Bihar Election Results: निर्दलीयों ने पलटा खेल, वोट काटकर कई दिग्गजों की लिखी हार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपनी किस्मत आजमाई लेकिन वे सिर्फ वोट कटवा साबित हुए.

Published : November 16, 2025 at 4:55 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत (कुल 202 सीटें) के बीच निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों की भूमिका पर अब गहन चर्चा शुरू हो गई है. आधिकारिक परिणामों के विश्लेषण से पता चलता है कि कम से कम चार विधानसभा सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने इतने वोट काटे कि जीत-हार का पूरा गणित बदल गया. इनमें सबसे चर्चित नाम परिहार की रितु जायसवाल हैं, जिन्होंने 31.53 प्रतिशत वोट हासिल कर महागठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार को हरवा दिया.
परिहार में रितु जायसवाल ने बिगाड़ा महागठबंधन का खेल: सीतामढ़ी जिले की परिहार सीट पर बीजेपी की रितु जायसवाल ने बतौर निर्दलीय 65,455 वोट (31.53%) हासिल किए. विजेता बीजेपी के ही गायत्री देवी को 68,000 से कुछ अधिक वोट मिले, जबकि महागठबंधन के उम्मीदवार सीमा गुप्ता को करीब 50 हजार वोट. मतलब साफ है, रितु जायसवाल के वोट यदि महागठबंधन को जाते तो परिहार की सीट इंडिया गठबंधन के खाते में जाती. बीजेपी ने रितु को टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने बागी तेवर अपनाए और पार्टी के लिए ही सबसे बड़ा झटका दे दिया.

कुशेश्वर स्थान में 31.26% वोट काटकर निर्दलीय दूसरे स्थान पर: पूर्णिया के कुशेश्वर स्थान (एससी) सीट पर निर्दलीय गणेश भारती ने 49,244 वोट (31.26%) लेकर दूसरा स्थान हासिल किया. विजेता जेडीयू उम्मीदवार को 52 हजार के करीब वोट मिले. तीसरे नंबर पर जनसुराज के उम्मीदवार रहे. गणेश भारती पूर्व में जेडीयू से जुड़े रहे थे और टिकट कटने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे. उन्हें महागठबंधन का समर्थन मिला था.

मोहनिया में रविशंकर पासवान ने काटे 57,538 वोट: कैमूर जिले की मोहनिया (एससी) सीट पर निर्दलीय रविशंकर पासवान ने 57,538 वोट (30.63%) हासिल किए. विजेता बीजेपी उम्मीदवार को लगभग 62 हजार वोट मिले, जबकि तीसरे नंबर बीएसपी उम्मीदवार रहे. रविशंकर पासवान को महागठबंधन का समर्थन हासिल था. अगर इनमे वोट बीएसपी को जाते तो वह चुनाव जीत सकते थे.

चकाई में दो निर्दलीयों ने मिलकर 26% वोट खींचे: जमुई की चकाई सीट पर दो निर्दलीयों संजय प्रसाद (48,065 वोट, 21.05%) और चंदन कुमार सिंह (12,502 वोट) ने कुल मिलाकर 26% से अधिक वोट काट लिए. आरजेडी की सावित्री देवी विजयी रहीं. इन्होंने जेडीयू के मंत्री सुनील सिंह को मात ही. यहां निर्दली उम्मीदवार संजय प्रसाद को 48065 वोट मिले, जिसने सीट का रुख तय किया.

बाकी सीटों पर सिर्फ वोट कटे, नतीजा नहीं बदला: इन चार सीटों को छोड़कर बाकी निर्दलीयों का असर सिर्फ वोट प्रतिशत तक सीमित रहा. सिकटा में खुरशीद फिरोज अहमद (24.26%), रुपौली में शंकर सिंह (13.68%), गोबिंदपुर में मोहम्मद कामरान (22.56%), बरबीघा में सुदर्शन कुमार (20.56%) जैसे कई निर्दलीयों ने 20% से ऊपर वोट लिए, लेकिन विजेता और उपविजेता के बीच का अंतर इतना बड़ा था कि वोट एकतरफा होने पर भी नतीजा नहीं बदलता.
बागी और निर्दलीय, पार्टियों के लिए नई चुनौती: इस बार बिहार में बागियों और निर्दलीयों की संख्या पिछले चुनावों से काफी अधिक रही. बीजेपी, जेडीयू, राजद और कांग्रेस सभी दलों के असंतुष्ट नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ा. परिणामस्वरूप करीब 35-40 सीटों पर 10% से अधिक वोट निर्दलीयों को मिले. हालांकि सिर्फ चार सीटों पर ये निर्णायक साबित हुए.
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