SIR को लेकर जानिए इमारत-ए-शरिया का क्या है रुख,आखिर युवाओं को क्यों करने जा रहा है तैयार
झारखंड में होने वाले एसआईआर को लेकर इमारत-ए-शरिया ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं.


Published : January 3, 2026 at 3:59 PM IST
रांची: झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण की शुरुआत आगामी फरवरी महीने से शुरू होने की संभावना है. इन सबके बीच इमारत-ए-सरिया ने इसके पीछे सरकार की नीयत ठीक नहीं होने का आरोप लगाते हुए SIR को लेकर व्यापक प्रशिक्षण मुहिम चलाने का निर्णय लिया है. 3 जनवरी को अंजुमन इस्लामिया में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए इमारत-ए-शरिया बिहार, झारखंड, ओडिशा के काजी-ए-शरीअत हजरत मौलाना मुफ्ती मुहम्मद अनजार आलम कासमी ने अमीर-ए-शरीयत बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी का संदेश पढ़कर सुनाया.
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने बिना आवश्यकता SIR को लागू किया है और जन-विरोध के बावजूद इसे प्रभावी बनाए रखा गया है, जबकि इसके पीछे सरकार की नीयत ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि भविष्य में वोटर आईडी को नागरिकता से जोड़ा जाएगा और मामूली गलती पर भी नागरिकता पर सवाल खड़े हो सकते हैं. इसलिए झारखंड में SIR की शुरुआत से पहले ही जनता को पूरी तरह जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा व झारखंड ने चार सदस्यों का एक वक्फ गठित किया है, जो एक महीने तक राज्य के सभी जिलों में क्रमवार युवाओं को व्यावहारिक और कानूनी प्रशिक्षण प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि युवा कम पढ़े-लिखे और आम लोगों की मदद के लिए आगे आएं.
जमशेदपुर से होगी प्रशिक्षण की शुरुआत
हमारत-ए-शरिया के सहायक सचिव जनाब मौलाना अहमद हुसैन कासमी मदनी ने कहा कि झारखंड में एक व्यापक, संगठित और सर्वसमावेशी प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत 4 जनवरी से जमशेदपुर में होगा, जो राज्यभर में पांच फरवरी तक चलेगा. जिसका उद्देश्य पूरे झारखंड में एक ऐसी प्रशिक्षित टीम तैयार करना है, जो बिना किसी धार्मिक या सामुदायिक भेदभाव के जनता को SIR, पैरेंटल मैपिंग, फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के मामलों में सहयोग कर सके, ताकि जब SIR की प्रक्रिया शुरू हो तो राज्य का कोई भी नागरिक इसके दायरे से बाहर न रह जाए.
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत पैरेंटल मैपिंग तथा फॉर्म संख्या 6, 7 और 8 से संबंधित विषयों पर जनता में पूर्ण और व्यावहारिक जागरूकता पैदा की जाएगी, ताकि झारखंड का कोई भी नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए और किसी भी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज होने से छूट न जाए. इसके लिए राज्य के सभी जिलों के प्रखंडों में इमारत-ए-शरिया के काजियों की निगरानी में विभिन्न तिथियों पर क्रमवार प्रशिक्षण कार्यशालाओं की व्यवस्था की गई है, जहां बड़ी संख्या में युवा वर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता इमारत-ए-शरिया के इस वफ्द के माध्यम से SIR से संबंधित मूलभूत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और कार्य करने की सही प्रक्रिया जान सकेंगे, जिससे उन्हें SIR के विभिन्न चरणों में फॉर्म भरने में सहायता मिलेगी.
उन्होंने कहा कि हजरत अमीर-ए-शरीअत के आदेशानुसार इस अभियान के तहत पूरे एक महीने तक राज्य के प्रत्येक प्रखंड में पहुंचकर तैयार सामग्री की सहायता से प्रोजेक्टर के माध्यम से युवाओं के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जायेगी. इनमें शिक्षित, जागरूक और सामाजिक सेवा की भावना से युवाओं को मैदान-ए-अमल में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाएगा.
इस प्रशिक्षण अभियान में जनजातीय समुदायों जैसे संथाली, उरांव, हो, मुंडा और खड़िया को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस अवसर पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारु ने संबोधित करते हुए कहा कि SIR को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, उससे दूर रहकर लोग इसमें शामिल हों और अपने लोगों को मतदाता सूची में नाम दाखिल कराना सुनिश्चित करें. उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा 2003-04 के वोटर लिस्ट को आधार बनाए जाने पर एतराज जताते हुए कहा कि इससे लोगों की परेशानी बढ़ेगी.
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