बिहार में दो IAS अधिकारियों को किया गया सस्पेंड, टेंडर हेरा-फेरी मामले में एक्शन
बिहार में बड़ा एक्शन देखने को मिला है. दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. पढ़ें पूरी खबर

Published : May 30, 2026 at 5:20 PM IST
पटना : बिहार में बड़ा एक्शन देखने को मिला है. टेंडर हेरा फेरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच के बाद बिहार सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों पर कार्रवाई की है.
दो IAS अधिकारियों को किया गया सस्पेंड : करोड़ों का नेटवर्क खड़ा करने वाले ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे के बाद सरकार की ओर से एक्शन लिया गया है. 2017 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी योगेश कुमार सागर और 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की गई है. उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है.

निदेशक के पद पर दोनों हैं तैनात : योगेश कुमार सागर समाज कल्याण विभाग में निदेशक के पद पर तैनात हैं. वहीं अभिलाषा कुमारी शर्मा जीविका परियोजना की निदेशक हैं. ठेकेदार रिशु श्री की जांच में जैसे-जैसे खुलासे हो रहे हैं हड़कंप मचा हुआ है.
टेंडर हेरा-फेरी करने के मामले में एक्शन : दोनों अधिकारियों पर रिशु श्री मामले में टेंडर हेरा फेरी करने, मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामले में अनियमित और मिली भगत के आरोप पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई है. दोनों अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने भी पुष्टि कर दी है.

ED जांच में हुआ है खुलासा : ईडी की जांच में रिशु श्री ने अधिकारियों को जो जानकारी दी है उसमें साफ है कि अधिकारियों की मिली भगत से ही रिशु श्री ने एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है. दोनों आईएएस अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों को महंगे उपहार और विदेश का ट्रिप इंतजाम किया, जिस पर लाखों खर्च किया गया.
पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा : ईडी जांच में विदेश यात्राओं, रियल एस्टेट निवेश और करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज सामने आए हैं. जांच एजेंसियां रिशु श्री के मामले के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है. अब तक जो सबूत मिले हैं उसके आधार पर सरकार की तरफ से यह बड़ी कार्रवाई की गई है.
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