इजराइल में फंसे भारतीयों को निकालने की तैयारी, जॉर्डन और मिस्र के रास्ते बनेगा 'सेफ पैसेज'
युद्ध के बीच इजराइल में फंसे भारतीयों को मिस्र या जॉर्डन के रास्ते निकालने हेतु राजदूत जेपी सिंह और दूतावास पूरी तरह तैयार हैं.

Published : March 1, 2026 at 2:10 AM IST
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग भीषण रूप ले चुकी है. अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है. जवाब में ईरान द्वारा इजराइल और खाड़ी देशों पर किए गए मिसाइल व ड्रोन हमलों ने स्थिति को और अधिक विस्फोटक बना दिया है. इस बीच, इजराइल में मौजूद हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
राजदूत जेपी सिंह का बड़ा बयान: 'जैसे ही मौका मिलेगा, घर लाएंगे'
इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. उन्होंने एक निजी न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा कि भारतीय दूतावास वहां फंसे प्रत्येक भारतीय के संपर्क में है. राजदूत ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी के लिए हर संभव योजना पर काम कर रही है.
जेपी सिंह ने निकासी योजना का खुलासा करते हुए कहा, "हमने फिर से नई एडवाइजरी जारी की है. हमारी योजना भारतीयों को सड़क मार्ग के जरिए मिस्र (Egypt) या जॉर्डन के रास्ते बाहर निकालने की है. जो भी रास्ता सबसे अधिक सुरक्षित होगा, उसे चुना जाएगा." हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि फिलहाल सड़क मार्ग से यात्रा करना जोखिम भरा है, इसलिए दूतावास एक 'सुरक्षित विंडो' का इंतजार कर रहा है.
भारत की कूटनीतिक सक्रियता
युद्ध के बढ़ते दायरे को देखते हुए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कूटनीतिक मोर्चा संभाल लिया है. उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इजराइली विदेश मंत्री गिदोन सार से फोन पर लंबी चर्चा की है. भारत ने सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. भारत की सबसे बड़ी चिंता खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा है.
भारतीयों के लिए जारी निर्देश
- सभी भारतीयों को भारतीय दूतावास की वेबसाइट पर तुरंत पंजीकरण करने को कहा गया है.
- दूतावास ने 24/7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.
- नागरिकों को बम शेल्टरों और सुरक्षित इमारतों के करीब रहने की सलाह दी गई है.

