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हाई कोर्ट चीफ जस्टिस की नियुक्ति नीति में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बदलाव, जानें-क्या होगा फायदा

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार-"कॉलेजियम ने न्याय प्रशासन की दक्षता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए फैसला लिया है."

Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट. (ANI)
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By Sumit Saxena

Published : February 27, 2026 at 3:21 PM IST

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नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है ताकि हाई कोर्टों में नेतृत्व का परिवर्तन सुचारू रूप से हो सके. नए फैसले के अनुसार, जिस जज को किसी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) बनाने का प्रस्ताव होगा, उनका तबादला पद खाली होने से दो महीने पहले ही संबंधित हाईकोर्ट में किया जा सकता है.

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि संबंधित जज तब तक उस हाई कोर्ट के कामकाज को अच्छी तरह समझ सकें. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के रिटायर होते ही वे तुरंत जिम्मेदारी संभालने के लिए भी तैयार रहेंगे. इस कॉलेजियम में जस्टिस विक्रम नाथ, जेके माहेश्वरी, बीवी नागरत्ना और एमएम सुंदरेश भी शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 फरवरी, 2026 को हुई अपनी बैठक में केरल हाई कोर्ट के जज जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मद्रास हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है. उनकी यह नियुक्ति वहां के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश के 5 मार्च, 2026 को रिटायर होने के बाद प्रभावी होगी.

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार- "कॉलेजियम ने न्याय प्रशासन की दक्षता और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए एक नीतिगत फैसला लिया है. इसके तहत, जिस जज को मुख्य न्यायाधीश बनाने का प्रस्ताव है, उनका तबादला पद खाली होने से लगभग दो महीने पहले ही किया जा सकता है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि वह जज इस दौरान उस हाई कोर्ट के कामकाज को अच्छी तरह समझ सकें और मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के रिटायर होते ही जिम्मेदारी संभाल सकें."

बयान में आगे कहा गया- "इस नीतिगत फैसले का पालन करते हुए, कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की जस्टिस लीसा गिल को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट भेजने और वहां पद खाली होने की तारीख से उन्हें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है."

एक अलग प्रस्ताव में, कॉलेजियम ने पटना हाई कोर्ट में जज के रूप में नौ वकीलों की नियुक्ति को मंजूरी दी है. इनके नाम मोहम्मद नदीम सेराज, रंजन कुमार झा, कुमार मनीष, संजीव कुमार, गिरिजेश कुमार, आलोक कुमार, राज कुमार, राणा विक्रम सिंह और विकास कुमार हैं.

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