बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन की समय-सीमा बढ़ना तय! चुनाव आयोग को पत्र लिखेंगे CEO
पश्चिम बंगाल में 1.36 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी न होने के कारण अब 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची आना मुश्किल लग रहा है.


Published : February 7, 2026 at 8:38 PM IST
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण (summary revision) की सुनवाई की अवधि तीन दिनों के लिए बढ़ायी जा सकती है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से शुक्रवार देर रात इसके संकेत मिले हैं. इस फैसले का असर अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख पर भी पड़ सकता है.
पश्चिम बंगाल में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) से संबंधित सुनवाई का शनिवार आखिरी दिन था. हालांकि, कई जिलों में अभी भी सुनवाई लंबित है. इसलिए, सुनवाई की प्रक्रिया को 10 तारीख तक बढ़ाया जा सकता है. ऐसी स्थिति में, अंतिम मतदाता सूची भी अपनी निर्धारित तिथि 14 फरवरी को प्रकाशित नहीं हो पाएगी.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग जरूरत पड़ने पर पूरे राज्य के लिए या फिर कुछ खास जिलों के लिए सुनवाई की समय-सीमा बढ़ा सकता है. शुरुआत में माना जा रहा था कि सुनवाई की प्रक्रिया 7 फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी. हालांकि, 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' (तार्किक विसंगतियों) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्थिति काफी बदल गई. स्पष्ट हो गया था कि 1.36 करोड़ (13.6 मिलियन) मतदाताओं की सुनवाई पहले से तय 7 फरवरी की तारीख तक पूरी नहीं की जा सकती थी.
सूत्रों के अनुसार राज्य के दो से तीन जिलों में सुनवाई की प्रक्रिया अभी पूरी होने से कोसों दूर है. हालांकि, कुछ अन्य जिलों में लगभग 90 प्रतिशत सुनवाई का काम पूरा हो चुका है. सूत्रों के अनुसार राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, सुनवाई की अवधि बढ़ाने का अनुरोध करते हुए चुनाव आयोग को पत्र भेजेंगे. पत्र में जानकारी देंगे कि दिन के अंत तक प्रत्येक जिले में कितनी सुनवाई अधूरी रह गई है. इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों से सभी आवश्यक जानकारी जमा करने को कहा गया है. जैसे ही यह जानकारी प्राप्त होगी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी चुनाव आयोग को पत्र लिखेंगे.
सूत्रों के अनुसार, मालदा और उत्तर कोलकाता में सुनवाई प्रक्रिया का एक बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा है. दक्षिण 24 परगना में भी काफी काम बाकी है. राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही इन तीन क्षेत्रों के लिए समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध करते हुए एक पत्र भेजा था. इसके अलावा, कर्सियांग के कई इलाकों में भी अभी तक सुनवाई नहीं हो पाई है.
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