रक्सौल बॉर्डर पर बढ़ा खतरा! 11 संदिग्धों के इनपुट के बाद हाई अलर्ट पर इंडो-नेपाल बॉर्डर
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती अवैध गतिविधियों के चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है. 11 संदिग्धों की घुसपैठ की सूचना के बाद चौकसी बरती जा रही.

Published : April 21, 2026 at 12:23 PM IST
रक्सौल: भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है. बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की. इस बैठक के तुरंत बाद रक्सौल सीमा पर चौकसी दोगुनी कर दी गई है. खासकर नेपाल से भारत में 11 संदिग्धों के प्रवेश की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
रक्सौल बॉर्डर पर हाई अलर्ट: सीमा पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच हो रही है. संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि खुली सीमा का फायदा उठाकर कोई आपराधिक या आतंकी तत्व भारत में दाखिल न हो सके. सुरक्षा बलों ने पैदल गश्ती की रफ्तार तेज कर दी है.
मजबूत किए जा रहे पिलर: सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीमा स्तंभों पर भी खास फोकस है. 114.54 किलोमीटर लंबी इस सीमा पर कुल 1,237 पिलर स्थापित हैं. इनमें से 931 सुरक्षित हैं, जबकि 73 क्षतिग्रस्त हैं. इनके निरीक्षण और मरम्मत के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है. अतिक्रमण हटाने की दिशा में भी तेजी आई है. 121 मामलों में से 117 का निष्पादन हो चुका है.
हाई लेवल मीटिंग के बाद बढ़ाई गई चौकसी: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक में साफ निर्देश दिए कि कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी. डीजीपी विनय कुमार ने कहा, "सीमा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी जाएगी."
11 संदिग्धों की घुसपैठ की सूचना: संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. रक्सौल अनुमंडल के एसपी और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी दिन-रात ड्यूटी पर तैनात हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब सीमा पर सख्ती साफ नजर आ रही है. सबसे चिंताजनक नेपाल से 11 संदिग्धों के भारत प्रवेश की खबर है. खुफिया एजेंसियों को इनके बारे में पुख्ता इनपुट मिला है. ये संदिग्ध आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हो सकते हैं.

नेपाल से खतरे की आहट?: सीमा पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है. एसएसबी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से ऑपरेशन चला रही है. यह अभियान न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा. अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी.
पिछले 4 सालों में गंभीर मामले आए सामने: यह सतर्कता व्यर्थ नहीं है. पिछले चार वर्षों (2022 से 2026 तक) के आंकड़े सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की गंभीरता बयां करते हैं. इस दौरान शराब तस्करी के 22,500 मामले दर्ज किए गए. हथियार तस्करी के 779 मामलों में 1,179 लोग गिरफ्तार हुए. मादक पदार्थों से जुड़े 448 मामलों में 663 अपराधियों को पकड़ा गया.
जाली नोट के 10 मामलों से 54.64 लाख रुपये जब्त किए गए. अवैध विदेशी घुसपैठ के 41 मामलों में 2025 में ही 25 विदेशी नागरिक धराए लगाए गए, जिनमें बांग्लादेश, श्रीलंका और अबू धाबी के नागरिक शामिल थे.
रक्सौल सीमा पर तस्करी का जाल: रक्सौल अनुमंडल में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई. 1,918 अभियुक्तों से गांजा, चरस, स्मैक, अफीम समेत अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए. मानव तस्करी के खिलाफ अभियान में 574 लोगों को बचाया गया, जिसमें 77 नाबालिग भी थे. रोजगार के नाम पर मानव तस्करी करने वाली कई संदिग्ध कंपनियों की पहचान कर ली गई है. ये आंकड़े बताते हैं कि रक्सौल सीमा पर तस्करी का जाल कितना जटिल है.
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