लिए आनन-फानन में रात में तीन बजे तक सड़क बनाई गई लेकिन बारिश ने सारी कोशिश पर पानी फेर दिया. इसके बाद हेलीकॉप्टर की मदद मांगी गई. भारतीय सेना की ओर से यह रेस्क्यू अभियान चलाया गया और दोनों ही बच्चों को सुरक्षित उतार लिया गया. भारतीय वायुसेना ने एक्स एकाउंट के जरिए इस अभियान के फुटेज भी जारी किए हैं. इस अभियान के दौरान कई अफसर और पुलिस बल भी मौजूद रहे. कहा जा रहा है कि पांचों बच्चे रील बनाने के लिए टंकी पर चढ़े थे. पुलिस इसकी भी जांच कर रही है. वहीं, डीएम शिवशरणप्पा जी एन ने बताया कि सभी बच्चों को रेस्क्यू कर लिया गया है. दोनों बच्चों की हालत अब खतरे से बाहर है.
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