हिमाचल में मरीज के साथ मारपीट करने वाले डॉक्टर पर गिरी गाज, सरकार ने समाप्त की सेवाएं
हिमाचल में मरीज के साथ मारपीट करने वाले डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई हुई है. प्रदेश सरकार ने डॉक्टर की सेवाएं समाप्त कर दी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 24, 2025 at 10:17 PM IST
|Updated : December 25, 2025 at 6:55 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में मरीज से मारपीट के मामले में प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. इस मामले में निलंबित किए गए सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरुला की सेवाएं अब समाप्त कर दी गई हैं. चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ने जांच पूरी होने के बाद आदेश जारी कर डॉक्टर की सेवा समाप्ति की पुष्टि की है. यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सख्त रुख के बाद हुई है.

CM ने 24 घंटे में कार्रवाई के दिए थे निर्देश
मामला तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे. उन्होंने मंगलवार (23 दिसंबर) को स्वास्थ्य विभाग, IGMC प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली थी. मुख्यमंत्री ने साफ कहा था कि किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा था कि डॉक्टर जैसे पेशे में संयम और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है. इस तरह की घटनाएं न सिर्फ मरीजों का भरोसा तोड़ती हैं, बल्कि पूरे संस्थान की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं. उन्होंने सीनियर रेजिडेंसी के लिए आने वाले डॉक्टरों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए थे.

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि यह घटना 22 दिसंबर की है. चौपाल क्षेत्र के कुपवी निवासी अर्जुन पंवार एंडोस्कोपी के लिए IGMC पहुंचे थे. प्रक्रिया के बाद उन्हें दूसरे वार्ड में आराम करने को कहा गया, लेकिन वे चेस्ट ओपीडी में एक खाली बेड पर लेट गए. इसी बात को लेकर ड्यूटी पर तैनात सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरुला और मरीज के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई.
मरीज के परिजनों का आरोप, डॉक्टर का पक्ष
मरीज पक्ष का आरोप है कि ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद मरीज के साथ डॉक्टर ने बदसलूकी की और मारपीट की. वहीं, डॉक्टर का कहना था कि मरीज ने पहले गाली-गलौज और हाथापाई की. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही अस्पताल में हंगामा मच गया था.
पहले निलंबन, अब सेवा समाप्ति
घटना की गंभीरता को देखते हुए IGMC प्रशासन ने पहले डॉक्टर को निलंबित कर जांच समिति गठित की थी. जांच रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने डॉक्टर की सेवाएं समाप्त करने का फैसला लिया है.
यह मामला हिमाचल में स्वास्थ्य संस्थानों में अनुशासन और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर एक कड़ा संदेश माना जा रहा है.
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