IITians की नगरी में छात्राएं बना रहीं स्पेशल राखी, PM मोदी और 1000 से अधिक जवानों को भेजेंगी
बिहार की आईआईटियन नगरी पटवा टोली में बन रही स्पेशल राखी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्राएं भेजेंगी तिरंगे वाली खास राखी. रत्नेश कुमार की रिपोर्ट

Published : August 21, 2026 at 5:40 PM IST
गया: बिहार के गया जिले के पटवा टोली को आईआईटियन की नगरी के रूप में जाना जाता है. यहां आईआईटी की तैयारी कर रही छात्राएं पिछले एक सप्ताह से विशेष राखियां तैयार कर रही हैं. ये छात्राएं धागों में मोतिया, सितारे, नग, कांच के रंग-बिरंगे मोती और अन्य सामग्रियों को पिरोकर आकर्षक राखियां बना रही हैं. इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तिरंगे वाली खास राखी और सरहदों पर तैनात सैनिकों के लिए 1000 से अधिक राखियां शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी के लिए स्पेशल राखी: आईआईटी की छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तिरंगे वाली खास राखी तैयार की है और उसे अंतिम रूप दे रही हैं. छात्राओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लड़कियों के लिए काफी कुछ किया है, महिलाओं को आगे बढ़ाया है, महिलाओं को बिजनेस का स्टार्टअप कराया, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का थीम दिया और पहलगाम हमले को ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया.

15 अगस्त की सौगात से बढ़ा उत्साह: छात्राओं में इस बात को लेकर और भी खुशी है कि 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी सौगात दी. उन्होंने कहा कि अब आईआईटी और नीट की तैयारी निशुल्क की जा सकेगी. इसके लिए ऑनलाइन और अन्य तरीकों से व्यवस्था होगी और 2 अक्टूबर से इसकी शुरुआत होगी. जिस तरह हम पटवा टोली में वृक्ष वी द चेंज संस्था में रहकर निशुल्क पढ़ाई करते हैं, अब इस सौगात से लाखों छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ मिलेगा. इसलिए इस बार हमने प्रधानमंत्री के लिए तिरंगे वाली खास राखी बनाई है.
सरहद पर तैनात जवानों के लिए भावपूर्ण पहल: आईआईटी की छात्राओं का कहना है कि सरहदों पर तैनात भारतीय सैनिक दिन-रात एक कर हमारी और देश की रक्षा करते हैं. रक्षाबंधन के पर्व पर भी वे अपनी ड्यूटी निभाते हैं और घर नहीं जा पाते. इन सैनिक भाइयों को बहनों के बीच न होने का एहसास न हो, इसलिए हम विशेष राखियां तैयार कर रहे हैं.
देश के जवानों के लिए खास संदेश: छात्राओं ने कहा कि हमारे भारतीय सैनिक भाई देश की रक्षा में दिन-रात जुटे हुए हैं. ऐसे में हम बहनों का भी फर्ज बनता है कि सरहदों पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए बहन होने का फर्ज निभाएं और उन्हें राखियां भेजें. भले ही खून का रिश्ता न हो, वे भाई बनकर हमारी रक्षा करते हैं. हम उन्हें भाई से भी बड़ा समझते हुए राखियां भेजते हैं.
भारतीय सेना के एंबलम वाली राखियां: इस बार छात्राएं भारतीय सेना के प्रतीक एंबलम के साथ विशेष राखियां बना रही हैं. ये राखियां पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश समेत अन्य सरहदों पर तैनात जवानों के लिए भेजी जाएंगी. एंबलम वाली ये राखियां काफी आकर्षक हैं. इनसे जवानों का हौसला बढ़ेगा और उन्हें रक्षाबंधन में घर न जाने या बहनों के बीच न होने का एहसास नहीं होगा. छात्राएं दिन-रात एक कर बारीकी से ये राखियां तैयार कर रही हैं.

क्या कहती है राखी बनाने वाली छात्रा: आईआईटी की तैयारी करने वाली छात्रा शोभा कुमारी बताती हैं, “मैं अन्य छात्राओं के साथ मिलकर पिछले एक हफ्ते से राखी बना रही हूं. हम लोगों के द्वारा भारतीय सैनिकों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राखी तैयार की जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तिरंगे वाली विशेष राखी इस बार पहली दफा बनाई गई है. वहीं, सरहदों पर तैनात भारतीय सैनिकों के लिए भी विशेष राखी तैयार की जा रही है. 1000 से भी अधिक राखियां तैयार हो रही हैं.”
"भारतीय सैनिक भले ही हमारे अपने सगे भाई नहीं हों, लेकिन जो मातृभूमि की रक्षा करते हैं, देश की रक्षा करते हैं, वह सभी के लिए भाई के समान होते हैं. रक्षाबंधन जैसे पर्व में उन्हें अपनी ड्यूटी के दौरान बहनों की कमी या घर पर न होने का कोई दुख हो, इस उद्देश्य से हम लोगों के द्वारा सरहद पर तैनात जवानों के लिए राखियां बनाई जाती हैं और भेजी जाती हैं.”-शोभा कुमारी, छात्रा

