AI Summit 2026 में पीएम मोदी बोले- AI को खुला आसमान देना चाहिए और कमांड अपने हाथों में हो
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम मोदी का विजन टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाइज करना है.

Published : February 19, 2026 at 9:42 AM IST
नई दिल्ली: भारत में आज गुरुवार को इंडिया एआई (AI) इंपैक्ट समिट 2026 का औपचारिक उद्घाटन हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे हैं. बता दें, इस दौरान करीब 60 से ज्यादा देशों की भागीदारी देखने को मिली. एआई समिट (AI Summit 2026) में AI गवर्नेंस, सॉवरेन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा की जाएगी.
इससे पहले पीएम मोदी ने इस समिट में शामिल हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया. समिट के उद्घाटन समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई, ओपन AI के CEO सैम ऑल्टमैन, मेटा के चीफ AI ऑफिसर एलेक्जेंडर वांग, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई समेत ग्लोबल टेक लीडर्स भी शामिल हुए. इनके अलावा एआई समिट 2026 में 500 से ज्यादा एआई लीडर्स, 100 से ज्यादा सरकार के प्रतिनिधि, 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष. 60 मंत्री, 150 से ज्यादा शिक्षाविद, शोधकर्ता और सैकड़ों एक्सपर्टस भी इस समिट का हिस्सा बने.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आप सभी का दुनिया के सबसे ऐतिहासिक AI समिट में स्वागत करता हूं. भारत दुनिया के सबसे बड़े टेक पूल का सेंटर है. यह ग्लोबल साउथ के लिए गर्व की बात है कि AI समिट भारत में हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि जिस तेजी से दुनिया के युवा AI को अपना रहे हैं और इसकी ओनरशिप ले रहे हैं, वह तारीफ के काबिल है. AI समिट के लिए युवाओं में जबरदस्त जोश है. AI मशीनों को इंटेलिजेंट बना रहा है, लेकिन उससे भी ज्यादा, यह इंसानी काबिलियत को कई गुना बढ़ा रहा है. बस एक फर्क है: इस बार स्पीड बहुत ज्यादा है और स्केल भी उम्मीद से ज्यादा है. पहले, टेक्नोलॉजी का असर दिखने में दशकों लग जाते थे. आज, मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज, गहरा और बड़ा है.
पीएम मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि जब पहली बार सिग्नल वायरलेस तरीके से भेजे गए, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट हो जाएगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी इतिहास का एक ऐसा बदलाव है. आज हम जो देख रहे हैं, जो अंदाजा लगा रहे हैं, वह तो बस इसके असर की शुरुआत है. पीएम ने कहा कि हमें एक बड़ा विजन रखना होगा और उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी उठानी होगी. आज की पीढ़ी के साथ-साथ हमें इस बात की भी चिंता करनी होगी कि हम आने वाली पीढ़ियों को AI का कैसा रूप देंगे. इसलिए, आज असली सवाल यह नहीं है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य में क्या कर सकता है. सवाल यह है कि हम आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्या करें? ऐसे सवाल इंसानियत के सामने पहले भी आए हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण न्यूक्लियर पावर है. हमने इसकी तबाही भी देखी है और इसका अच्छा योगदान भी देखा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि AI के लिए, इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट हैं. यह पक्का करने के लिए कि इंसान सिर्फ कच्चा माल बनकर न रह जाएं, AI को डेमोक्रेटाइज किया जाना चाहिए. इसे इनक्लूजन और एम्पावरमेंट का एक मीडियम बनाया जाना चाहिए, खासकर ग्लोबल साउथ में. हमें AI को खुला आसमान देना चाहिए और GPS की तरह कमांड भी अपने हाथों में रखना चाहिए. GPS हमें रास्ता दिखाता है, लेकिन हमें किस दिशा में जाना चाहिए, यह आखिरी फैसला हमारा है. आज हम AI को जिस दिशा में ले जाते हैं, वही हमारा भविष्य तय करेगा.
उन्होंने कहा कि दशकों पहले, जब इंटरनेट शुरू हुआ था, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि इससे कितनी नौकरियां पैदा होंगी. AI के लिए भी यही सच है. आज, यह सोचना मुश्किल है कि भविष्य में इस फील्ड में किस तरह की नौकरियां पैदा होंगी. AI में काम का भविष्य पहले से तय नहीं है. यह हमारे फैसलों, हमारे रास्ते और काम करने के तरीके पर निर्भर करेगा. मेरा मानना है कि काम का भविष्य हमारे लिए एक नया मौका है. यह इंसानों और इंटेलिजेंट सिस्टम के साथ मिलकर काम करने का युग है.
