ETV Bharat / bharat

दिल्ली में हरित क्रांति: गृहमंत्री ने मानसून में किया वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ, 70 लाख पौधे लगाने का संकल्प

गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली की पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए यह अभियान एक मील का पत्थर साबित होगा. पढ़ें पूरी खबर..

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया वृक्षारोपण
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया वृक्षारोपण (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Delhi Team

Published : July 7, 2026 at 1:24 PM IST

|

Updated : July 7, 2026 at 4:21 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

नई दिल्ली: दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाने की दिशा में मंगलवार को एक अहम शुरुआत हुई. दिल्ली के सेंट्रल रिज और नानकपुरा स्थित रिज क्षेत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कर 'रिज फॉरेस्ट रेस्टोरेशन प्रोग्राम' (Ridge Forest Restoration Programme) का विधिवत शुभारंभ किया. इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली सरकार के अन्य कैबिनेट मंत्री भी विशेष रूप से उपस्थित रहे.

जनभागीदारी से बनेगा 'ग्रीन दिल्ली' का सपना: इस मेगा वृक्षारोपण अभियान का मुख्य लक्ष्य दिल्ली में 70 लाख नए पौधे लगाना है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए यह अभियान एक मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने बल देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक व्यापक आंदोलन बन चुका है. गृह मंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे न केवल पौधे लगाएं, बल्कि उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाएं.

मुख्यमंत्री ने पोर्टल के जरिए दी नई गति: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में लॉन्च किए गए 'ग्रीन ड्राइव पोर्टल' का उल्लेख करते हुए बताया कि राजधानी को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य सिर्फ 70 लाख पौधे लगाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को 'पर्यावरण रक्षक' के रूप में जोड़ना है." मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार के 'वृक्ष रथ' के माध्यम से अब आम जनता, आरडब्ल्यूए और शिक्षण संस्थानों को घर बैठे निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं. कुल बजट का 22 फीसद हिस्सा ग्रीन बजट पर खर्च करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री द्वारा ऑक्सीजन पार्क की परिकल्पना को साकार करने की जानकारी दी.

रिज क्षेत्र का होगा कायाकल्प: वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि रिज का संरक्षण दिल्ली के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है. इस कार्यक्रम के तहत त्रि-स्तरीय वन संरचना विकसित की जा रही है, जिससे दिल्ली की जैव-विविधता और कार्बन सोखने की क्षमता में वृद्धि होगी. कार्यक्रम में पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन और जामुन जैसे देशी और दीर्घकालिक वृक्षों को प्राथमिकता दी जा रही है. साथ ही, दिल्ली के विभिन्न कोनों में 100 ऑक्सीजन पार्क विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है.

300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी: दिल्ली में आधुनिक परिवहन और हरित ऊर्जा का समन्वय वृक्षारोपण के साथ-साथ दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को भी हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया. इस अवसर पर शहर में 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. यह पहल न केवल सार्वजनिक परिवहन को सुगम बनाएगी, बल्कि दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी. यह अभियान दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा, जिसमें हर वार्ड और हर मोहल्ले की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाएगी. कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों और 'दिल्ली ग्रीन वॉरियर्स' के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से राजधानी एक स्वच्छ भविष्य की ओर अग्रसर है.

आने वाले चार वर्षों में लगभग 6,303 हेक्टेयर रिज क्षेत्र में बढ़ेगी हरियाली

इस अभियान के तहत दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल हरित क्षेत्र बढ़ाना नहीं, बल्कि राजधानी की पारिस्थितिकी को वैज्ञानिक आधार पर पुनर्जीवित करना है. आने वाले चार वर्षों में लगभग 6,303 हेक्टेयर रिज क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा, जिनमें लगभग 35 लाख से अधिक देशी वृक्ष और 65 लाख से अधिक झाड़ियां, बांस एवं बेल आदि शामिल होंगी. यह किसी भी महानगर में संचालित होने वाले सबसे बड़े वैज्ञानिक पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन अभियानों में से एक होगा. लगभग 1,490 हेक्टेयर क्षेत्र में 28 लाख से अधिक पौधे, झाड़ियां और बांस लगाए जा रहे हैं, जिनके लिए सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां, कार्यादेश और स्थल तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली गई हैं.

इस अभियान में सामान्य वृक्षारोपण के स्थान पर वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जा रही है, जिसके अंतर्गत तीन-स्तरीय वन संरचना विकसित की जाएगी. इसमें पीपल, बरगद, गूलर और पिलखन जैसे की-स्टोन प्रजाति के वृक्ष, नीम, अर्जुन, जामुन, शीशम और ढाक जैसे मध्य स्तरीय देशी वृक्ष और स्थानीय झाड़ियां एवं बांस लगाए जाएंगे, जिससे जैव विविधता, कार्बन अवशोषण तथा प्राकृतिक पुनर्जनन को बढ़ावा मिलेगा.

पंचवटी वन, ऋषि वन,नक्षत्र वन आदि बनेंगे

रिज क्षेत्रों में आठ नए जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भूजल पुनर्भरण, मिट्टी की नमी और वनस्पतियों के दीर्घकालिक संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरणीय शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंचवटी वन, नक्षत्र वन, बेल वन, ऋतु वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, वामन वृक्ष वन और कुरानी वाटिका सहित आठ थीम आधारित वनों का विकास किया जा रहा है. आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग करते हुए प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और नियमित फील्ड निरीक्षण किया जाएगा ताकि लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके.

यह भी पढ़ें-

दिल्ली के 5,633 स्कूलों में 25 दिनों में ‘बाल संरक्षण समितियों’ का होगा गठन

CM रेखा गुप्ता ने मिशन कायाकल्प सहित कांवड़ यात्रा तैयारियों को लेकर की समीक्षा बैठक, कहा- सभी व्यवस्थाएं करें सुनिश्चित

Last Updated : July 7, 2026 at 4:21 PM IST