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डॉक्टर ने घर को बनाया 'टेरर लेबोरेटरी', गुजरात ATS ने की राइसिन जहर बनाने की साजिश नाकाम

एटीएस ने ISIS के तीन समर्थकों को राइसिन बनाने और भारत में हथियारों की तस्करी की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

Hyderabad
गुजरात ATS ने राइसिन जहर बनाने की साजिश नाकाम की (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 10, 2025 at 1:17 PM IST

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Updated : November 10, 2025 at 8:04 PM IST

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हैदराबाद: गुजरात एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक चौंकाने वाले खुलासे में हैदराबाद से जुड़ी एक और आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. एक स्थानीय डॉक्टर ने जान बचाने के बजाय कथित तौर पर अपने घर को राइसिन जहर बनाने की प्रयोगशाला में बदल दिया. राइसिन एक बेहद जहरीला रसायन है जिसे साइनाइड से भी ज़्यादा घातक बताया जाता है.

एटीएस ने ISIS के तीन समर्थकों को राइसिन बनाने और भारत में हथियारों की तस्करी की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए लोगों में हैदराबाद के डॉ अहमद मोहिउद्दीन सैयद, उत्तर प्रदेश के आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल सलीम खान हैं. अधिकारियों ने उनके पास से बंदूकें और रासायनिक पदार्थ भी जब्त किए.

हथियारों की सप्लाई में शामिल
एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार आरोपी लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाकर जासूसी कर रहे थे. एटीएस ने कहा कि सुलेमान और सलीम खान पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई में शामिल थे, जबकि तीनों ने राइसिन का इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की साजिश रची थी. तीनों को अहमदाबाद के पास अदालज टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के दौरान आतंकी संबंध का पता चला.

हैदराबाद का एक डॉक्टर इस साजिश के केंद्र में है. जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि राजेंद्रनगर के फोर्टव्यू कॉलोनी स्थित असद मंजिल निवासी डॉ अहमद मोहिउद्दीन सैयद इस साजिश का मुख्य आरोपी था. एक मेडिकल पेशेवर होने के बावजूद मोहिउद्दीन अकेले रहता था और कथित तौर पर असामान्य व्यवहार करता था.

ऑनलाइन केमिकल मंगवाता था डॉक्टर
वह अक्सर ऑनलाइन केमिकल मंगवाता था और अपने कमरे में गुप्त प्रयोग करता था. उसकी गतिविधियों पर शक करने वाले परिवार के सदस्यों ने कई बार उससे पूछताछ की, लेकिन उसने कथित तौर पर दावा किया कि वह व्यावसायिक उपयोग के लिए एक मूल्यवान केमिकल पर काम कर रहा था.समय के साथ पुलिस का मानना ​​है कि वह ऑनलाइन चरमपंथी समूहों के माध्यम से कट्टरपंथी बना और एन्क्रिप्टेड ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ISIS समर्थकों के साथ संबंध विकसित किए.

वह कोलकाता, अहमदाबाद और मुंबई सहित प्रमुख शहरों की अक्सर यात्रा करता था और हाल ही में अहमदाबाद पहुंचने से पहले हैदराबाद से कोलकाता तक गाड़ी चलाकर गया था, जहां अंततः उसे पकड़ लिया गया.

स्थानीय पुलिस सतर्क
उसकी गिरफ्तारी के बाद गुजरात पुलिस ने कोर्डिनेशन के लिए हैदराबाद स्थित अपने समकक्षों से संपर्क किया. स्थानीय पुलिस अब शहर में किसी भी आतंकवादी संबंध की पहचान करने के लिए उसकी गतिविधियों, सामाजिक संबंधों और डिजिटल संचार इतिहास की जांच कर रही है. गुजरात एटीएस के अधिकारी सोमवार को चल रही जाँच के तहत उसके आवास की तलाशी ले सकते हैं.

हैदराबाद में सुरक्षा कड़ी
इस घटना ने पूरी राजधानी में खलबली मचा दी है. यह घटनाक्रम हाल ही में विजयनगरम में उजागर हुई एक आतंकवादी साजिश के बाद हुआ है, जिसे बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया था. उस मामले में लालागुडा के समीर को आतंकवादी गुर्गों से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

डॉ मोहिउद्दीन की गिरफ्तारी के साथ पुलिस एक बार फिर हाई अलर्ट पर है, क्योंकि खुफिया एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि क्या हैदराबाद कई राज्यों में आतंकवादी साजिशों में शामिल कट्टरपंथी समर्थकों का केंद्र बन रहा है.

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Last Updated : November 10, 2025 at 8:04 PM IST