न फाइनेंस कमीशन ने सुनी, न निर्मला सीतारमण को आया तरस, अब RDG पर पीएम मोदी को पुकार रहा उनका दूसरा घर
हिमाचल प्रदेश सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी पीड़ा व आक्रोश पहुंचाना चाहती है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 9, 2026 at 3:09 PM IST
शिमला: सोलहवें वित्त आयोग ने राज्यों के लिए रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट का प्रावधान खत्म कर दिया है. इसका सबसे अधिक असर हिमाचल प्रदेश पर आया है. पिछले फाइनेंस कमीशन की सिफारिश पर हिमाचल को जो रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट मिली थी, उसकी सालाना औसतन रकम राज्य के बजट आकार का करीब 12.71 फीसदी थी. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू व उनकी सरकार ने पुरजोर कोशिश की थी कि फाइनेंस कमीशन हिमाचल की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उदार आरडीजी की सिफारिश करे, लेकिन इस ग्रांट का सारा खेल ही खत्म हो गया.
अब आलम ये है कि हिमाचल प्रदेश सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी पीड़ा व आक्रोश पहुंचाना चाहती है. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि, "इस मामले में न तो फाइनेंस कमीशन के हाथ में कुछ रहा और न ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ कर पाई हैं. अब ये मुद्दा पीएम नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाया जाएगा."

पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर कहते हैं. भाजपा में संगठन का काम करने के दौरान वे हिमाचल भाजपा के प्रभारी रहे हैं. उन्होंने हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर यहां के बारे में बहुत गहराई से अध्ययन किया है. पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल की दिक्कतों से भली-भांति परिचित हैं. अपने गठन के बाद से बेशक हिमाचल प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में तरक्की की है, लेकिन छोटा पहाड़ी राज्य कभी भी अपने बूते आर्थिक रूप से खड़ा होने में सक्षम नहीं रहा है. इसके कई कारण हैं. यहां का कठिन भौगोलिक वातावरण, दुर्गम इलाके, कुल 66 फीसदी वन क्षेत्र, बिजली परियोजनाओं की रायल्टी में विवाद, बीबीएमबी का एरियर न मिलना, शानन प्रोजेक्ट का स्वामित्व का मामला, राज्य में बहने वाली नदियों के पानी पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से अपेक्षाकृत कम लाभ आदि हैं.
वित्त मंत्री से मिल लिए, अब पीएम की बारी
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि, भाजपा के नेता ये कह रहे हैं कि वो हमारे नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलने को तैयार हैं, उन्हें ये समझना चाहिए कि ये मसला अब पीएम नरेंद्र मोदी के समक्ष ही उठाया जा सकता है. सीएम ने कहा कि वे चार बार वित्त मंत्री से मिल चुके हैं. ये फैसला अब वित्त मंत्री के हाथ में नहीं है. अब इस पर पीएम ही फैसला करेंगे.
सीएम ने भाजपा नेताओं से कहा है कि, वे पीएम मोदी से समय लें और वे उनके साथ चलने को तैयार हैं. सीएम ने भाजपा नेताओं से पीएम से समय लेने की बात कही है. खैर, ये अभी चर्चा का विषय है और राज्य सरकार हक की लड़ाई को कोर्ट तक ले जाने की बात भी कह रही है, लेकिन अभी हिमाचल को पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से घोषित डेढ़ हजार करोड़ रुपए का रिलीफ पैकेज भी नहीं मिला है. पीएम ने हिमाचल में आपदा प्रभावितों के लिए ये पैकेज घोषित किया था.
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