अमित शाह की नक्सल महिलाओं से भावुक अपील, बंदूक छोड़िए, मुख्यधारा में लौटिए,हमने बिछाए हैं रेड कारपेट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर के भटके हुए युवक युवतियों से खास अपील की है. पढ़िए पूरी रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 8, 2026 at 8:47 PM IST
रायपुर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए एक बड़ा और मानवीय संदेश दिया है. रायपुर में आयोजित एक विशेष कॉन्क्लेव के दौरान शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर भी गोली चलाना नहीं चाहती. उन्होंने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की पुरजोर अपील की. गृहमंत्री ने घोषणा की कि जो भी माओवादी हथियार डालकर आत्मसमर्पण करेंगे, सरकार उनके स्वागत के लिए 'रेड कारपेट' बिछाएगी और उनके पुनर्वास के लिए हर संभव मदद करेगी.
हाथ जोड़कर अमित शाह ने की विनती
अपने संबोधन में अमित शाह उस वक्त बेहद भावुक नजर आए जब उन्होंने हथियार उठाने वाली युवतियों का जिक्र किया. उन्होंने हाथ जोड़कर विनती करते हुए कहा, "जो बच्चियां हाथ में बंदूक लेकर खड़ी हैं, मैं उनसे विशेष रूप से प्रार्थना करता हूं कि अब आप जरूर सरेंडर कर जाइए. हिंसा की इस राह में कुछ नहीं रखा है. आपके लिए आगे बहुत अच्छा और गरिमामय जीवन राह देख रहा है. शाह ने आश्वासन दिया कि सरकार इन बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ समाज में फिर से स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
"विकास की राह का रोड़ा है माओवादी विचारधारा"
गृहमंत्री ने नक्सलवाद पर कड़े प्रहार करते हुए कहा कि साढ़े चार दशकों से माओवादी विचारधारा विकास के मार्ग पर 'नाग की तरह फन फैलाकर' बैठे हैं, जिसके कारण बस्तर और आसपास के क्षेत्र पिछड़ गए. उन्होंने कहा कि माओवादियों ने जानबूझकर प्राथमिक स्कूलों को जलाया ताकि दो नई पीढ़ियां अनपढ़ रह जाएं और उन्हें आसानी से गुमराह किया जा सके.
पीएससी और स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करना आदिवासियों का भला नहीं, बल्कि उनके अधिकारों का हनन है. अब इन क्षेत्रों में बैंक खाते, राशन कार्ड और पक्के घरों का निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का होगा पूर्ण सफ़ाया
देश की सुरक्षा रणनीति साझा करते हुए अमित शाह ने एक ऐतिहासिक डेडलाइन तय की है. उन्होंने कहा कि देश का 90 प्रतिशत क्षेत्र पहले ही नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और अब 31 मार्च 2026 के पहले पूरे भारत से माओवाद की समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया है. उन्होंने कम्युनिस्ट विचारधारा को 'विनाश की द्योतक' बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में अब ये लोग सिमट चुके हैं और इन्हें दूरबीन लेकर ढूंढना पड़ता है. त्रिपुरा और बंगाल के बाद अब केरल में भी इस विचारधारा का सूर्य अस्त होने वाला है.
विकसित छत्तीसगढ़, 2047 के विकसित भारत का अग्रदूत
गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ को प्रभु श्री राम का ननिहाल बताते हुए इसे पूरे देश के लिए 'शुभंकर' करार दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने का सपना छत्तीसगढ़ के योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता. उन्होंने प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर छत्तीसगढ़ को न केवल लाल आतंक से मुक्त करेंगे, बल्कि इसे विकास के मामले में देश का नंबर-1 राज्य बनाएंगे. 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई योजना और नई रेल लाइनों का बिछना इसी दिशा में उठाए गए बड़े कदम हैं.

