भीषण गर्मी के कारण भारत में बिजली की अधिकतम मांग 252 GW तक पहुंची, खपत और बढ़ने की संभावना
मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले महीनों मई और जून में और भी अधिक तापमान बढ़ने की चेतावनी दी है.

Published : April 26, 2026 at 9:37 AM IST
नई दिल्ली: देश के बड़े हिस्सों में लू की स्थिति तेज होने के बीच भारत में शुक्रवार को बिजली की मांग 252.07 गीगावॉट (GW) के शिखर पर पहुँच गई. यह बिजली की खपत में आई एक बड़ी तेजी को दर्शाता है. इसका मुख्य कारण बढ़ता तापमान और कूलिंग (ठंडा रखने) की बढ़ती जरूरतें हैं.
ऊर्जा मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सप्ताहांत के दौरान उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत में लगातार लू चलने का पूर्वानुमान जताया है. विज्ञान विभाग ने आने वाले महीनों - मई और जून - में और भी अधिक भीषण तापमान की चेतावनी भी दी है.
खास बात यह है कि मांग में यह तेजी एक लगातार बढ़ते ट्रेंड को दिखाती है. गुरुवार को बिजली की पीक मांग लगभग 240 गीगावॉट (GW) थी, जबकि पूरी की गई सबसे ज़्यादा सप्लाई इससे थोड़ी ज्यादा, 240.12 गीगावॉट (GW) थी. बुधवार को बिजली की मांग 239.70 गीगावॉट (GW) थी.
ऊर्जा विशेषज्ञ राजेश चौरसिया ने ईटीवी भारत से कहा, 'सिर्फ एक दिन में मांग में काफी उछाल आया और यह 250 गीगावॉट (GW) के आंकड़े को पार कर गई. यह दिखाता है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, ऊर्जा की खपत भी तेजी से बढ़ रही है.'
सरकार ने पहले अनुमान लगाया था कि गर्मियों के मौसम में बिजली की पीक मांग 270 गीगावॉट (GW) तक पहुँच सकती है. ताजा आंकड़े बताते हैं कि जैसे-जैसे लू की स्थिति तेज हो रही है, मांग अनुमानित ऊँचाई के करीब पहुँच रही है.
बिजली की मौजूदा मांग ने पिछले साल जून में दर्ज की गई 242.77 गीगावॉट (GW) की मांग को पहले ही पार कर लिया है. चौरसिया ने इस तेजी की मुख्य वजह घरों में एयर कंडीशनर, कूलर और रेफ्रिजरेशन सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल, साथ ही कमर्शियल जगहों पर बिजली की ज़्यादा खपत को बताया.
उन्होंने कहा, 'लू के दौरान कूलिंग की मांग ही सबसे बड़ी वजह होती है. जैसे-जैसे तापमान और बढ़ेगा, बिजली की खपत भी और बढ़ने की उम्मीद है.' चौरसिया के अनुसार मौसम विभाग की लंबी और ज़्यादा तेज लू की चेतावनी ने चिंताओं को और बढ़ा दिया है. मौसम विभाग ने कहा है कि यह गर्मी हाल के सालों की सबसे भीषण गर्मियों में से एक हो सकती है.
खास बात यह है कि तापमान ऊँचा रहने की उम्मीद को देखते हुए बिजली मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और राज्यों से पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.

