ETV Bharat / bharat

सेब सीजन की धमाकेदार शुरुआत! फसल आधी होने के बावजूद घर बैठे मिल रहे ₹2000 प्रति पेटी दाम, जानिए क्यों?

सेब उत्पादन में भारी गिरावट के बावजूद बागवानों की बल्ले-बल्ले. कम फसल ने बढ़ाई मांग, कारोबारी बगीचों में कर रहे सौदे. रश्मिराज भारद्वाज की रिपोर्ट.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION PRICE
हिमाचल में सेब के दाम 2200 रुपए पेटी (ETV Bharat GFX)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 7, 2026 at 6:10 PM IST

7 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस बार सेब सीजन ने एक अलग ही तस्वीर पेश की है. मौसम की मार ने बागवानों की उम्मीदों पर गहरी चोट करते हुए सेब उत्पादन में भारी गिरावट ला दी है. वहीं, कम फसल ने बाजार में सेब की मांग इतनी बढ़ा दी है कि स्थानीय स्तर पर सेब कारोबारी सीधे बगीचों में पहुंचकर सौदे कर रहे हैं. कई इलाकों में पेड़ों पर लगी फसल का अनुमान लगाकर ही ठेकेदार लाखों रुपए का भुगतान कर रहे हैं और तुड़ान से लेकर ग्रेडिंग, पैकिंग और मंडी तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी खुद उठा रहे हैं. इससे बागवानों को बेहतर दाम मिलने से परिवहन, मजदूरी और पैकिंग जैसी परेशानियों से भी राहत मिली है.

सेब उत्पादन 2,18,35,350 पेटियों रहने का अनुमान

वहीं, बहुत सी जगहों पर ठेकेदार पेटी की बोली लगाकर घर पर ही बागवानों से सेब खरीद रहे हैं. कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में टाइडमैन वैरायटी की आमद शुरू होते ही बाजार में अच्छी कीमतें मिलने लगी हैं, जिससे सीमित उत्पादन के बावजूद किसानों के चेहरों पर संतोष दिखाई दे रहा है. बागवानी विभाग के आकलन के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए हिमाचल में सेब उत्पादन 2,18,35,350 पेटियों रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 3,49,93,800 पेटियों के उत्पादन की तुलना में 1,31,58,450 पेटियों की भारी कमी दर्शाता है. उत्पादन में आई यह गिरावट मुख्य रूप से प्रतिकूल मौसम के कारण मानी जा रही है.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
इस सीजन सेब उत्पादन का अनुमान (ETV Bharat GFX)

2,000-2,200 रुपए में बिक रही सेब की एक पेटी

हिमाचल प्रदेश के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब सीजन शुरू हो चुका है और प्रदेशभर की मंडियों में अर्ली वैरायटी का टाइडमैन पहुंचने लगा है. हालांकि, फसल कम है, लेकिन अच्छी मांग के चलते बागवानों को पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर दाम मिल रहे हैं. कई स्थानों पर 20 किलो की एक पेटी के 2000 से 2200 रुपए तक कीमत मिल रही है.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
₹2000 प्रति पेटी सेब के दाम (ETV Bharat)

बगीचे में ही सेब खरीद रहे ठेकेदार

मंडी जिले के करसोग क्षेत्र में सेब कारोबार से जुड़े ठेकेदार सीधे बगीचों में पहुंचकर खड़ी फसल का आकलन कर रहे हैं और उसी आधार पर बागवानों को भुगतान कर रहे हैं. इसके बाद तुड़ान, ग्रेडिंग, पैकिंग और मंडियों तक सेब पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी कारोबारी स्वयं निभा रहे हैं. यही स्थिति प्रदेश के अन्य कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी देखने को मिल रही है, जहां व्यापारी सीधे बगीचों में जाकर सौदे कर रहे हैं. मंडी जिला, जहां अधिकांश सेब बाग कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित हैं, वहां इस वर्ष 22,83,300 पेटियों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
सेब उत्पादन में भारी गिरावट (ETV Bharat)

कम फसल से अनुमान लगाना भी चुनौतीपूर्ण

सेब कारोबारी कांशीराम का कहना है, "इस बार मौसम ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उत्पादन बहुत कम हुआ है. कम फसल के कारण बगीचों में जाकर खड़ी फसल का सही अनुमान लगाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है, फिर भी बागवानों से सीधे खरीद की जा रही है."

मंडी तक सेब पहुंचाने की चिंता से छुटकारा

वहीं, माहूंनाग के बागवान छयाल सिंह चौहान ने बताया, "इस बार सेब की पैदावार बेहद कम है. अभी टाइडमैन वैरायटी का पहला तुड़ान किया, जिसे कारोबारी ने घर पहुंचकर ही 2000 रुपए प्रति पेटी के हिसाब से खरीद लिया. इससे मंडी तक सेब पहुंचाने की चिंता और अतिरिक्त खर्च दोनों से राहत मिली है."

