ऑक्सीजन सपोर्ट पर लेटे मरीज पर डॉक्टर ने बरसाए मुक्के, IGMC प्रबंधन ने किया सस्पेंड, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन
हिमाचल में सोमवार को IGMC का एक वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया. वीडियो मरीज और डॉक्टर के बीच हुई मारपीट का था.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 22, 2025 at 8:45 PM IST
|Updated : December 22, 2025 at 10:17 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित राज्य के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में इलाज के दौरान एक मामूली विवाद अचानक हिंसक झगड़े में बदल गया. खाली बेड पर लेटने को लेकर शुरू हुई बहस देखते-ही-देखते मरीज और डॉक्टर के बीच हाथापाई में तब्दील हो गई. वार्ड में हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है.
बेड पर लेटने को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, कुपवी (चौपाल) निवासी अर्जुन पंवार IGMC में एंडोस्कोपी करवाने के लिए पहुंचे थे. प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें दूसरे वार्ड में आराम करने को कहा. इसी दौरान मरीज ने चेस्ट OPD में एक खाली बेड देखा और वहां लेट गया. इसी बात को लेकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और मरीज के बीच विवाद शुरू हो गया.
मरीज के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज से बदतमीजी की. जब मरीज ने इसका विरोध किया तो डॉक्टर आपा खो बैठा और मारपीट शुरू कर दी. इस विवाद के दौरान मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर था. वायरल वीडियो में भी डॉक्टर बेड पर लेटे मरीज पर घूंसे बरसाता दिख रहा है. इस दौरान कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन वार्ड में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
आरोपी डॉक्टर ने क्या कहा?
इस पूरे मामले में आरोपी डॉक्टर ने भी अपना पक्ष रखा है. डॉक्टर का कहना है कि मरीज ने उनसे बातचीत के दौरान गालियां दीं, जिससे वह आपा खो बैठे. डॉक्टर ने दावा किया कि मरीज के अपशब्दों के कारण स्थिति बिगड़ी और विवाद हाथापाई तक पहुंच गया. हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है.
वीडियो वायरल होते ही मचा हंगामा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही अस्पताल परिसर में आक्रोश फैल गया. मरीज के परिजन और अन्य लोग अस्पताल में प्रदर्शन करने लगे और आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी व बर्खास्तगी की मांग करने लगे. देर शाम तक IGMC में तनाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक स्तर पर बैठकों का दौर चलता रहा.
डॉक्टर सस्पेंड, जांच के आदेश
IGMC के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राहुल राव ने कहा, "मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आरोपी डॉक्टर राघव नरूला को आगामी आदेशों तक सस्पेंड कर दिया गया है. निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो टर्मिनेशन भी हो सकती है."
स्वास्थ्य मंत्री ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि मरीज के साथ मारपीट की घटना बहुत गंभीर है और सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने साफ किया कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि इससे पहले मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था. जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है.
IGMC में पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है जब IGMC में मरीजों और डॉक्टरों के बीच विवाद हुआ हो. इससे पहले भी बदसलूकी और व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं. इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और व्यवहार व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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