रिया कुमारी का अनुभव: आईआईटी की तैयारी कर रही छात्रा रिया कुमारी बताती हैं, “मुझे तब काफी खुशी होती है जब मैं भारतीय सैनिकों के लिए राखी बनाती हूं. हम पटवा टोली में दर्जनों छात्राएं मिलकर भारतीय सैनिकों के लिए विशेष राखियां बना रहे हैं. इस बार भारतीय सेना का प्रतीक एंबलम के साथ राखियां तैयार की जा रही हैं, जो बेहद ही आकर्षक हैं. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तिरंगे वाली खास अनूठी राखी बनाई गई है.
"रक्षाबंधन पर्व को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सैनिकों के लिए राखियां बनाना एक सुखद अनुभूति देता है. हम बहन बनकर इन राखियों को तैयार कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं-बेटियों के लिए काफी कुछ किया है.”- रिया कुमारी, छात्रा

छात्राओं ने इस बार की है खास तैयारी: पटवा टोली में आईआईटी की निशुल्क तैयारी करवाने वाली वृक्ष वी द चेंज संस्था के फाउंडर चंद्रकांत पटवारी बताते हैं, “आईआईटी, जेईई, नीट की तैयारी करने वाली छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए खास राखी तैयार की है. वहीं, सरहदों पर तैनात सैनिकों के लिए 1000 से अधिक राखियां भी तैयार की जा रही हैं. इस बार पीएम मोदी के लिए भी राखी खास है, तो सैनिक भाइयों के लिए भी राखियां खास तौर पर मेहनत कर बना रही हैं. खुद ही अपने हाथों से ये छात्राएं राखियों को बनाने में दिन-रात जुटी हुई हैं.”
"धागों में मोतिया व अन्य चीजों को पिरोकर स्पेशल राखियां तैयार की जा रही हैं. हमारे जो बॉर्डर पर सैनिक तैनात हैं, उन्हें अपनी बहनों की कमी का एहसास ना हो, चूंकि ज्यादातर सैनिक रक्षाबंधन पर्व में भी अपने घरों पर नहीं जा पाते हैं. ऐसे में उन्हें अपनी बहनों के बीच न होने का एहसास ना हो, इसे लेकर आईआईटी पटवा टोली की छात्राएं सरहद पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए विशेष राखियां तैयार करती हैं.”-चंद्रकांत पटवारी, फाउंडर, वृक्ष वी द चेंज

पटवा टोली में शुरू हुई राखी भेजने की तैयारी: सैनिकों के लिए डाक सुविधा के माध्यम से पटवा टोली से राखियां भेजी जाएंगी. इनमें अंडमान-निकोबार, नॉर्थ ईस्ट, वेस्टर्न क्षेत्र के आर्मी कैंप तथा अन्य सरहदों पर तैनात सैनिकों के लिए राखियां भेजी जाएंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पीएमओ ऑफिस को भी पटवा टोली की छात्राओं की बनाई राखी भेजी जाएगी.
बुनकरों की नगरी से इंजीनियरों की भूमि तक: पटवा टोली बुनकरों की नगरी है. यहां 10,000 से अधिक पावरलूम और लगभग 1,000 हैंडलूम हैं. यहां के बुनकर वस्त्र निर्माण करते हैं. इसी नगरी से अब तक 1,000 से अधिक छात्र-छात्राएं इंजीनियर बन चुके हैं और देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. यूएसए, कनाडा, लंदन समेत 18-20 देशों में पटवा टोली के छात्र कामयाब हुए हैं. यहां लगभग हर घर से इंजीनियर हैं. बुनकरों के बच्चे सोच बड़ी रखकर इतिहास रच रहे हैं. वहीं जागरूक बेटियां हर साल सैनिकों और प्रधानमंत्री के लिए राखियां बनाकर अपना फर्ज निभाती हैं.

ये भी पढ़ें-
सबसे पहले किसने किसको बांधा था रक्षासूत्र, जानिए कब है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त?
ये रक्षाबंधन कुछ खास है.. भाई की कलाई पर सजेगी 3.50 लाख की राखी, मार्केट में आई धाकड़ डिजाइन

