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'हिजाब, नकाब.. घूंघट पहनकर सोना खरीदने पर रोक', बिहार ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन का फैसला

बिहार में हिजाब, नकाब, घूंघट पहनी महिलाओं की ज्वेलरी दुकानों में एंट्री पर रोक लगा दी गई है, जानिए वजह

Hijab Ban In Jewellery Shops In Bihar
सांकेतिक तस्वीर (PTI)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 7, 2026 at 11:08 AM IST

3 Min Read
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पटना: बिहार में हिजाब पहनने वाली महिलाएं सोना की खरीदारी नहीं कर सकती है. ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन के निर्देशानुसार ऐसे कस्टर को एंट्री नहीं दी जाएगी, जो हिजाब या बुर्का से चेहरा ढककर ज्लेलरी शोरूम में आते हैं. यह नियम पुरुषों पर भी लागू होगा, जो गमछा, हेलमेट आदि से चेहरा ढक के आते हैं. चेहरा देखने के बाद ही ज्लेवरी खरीद सकते हैं.

हिजाब पहनकर सोना खरीदने पर रोक : ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन के अनुसार, इस तरह का नियम लागू करने वाला बिहार पहला राज्य है, जिसने हिजाब पहनने वाली महिलाओं को सोना की खरीदारी करने पर रोक लगायी है. ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि ज्वेलरी शॉप में हो रही लूटपाट के वारदात से बचने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है.

"हमने जो फ़ैसला किया है, वह पूरी तरह से सुरक्षा की चिंताओं पर आधारित है. 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,40,000 है, और एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,50,000 है. परेशानी तब होती होती है, जब लोग दुकानों में अपना चेहरा छिपाकर आते हैं. वे पूरे हेलमेट या घूंघट पहनते हैं, तीन से चार के ग्रुप में घुसते हैं, और डकैती करते हैं." - अशोक कुमार वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन

बुर्का-नकाब हटवाना मंशा नहीं: अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि हमारी मंशा बुर्का हटवाना नहीं बल्कि जो हिजाब या बुर्का पहनकर आएंगे, उनसे अनुरोध करेंगे कि चेहरा दिखाने दिखाकर खरीदारी करें. उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर वे हमारी बात मानेंगी और इसमें सहयोग करेंगी.

गमछा या हेलमेट पहनकर भी नहीं मिलेगी एंट्री : अशोक कुमार वर्मा ने ना सिर्फ हिजाब पहनने वाली महिलाएं बल्कि उन लोगों से भी अपील की है, जो पुरुष गमछा या हेलमेट पहनकर आते हैं. इस कारण उनका चेहरा नहीं दिख पाता है. सुरक्षा की दृष्टिकोण से यह फैसला लिया गया है.

यह सभी के लिए नियम: मुस्लिम महिलाओं को लेकर अशोक वर्मा ने कहा कि मैं बुर्का के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन अगर कस्टमर और दुकानदार आमने-सामने होते हैं तो एक रिश्ता बनता है. ये नियम किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं है, बल्कि सभी के लिए है.

"मेरी बात पटना सिटी सेंट्रल एसपी से हुई है, उन्होंने कहा कि ठीक है, कोई बात नहीं है. बिहार इस रह का बड़ा फैसला लेने वाला पहला राज्य है. हालांकि कई राज्यों के कुछ जिलों में यह नियम ऐहतियातन के तौर पर लागू है." - अशोक कुमार वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडेरेशन

इस फैसले पर विवाद क्यों? : बिहार में इस फैसले का विरोध हो सकता है, इसपर अशोक वर्मा ने कहा कि विरोध की कोई बात ही नहीं है. हमारा कोई पुरुष या फिर महिला स्टाफ हिजाब नहीं उतारेंगे. हमलोग तो स्वयं उनसे अनुरोध करेंगे तो इसमें कोई विवाद की बात ही नहीं है.

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