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बुलेट ट्रेन कब से चलेगी, रेल मंत्री ने कर दिया एलान, जाने वैष्णव ने कब की बताई डेट

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "2027 में स्वतंत्रता दिवस पर बुलेट ट्रेन का टिकट खरीदें, देश को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिलेगी."

Bullet Train
15 अगस्त, 2027 को पहली बुलेट ट्रेन मिलने की संभावना. (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 1, 2026 at 4:27 PM IST

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नई दिल्ली: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को संकेत दिया कि भारत को 15 अगस्त, 2027 को पहली बुलेट ट्रेन मिलने की संभावना है. वैष्णव ने कहा कि देश अगले साल अपनी पहली बुलेट ट्रेन को पटरियों पर दौड़ते हुए देखेगा.

उन्होंने कहा, "2027 में स्वतंत्रता दिवस पर बुलेट ट्रेन का टिकट खरीदें, देश को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिलेगी."

वैष्णव ने यह भी कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस चेयर कार ने पूरे देश में एक नया कॉन्फिडेंस पैदा किया है, और लोगों ने इसकी बहुत तारीफ की है. उन्होंने कहा, "अब पूरे भारत से वंदे भारत ट्रेन चलाने के लिए रिक्वेस्ट आ रही हैं, और लगभग हर MP एक चाहता है. उसी आराम, सेफ्टी और स्टैंडर्ड के साथ, वंदे भारत स्लीपर के साथ एक नई ओवरनाइट जर्नी शुरू होगी."

भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 km तक फैला है. इसमें से 352 km गुजरात और दादरा और नगर हवेली में और 156 km महाराष्ट्र में है. सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, थाने और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा और इससे दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय लगभग दो घंटे कम होने की उम्मीद है, जिससे अंतर-शहर गतिशीलता में काफी वृद्धि होगी.

राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, कॉरिडोर का 85 प्रतिशत से अधिक लगभग 465 km - ऊंचे वायडक्ट्स पर बनाया जा रहा है, जिसमें से 326 km पहले ही पूरा हो चुका है.

नवंबर में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की अपनी यात्रा के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना की विस्तृत समीक्षा की, 26.3 मीटर की ऊंचाई और 58,352 स्क्वायर मीटर के बिल्ट-अप एरिया के साथ, स्टेशन में तीन लेवल हैं: पार्किंग और सिक्योरिटी चेक के लिए ग्राउंड फ्लोर, लाउंज, रेस्ट रूम, कियोस्क और टिकटिंग के लिए कॉन्कोर्स लेवल, और पैसेंजर बोर्डिंग के लिए प्लेटफॉर्म लेवल.

हालांकि स्ट्रक्चरल काम पूरा हो चुका है, लेकिन इंटीरियर और स्टेशन की सुविधाओं जैसे फिनिशिंग टच अभी चल रहे हैं. साइट पर RC ट्रैक-बेड कंस्ट्रक्शन और टेम्पररी ट्रैक इंस्टॉलेशन सहित ट्रैक का काम भी पूरा हो चुका है.

नदी पुलों पर भी काफी काम चल रहा है, 25 में से 17 पुल बन चुके हैं. 47 km का सूरत-बिलिमोरा सेक्शन सबसे एडवांस्ड हिस्सों में से एक है, जहां सिविल काम और ट्रैक-बेड की तैयारी पूरी तरह से पूरी हो चुकी है.

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