पीएम मोदी ने कहा कि आज नई दिल्ली AI इम्पैक्ट समिट में, मैं AI के लिए MANAV विजन पेश करता हूं. MANAV का मतलब है इंसान, और MANAV विज़न कहता है M- नैतिक और एथिकल सिस्टम: AI नैतिक गाइडेंस पर आधारित होना चाहिए. A- जवाबदेह शासन का मतलब है पारदर्शी नियम, मज़बूत निगरानी; N- राष्ट्रीय संप्रभुता का मतलब है जिसका डेटा, उसका अधिकार. A- सुलभ और समावेशी का मतलब है AI एक मल्टीप्लायर होना चाहिए, मोनोपॉली नहीं. V- वैध और जायज का मतलब है AI कानूनी और वेरिफाई करने लायक होना चाहिए. भारत का यह MANAV विजन 21वीं सदी की AI-आधारित दुनिया में मानवता की भलाई के लिए एक जरूरी कड़ी बनेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर ज़्यादा सावधान रहना होगा. AI स्पेस भी बच्चों के लिए सुरक्षित और परिवार के हिसाब से गाइडेड होना चाहिए. पीएम ने कहा कि आइए हम AI को दुनिया की आम भलाई के तौर पर डेवलप करने का वादा करें. आज ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाना एक बहुत जरूरी जरूरत है. डीपफेक और बनावटी कंटेंट खुले समाज को अस्थिर कर रहे हैं. डिजिटल दुनिया में, कंटेंट पर ऑथेंटिसिटी लेबल भी होने चाहिए ताकि लोगों को पता चले कि क्या असली है और क्या AI से बनाया गया है. जैसे-जैसे AI ज़्यादा टेक्स्ट, इमेज और वीडियो बनाता है, इंडस्ट्री को वॉटरमार्किंग और क्लियर-सोर्स स्टैंडर्ड की जरूरत बढ़ती जा रही है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि यह भरोसा शुरू से ही टेक्नोलॉजी में बना रहे.
पीएम मोदी के दिनभर के कार्यक्रम की बात करें तो तमाम नेताओं से मुलाकात करेंगे. वहीं, शाम को कई CEO के साथ राउंडटेबल बैठकें भी शामिल हैं. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर कहा कि भारत पीएम मोदी के टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के विजन को पूरा करने के लिए सभी के साथ मिलकर काम करेगा. उन्होंने आगे कहा कि ग्लोबल साउथ में पहले AI समिट और अब तक के सबसे बड़े AI समिट में आपका स्वागत है. इसमें 118 देशों ने हिस्सा लिया है. इस समिट को सफल बनाने के लिए आप सभी का धन्यवाद. पीएम नरेंद्र मोदी का मानना है कि टेक्नोलॉजी की असली कीमत यह पक्का करने में है कि इसके फायदे आम लोगों तक पहुंचें. वैष्णव ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री का विजन टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाइज करना, इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करना, इसे सभी के लिए आसान बनाना है.
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi, along with global tech leaders including the CEO of Google and Alphabet, Sundar Pichai, CEO of OpenAI, Sam Altman, Alexandr Wang, Chief AI Officer of Meta, CEO of Anthropic, Dario Amodei pose for a group photograph at the India AI… pic.twitter.com/VgsMTXcZT4
— ANI (@ANI) February 19, 2026
उन्होंने कहा कि हम कंप्यूट को एक पब्लिक गुड मानते हैं. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप में, हमने एक कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां हम अपने स्टार्टअप्स, एकेडेमिया, रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स को बहुत ही सस्ते रेट पर 38,000 GPUs का एक्सेस दे रहे हैं. हम इस कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म में और 20,000 GPUs जोड़ेंगे. AI के फायदों का फायदा उठाते हुए, हमें खतरों को कम करने के लिए मिलकर हल भी खोजने होंगे. AI के दिल में इंसानी सुरक्षा और इज्ज़त को रखकर, हम पूरे भरोसे के साथ आगे बढ़ सकते हैं. साथ मिलकर, इस समिट के जरिए और सभी मिलकर की गई कोशिशों और हमारे प्रधानमंत्री के विजन के ज़रिए, आइए हम इंसानों का, इंसानों द्वारा और इंसानों के लिए एक AI भविष्य बनाएं.
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, French President Emmanuel Macron says, " 10 years ago, a street vendor in mumbai could not open a bank account. no address, no papers, no access and today the same vendor accepts payments on his phone..."
— ANI (@ANI) February 19, 2026
(source: dd news) pic.twitter.com/GYzgmu1Eqg
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि नमस्ते, इस शानदार शहर में, इस शानदार देश में हमारा स्वागत करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. प्रधानमंत्री जी, आपके द्वारा आयोजित किए गए इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit 2026) के लिए 2024 के अपने स्टेट विजिट के बाद वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है. मैक्रों ने कहा कि 10 साल पहले, मुंबई में एक स्ट्रीट वेंडर बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था. कोई पता नहीं, कोई कागजात नहीं, कोई एक्सेस नहीं और आज वही वेंडर अपने फोन पर पेमेंट लेता है.
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, French President Emmanuel Macron says, " india built something that no other country in the world has built. a digital identity for 1.4 billion people. a payment system that now processes 20 billion transactions every month. a… pic.twitter.com/tWLR9X4Gh3
— ANI (@ANI) February 19, 2026
उन्होंने कहा कि भारत ने कुछ ऐसा बनाया है जो दुनिया के किसी और देश ने नहीं बनाया है. 1.4 बिलियन लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान. एक पेमेंट सिस्टम जो अब हर महीने 20 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है. एक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जिसने 500 मिलियन डिजिटल हेल्थ ID जारी किए हैं. ये रहे नतीजे. वे इसे इंडिया स्टैक ओपन इंटरऑपरेबल सॉवरेन कहते हैं. यह समिट इसी बारे में है. हम साफ तौर पर एक बहुत बड़ी तेजी की शुरुआत में हैं, और आपने अपने इंटरवेंशन के दौरान इसे पूरी तरह से बताया.

