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'मुझे मार देंगे तो भी बांग्लादेश जाऊंगी, किसी छात्र मूवमेंट ने मुझे नहीं हटाया था', बोलीं शेख हसीना

भारत के पड़ोस में एक और पाकिस्तान हो रहा तैयार, शेख हसीना ने किया सवाधान.

Sheikh Hasina
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : August 5, 2026 at 8:40 PM IST

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Updated : August 5, 2026 at 8:59 PM IST

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नई दिल्ली : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को कहा कि वह दिसंबर में घर लौटेंगी. उन्होंने बांग्लादेश में "लोकतंत्र और न्याय बहाल करने" के लिए गिरफ्तारी या मौत की सजा का जोखिम उठाने का वादा किया.

5 अगस्त, 2024 को भारत आने के बाद मीडिया के साथ अपनी पहली सार्वजनिक बातचीत में, हसीना ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही.उन्होंने कहा, "मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि की राह पर वापस लाने के लिए है."

उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार सकते हैं." और आगे कहा, "मैं अपने लोगों के साथ रहने के लिए घर वापस जाऊंगी."ढाका से भागने के बाद से 78 वर्षीय हसीना भारत में रह रही हैं.

उन्होंने जोर देकर कहा, "मैंने जाने का फैसला किया है और मैं बांग्लादेश जाऊंगी."पिछले साल नवंबर में, ढाका की एक स्पेशल ट्रिब्यूनल ने हसीना को उनकी सरकार द्वारा 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर की गई बेरहम कार्रवाई के लिए "मानवता के खिलाफ अपराध" के आरोप में उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी.

उस फैसले के बाद से, ढाका नई दिल्ली से उन्हें कानून का सामना करने के लिए वापस भेजने की मांग कर रहा है.बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने हमेशा बांग्लादेश के साथ खड़े रहने के लिए भारत की तारीफ भी की.उन्होंने कहा, "भारत हमेशा से बांग्लादेश का बहुत अच्छा दोस्त रहा है."हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में हालात बहुत चिंताजनक हैं.

उन्होंने कहा, "घरों, काम की जगहों और शिक्षण संस्थानों में डर का माहौल है. यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था. मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करती हूं कि वे लोकतंत्र और न्याय के लिए बांग्लादेश के लोगों के संघर्ष में उनके साथ खड़े हों."

हसीना ने आरोप लगाया कि जुलाई और अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए विरोध-प्रदर्शन, जिनकी वजह से उनकी सरकार गिर गई, कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं थे. उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित समूहों ने इस आंदोलन को एक हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने का काम किया.

उन्होंने कहा, "मुझे अपने देश से दूर जाने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन मैं अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुई हूं."हसीना के बेटे साजीब वाजेद जॉय ने दावा किया कि अगस्त 2024 से बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याओं को कानूनी मान्यता मिल गई है.

उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश एक 'फेल्ड स्टेट' (विफल देश) बन चुका है और वहां कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है.उन्होंने आरोप लगाया कि नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान बन गया है.

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Last Updated : August 5, 2026 at 8:59 PM IST