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
सेब सीजन की धमाकेदार शुरुआत (ETV Bharat GFX)

हिमाचल में 2 करोड़ 18 लाख पेटियां का अनुमान

बागवानी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष हिमाचल में इस बार कुल 2 करोड़ 18 लाख 35 हजार 350 पेटियां सेब उत्पादन होने की संभावना जताई गई है. सबसे अधिक उत्पादन की उम्मीद एक बार फिर शिमला जिला से है, जहां 1 करोड़ 15 लाख 49 हजार 500 पेटियां सेब पैदा होने का आकलन किया गया है. प्रदेश के कुल अनुमानित उत्पादन का बड़ा हिस्सा अकेले शिमला जिले से आने की संभावना है. रिपोर्ट के अनुसार कुल्लू जिले में इस बार 37 लाख 60 हजार 500 पेटियां सेब उत्पादन होने का अनुमान है. वहीं, किन्नौर में उत्पादन 28 लाख 18 हजार पेटियां रह सकता है.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
सेब उत्पादन 2 करोड़ 18 लाख पेटी रहने का अनुमान (ETV Bharat)

मंडी जिले से प्राप्त फील्ड रिपोर्ट के अनुसार, यहां 22 लाख 83 हजार 300 पेटियां सेब उत्पादन होने की संभावना है. इसके अलावा चंबा जिले में 10 लाख 16 हजार 900 पेटियां सेब उत्पादन का आकलन किया गया है. सिरमौर जिले में 2 लाख 67 हजार पेटियां सेब पैदा हो सकता है. वहीं, लाहौल-स्पीति में 1 लाख 9 हजार 200 पेटियां उत्पादन रहने की संभावना है. अन्य जिलों में कांगड़ा से 13 हजार 450 पेटियां, सोलन से 15 हजार 300 पेटियां, बिलासपुर से 1 हजार 750 पेटियां, हमीरपुर से 250 पेटियां और ऊना जिले में सबसे कम 200 पेटियां सेब उत्पादन का अनुमान लगाया गया है.

सेब पेटियों में कब कितना उत्पादन?

प्रदेश के लाखों बागवानों की आजीविका से जुड़ा यह लाल फल हर साल मौसम की चाल पर निर्भर रहता है. कभी समय पर बर्फबारी और अनुकूल तापमान बंपर फसल का कारण बनते हैं, तो कभी ओलावृष्टि, अनियमित बारिश, गर्म होती जलवायु और रोगों का प्रकोप उत्पादन को प्रभावित कर देता है. यही वजह है कि हिमाचल में सेब उत्पादन पिछले एक दशक में लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरता रहा है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ वर्षों में रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज हुआ, जबकि कुछ सालों में फसल अपेक्षाकृत कम रही. प्रदेश में वर्ष 2025-26 में 3,49,93,800 पेटियों का उत्पादन हुआ था.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
पिछले 10 साल में कितना सेब उत्पादन? (ETV Bharat GFX)

इसी तरह से वर्ष 2024-25 में 2,51,47,400 पेटियों की पैदावार रही थी. वर्ष 2023-24 में 2,11,11,972 पेटियां सेब का उत्पादन हुआ था. इसी तरह से साल 2022-23 में सेब उत्पादन 3,36,17,133 पेटी रहा था. वहीं, 2021-22 में 3,05,95,058 पेटी उत्पादन हुआ था. वर्ष 2020-21 में भी सेब की कम पैदावार थी, उस दौरान प्रदेश में 2,40,53,100 सेब पेटियों का उत्पादन हुआ था. इसी तरह से वर्ष 2019-20 में सेब उत्पादन 3,57,62,650 सेब पेटियों का उत्पादन रहा था. वर्ष 2018-19 में सेब उत्पादन 1,84,150 पेटी थी. वहीं, वर्ष 2017-18 में सेब पैदावार 2,23,28,700 पेटी रहा था. वर्ष 2016-17 में सेब उत्पादन 2.34,06,700 पेटियों का था. वहीं, 2015-16 में सेब की पैदावार 3,88,56,300 पेटियां रही थी.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
हिमाचल प्रदेश में बागवानी (ETV Bharat GFX)

हिमाचल के इतने हेक्टेयर में बागवानी

हिमाचल प्रदेश में बागवानी के तहत कुल 2,37,368 हेक्टेयर क्षेत्र आता है. यह कुल कृषि क्षेत्र का 26 फीसदी है. इसमें सेब प्रमुख फसल है, जो कुल फल उत्पादन का 77.58 फीसदी योगदान देती है. प्रदेश में बागवानी का लगातार विस्तार हो रहा है. हिमाचल में वर्ष 1950-51 में सेब के अंतर्गत 400 हेक्टेयर क्षेत्र था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,16,338 हेक्टेयर हो गया है. जबकि 27,386 हेक्टेयर क्षेत्र स्टोन फ्रूट के तहत है. ड्राई फ्रूट का उत्पादन 9,277 हेक्टेयर में किया जाता है.

HIMACHAL APPLE PRODUCTION
फसल आधी होने के बावजूद घर बैठे मिल रहे अच्छे दाम (ETV Bharat)

सिट्रस फ्रूट के तहत बागवानी का करीब 26,432 हेक्टेयर एरिया कवर होता है. मगर चिंता की बात ये है कि प्रदेश में बागवानी के तहत क्षेत्र तो लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उत्पादन में इतनी अधिक बढ़ोतरी नजर नहीं आ रही है. जिसमें पिछले कई सालों से मौसम में हो रहा बदलाव एक मुख्य कारण है.

ये भी पढ़ें: हिमाचल में सेब के संकट के बीच 'नीला फल' बदलेगा बागवानों की किस्मत, 2 हजार रुपए किलो तक मिल रहे दाम

ये भी पढ़ें: धीमी दस्तक, फीकी बरसात, इस बार हिमाचल में मानसून के कदम सुस्त, बारिश की कमी बढ़ाएगी चिंता