छात्र चंदन का पंचर बनाने से लेकर भारत मंडपम तक का सफर, पीएम मोदी के सामने रखेंगे अपना विजन
हजारीबाग के छात्र का विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में चयन हुआ है, जहां वे आत्मनिर्भर भारत पर अपने विचार रखेंगे.

Published : January 7, 2026 at 3:22 PM IST
हजारीबाग: चंदन कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने विकसित भारत 2047 मिशन पर अपनी बात रखेंगे. उनका चयन विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के लिए हुआ है. वे 9 से 12 जनवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आत्मनिर्भर भारत का विजन रखेंगे. कहा जाए तो हजारीबाग समेत पूरे झारखंड की बुलंद आवाज दिल्ली के भारत मंडपम में जुटे देश के दिग्गज के सामने यहां का बेटा रखेगा.
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में चयन
हजारीबाग के कोर्रा निवासी मेधावी छात्र चंदन कुमार का सफर साइकिल दुकान में पंचर बनाने से लेकर भारत मंडपम तक पहुंच चुका है. चंदन कुमार विनोबा भावे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर एनटीपीसी में ट्रेनिंग कर रहे हैं. चंदन का चयन 9 से 12 जनवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2026' के लिए हुआ है.
इस गौरवशाली मंच पर चंदन पूरे झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे और देश के नीति-निर्धारकों के समक्ष 'आत्मनिर्भर भारत' का विजन रखेंगे. एक लंबी चयन प्रक्रिया के बाद चंदन को यह मुकाम हासिल हुआ है. चंदन इस बात को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनका सपना साकार हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने वह अपना विजन रखेंगे. चंदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पहल पर धन्यवाद दे रहे हैं कि देश के युवाओं को एक बेहतर मंच राष्ट्रीय स्तर पर प्रदान कर रहे हैं.
मेक इन इंडिया मेक फॉर वर्ल्ड पर रखेंगे अपना तर्क
चंदन कुमार का विषय है आत्मनिर्भर भारत" मेक इन इंडिया मेक फॉर वर्ल्ड". उनका कहना है कि यह जरूरी नहीं है कि हम क्या बनाते हैं. महत्वपूर्ण यह है कि हम किस स्तर का प्रोडक्ट समाज को दे रहे हैं और उसकी मांग विश्व स्तर में कितनी है, तभी देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकता है. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान चयनित युवा अपने विचार देंगे. उन विचारों को कंपाइल्ड कर सरकार नीति बनाती है, उसमें जगह दिया जाएगा. उनका कहना है कि यह किसी भी छात्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.

चंदन की इस उपलब्धि पर उनका पूरा परिवार गर्व कर रहा है. उनके पिता बबलू कुमार अपने बेटे चंदन की इस उपलब्धि पर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने बताया कि बड़े ही गरीबी से बच्चे को पढ़ाया है. बेटा-बेटी दोनों भारत मंडपम तक पहुंचे हैं. बेटी को एक साल पहले पुरस्कृत किया गया.
उनके पिता साइकिल दुकान चलाते हैं, जो खुद भी ग्रेजुएट हैं. नौकरी नहीं मिलने के कारण साइकिल बनाने का काम शुरू किया. इस दुकान ने उनके परिवार को इस मुकाम तक पहुंचाया है. चंदन भी अपने पिता को साइकिल का दुकान में मदद करते हैं. उनकी मां नीलम देवी कहती है कि बेटा इतना बड़ा बन गया कि वह देश पटल पर अपनी बात रखने जा रहा है. इससे अधिक मां को खुशी और किस बात की हो सकती है.
झारखंड से कुल 30 छात्रों का हुआ चयन
पूरे झारखंड से 30 छात्रों का चयन विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के लिए हुआ है. जो अलग-अलग विषय पर अपनी बातों को साझा करेंगे. निसंदेह चंदन ने पूरे झारखंड का नाम रोशन किया है. उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना हम भी करते हैं. कठिन चयन प्रक्रिया को पार कर इस मुकाम तक पहुंचने के लिए चंदन को कई चुनौतीपूर्ण चरणों से गुजरना पड़ा.
उन्होंने पहले डिजिटल क्विज और निबंध लेखन प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाई. इसके बाद रांची में आयोजित राज्य स्तरीय राउंड में उन्होंने प्रभावी पीपीटी (PPT) प्रजेंटेशन दिया और कड़े इंटरव्यू (साक्षात्कार) का सामना किया. अपनी तकनीकी समझ और 'मेक इन इंडिया-मेक फॉर वर्ल्ड' के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण के कारण उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए हुआ.
अपनी सफलता पर चंदन ने कहा कि भारत मंडपम में हजारीबाग झारखंड का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है. एक इंजीनियरिंग छात्र होने के नाते मेरा लक्ष्य तकनीक और नवाचार के माध्यम से 'विकसित भारत' के सपने को सच करना है.
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