ETV Bharat / bharat

हिमाचल के CM ने कहा- राजीव गांधी को जाना चाहिए राम मंदिर का पहला श्रेय, चढ़ावे में गड़बड़ी पैसे नहीं आस्था की चोरी, BJP का पलटवार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर हिमाचल में सियासत तेज. CM सुक्खू के आरोपों पर BJP ने कहा- '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली.'

Congress BJP on Ram Mandir Chanda Chori Case
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 7, 2026 at 2:57 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर अब हिमाचल प्रदेश में भी सियासत तेज़ हो गई है. मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ शिमला के राम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम के दर्शन किए और कीर्तन में भी हिस्सा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजेश धर्माणी, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह मौजूद रहे. इस मौके पर हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और शिमला शहरी विधायक हरीश जनार्था भी मंदिर पहुंचे. मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राम के नाम पर चंदा चोरी करने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें. उन्होंने कहा कि ये पैसे नहीं आस्था की चोरी है. उन्होंने कहा कि अपनी भावना और नियत को साफ करने की जरूरत.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, "मैं राम मंदिर की स्थापना के समय विधायक थे. हमने भी अपनी श्रद्धा के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर पूरे देश में आधे दिन की छुट्टी थी, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरे दिन का अवकाश घोषित किया था. हमारी सरकार भगवान श्रीराम से मिली प्रेरणा के अनुरूप काम करने का प्रयास कर रही है. हिंदू संस्कृति सबके सम्मान और सभी को साथ लेकर चलने की सीख देती है. इसी संस्कृति के कारण इस देश में बौद्ध, जैन और सिख धर्म का उदय हुआ. जो राम के सच्चे भक्त हैं, वे राम के नाम पर राजनीति नहीं करते और लोगों ने अपनी आस्था के अनुसार गहने और धन इसलिए दान किया ताकि भगवान राम के आदर्शों को अपनाया जा सके."

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत (ETV Bharat)

'राजीव गांधी को जाना चाहिए राम मंदिर का पहला श्रेय'

CM सुक्खू ने कहा कि, "यह केवल पैसे की चोरी नहीं बल्कि आस्था की चोरी है. मंत्रिमंडल ने तय किया कि भगवान श्रीराम के चरणों में जाकर प्रार्थना करेंगे कि राम के नाम पर राजनीतिक चंदा इकट्ठा करने वालों और राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों को भगवान सद्बुद्धि दें. एसआईटी जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना काम करता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मन की भावना का सही होना है. राम मंदिर बनाने का पहला श्रेय राजीव गांधी को दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने बाबरी मस्जिद का दरवाज़ा खुलवाया था. हमारा मंत्रिमंडल हिंदू संस्कृति में विश्वास रखने वाला है और सभी धर्मों का समान सम्मान करता है."

अपनी भावन और नियत साफ करे भाजपा

हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वे भी भगवान राम की उतनी ही श्रद्धा से पूजा करते हैं और पहले से उनके बताए ईमानदारी के मार्ग पर चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने आदर्शों पर आत्ममंथन करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार राम राज्य की भावना के अनुरूप ऐसी योजनाएं लागू कर रही है जिनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंच रहा है. सीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास मुद्दों की कमी है, इसलिए इस तरह की बयानबाज़ी की जा रही है. मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि उन्होंने स्वयं राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था और प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर हिमाचल प्रदेश में पूरे दिन की छुट्टी घोषित कर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया था. साथ ही उन्होंने भाजपा को अपनी भावना और नियत साफ रखने की नसीहत भी दी.

वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर हिमाचल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि, "कांग्रेस पर यह कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती है कि100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली. जिस कांग्रेस ने दशकों तक तुष्टीकरण की राजनीति की, श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का लगातार विरोध किया और न्यायालय में भी मंदिर निर्माण रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए. वही, पार्टी आज भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम का प्रदर्शन कर रही है."

ये भी पढ़ें: हे रघुनंदन, हम शर्मिंदा हैं, आपके नाम पर सत्ता भोगने वाले आज भी जिंदा हैं - विक्रमादित्य सिंह

ये भी पढ़ें: जब स्कॉटलैंड में विशाल बत्रा से पूछा गया, क्या आप विक्रम बत्रा जी को जानते हैं, जानिए भारत मां के परमवीर से जुड़े अद्भुत किस्से