पवन कल्याण को हैदराबाद में बैठक करने की अनुमति नहीं, आखिर साइबराबाद पुलिस को किस बात का था डर?
हैदराबाद पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर गचीबोवली में होने वाली पवन कल्याण की पार्टी की बड़ी बैठक पर रोक लगा दी है.


Published : June 1, 2026 at 10:39 PM IST
हैदराबाद: जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण की महत्वाकांक्षी बैठक 'तेलंगाना नव निर्माण संकल्प सभा - जनसेना साधक सम्मेलनम' को साइबराबाद पुलिस ने आखिरी वक्त पर सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रोक दिया है. पवन कल्याण मंगलवार 2 जून को तेलंगाना स्थापना दिवस के मौके पर आईटी हब गचीबोवली में अपने कार्यकर्ताओं के साथ यह बड़ी बैठक करने वाले थे. यह विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है.
मिली जानकारी के अनुसार जनसेना पार्टी के महासचिव तल्लूरी राम ने इस बैठक को आयोजित करने की अनुमति के लिए पुलिस में एक आवेदन दिया था. पार्टी ने इस आंतरिक बैठक को 2 जून को दोपहर 3:00 बजे से रात 9:00 बजे तक आयोजित करने की योजना बनाई थी, जिसमें लगभग 2,000 प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद थी. इस अनुरोध की समीक्षा करने के बाद, सेरिलिंगमपल्ली ज़ोन के डीसीपी श्रीनिवास ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए कहा कि बैठक की अनुमति नहीं दी जा सकती.
पुलिस ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि प्रोफेसर के. नागेश्वर द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर आंध्र प्रदेश में दर्ज मुकदमों के कारण तेलंगाना में तनाव पैदा हो गया है. इसके अलावा, उन्होंने नोट किया कि आंध्र प्रदेश के कुछ राजनेताओं के बयानों से तेलंगाना के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. नतीजतन, उन्होंने संकेत दिया कि राज्य भर में विरोध प्रदर्शन और जवाबी आंदोलन भड़कने की आशंका है.
डीसीपी ने कहा कि चूंकि यह बैठक तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस के जश्न के समय ही होने वाली है, इसलिए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनों और ट्रैफिक जाम की संभावना है. उन्होंने आगे कहा कि इन परिस्थितियों में बैठक आयोजित करने से सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है. इसके अलावा, कार्यक्रम स्थल के प्रबंधन (मैनेजमेंट) ने पुष्टि की है कि वहां आने वाले करीब 2,000 लोगों के वाहनों के लिए पार्किंग की जगह कम है.
दूसरी ओर, पार्टी नेता महेंद्र रेड्डी ने साफ किया कि यह कोई सार्वजनिक रैली नहीं बल्कि सिर्फ एक आंतरिक (इंटरनल) बैठक है. उन्होंने अनुमति लेने की जरूरत पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि चूंकि यह केवल एक मीटिंग है, इसलिए पुलिस को सिर्फ सूचित कर देना ही काफी होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी ठोस कारण के अनुमति देने से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि इसी वजह से अब पार्टी ने जरूरी मंजूरी लेने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है.
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