हरियाणा में पहली टेली रोबोटिक सर्जरी, फरीदाबाद के डॉक्टरों ने 1500 किलोमीटर दूर कोलकाता में मरीज का किया ऑपरेशन
हरियाणा के फरीदाबाद के डॉक्टरों ने पहली टेली रोबोटिक सर्जरी की है. शहर में बैठे-बैठे डॉक्टरों ने 1500 किलोमीटर दूर मरीज का ऑपरेशन किया.

Published : February 19, 2026 at 10:55 PM IST
|Updated : February 19, 2026 at 11:03 PM IST
फरीदाबाद : हरियाणा के इतिहास में पहली बार फरीदाबाद के निजी अस्पताल से 1500 किलोमीटर दूर कोलकाता के निजी अस्पताल में जटिल टेली रोबोटिक सर्जरी की गई. ये सर्जरी 18 फरवरी को की गई है जिसकी जानकारी डॉक्टरों ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए दी. देश में अब तक 150 से ज्यादा टेली रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं जो कि सफल हुई हैं. रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए हैदराबाद से मुरादाबाद तक और दिल्ली से गुजरात तक की लंबी दूरी की सर्जरी भी सफलतापूर्वक हो चुकी है. डॉक्टरों के मुताबिक आने वाला समय भारत के डॉक्टरों का है, क्योंकि भारतीय डॉक्टर विदेशों में भी टेली रोबोटिक सर्जरी कर रहे हैं.
हरियाणा की पहली टेली रोबोटिक सर्जरी : फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में 18 फरवरी को हरियाणा की सबसे लंबी दूरी की टेली रोबोटिक सर्जरी को किया गया. फरीदाबाद के निजी अस्पताल से 1500 किलोमीटर दूर कोलकाता के एक निजी अस्पताल में इस सर्जरी को अंजाम दिया गया. जिस मरीज पर टेली रोबोटिक सर्जरी की गई, उसे मूत्राशय के दाहिने हिस्से में संकुचन था (इस तरह की ट्यूब का संकुचन जो पेशाब को दाहिरी किडनी से यूरिन ब्लैडर या मूत्राशय की तरफ ले जाती है). पहले ही मरीज की किडनी में पथरी की सर्जरी होने की वजह से उसकी दाहिनी किडनी पचास प्रतिशत क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसकी किडनी सिर्फ पचास प्रतिशत ही काम कर रही थी. मरीज में तीसरे चरण की गंभीर सीकेडी (CKD यानी क्रोनिक किडनी डिसीज़ की संभावना रहती है, इसलिए डॉक्टरों ने ओपेन सर्जरी की जगह रोबोटिक पायलोयूरेटेस्टमी सर्जरी का विकल्प चुना.
फरीदाबाद में सर्जन, कोलकाता में मरीज : सर्जन की एक टीम ने फरीदाबाद में बैठकर किडनी और यूरेटर के बीच के संकुचन को ठीक किया जिससे पेशाब का बहाव ठीक हो गया. अहम ये है कि इस प्रक्रिया को करते हुए मरीज फरीदाबाद में नहीं, कोलकाता में था. पूरी प्रक्रिया में 100 मिनट यानि दो घंटे से कम का समय लगा. सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है, और अपने घर कोलकाता में ही रिकवर हो रहा है. इस पूरी प्रक्रिया को यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट टीम के डॉ रीतेश मोंगा, क्लिनिकल डायरेक्टर एंड हेड यूरोलॉजी, यूरो ऑन्कोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांट और यूरोलॉजी यूरो ऑन्कोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांट के वरिष्ठ सलाहकार डॉ लोकेंद्र यादव के नेतृत्व में किया गया.

दूरी अब इलाज में बाधा नहीं : टेली रोबोटिक सर्जरी के जरिए लंबी दूरी पर रहते हुए भी मरीजों के लिए बेहतर इलाज उपलब्ध हो पा रहा है. टेली रोबोटिक सर्जरी का सफलता पूर्वक संचालन के बाद हरियाणा देशभर में उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने वाला राज्य बन गया है. बेहतर इलाज में अब दूरी एक बाधा नहीं हैं, क्योंकि अनुभवी सर्जन की सेवाएं देश के विभिन्न हिस्सों में अब मरीजों तक पहुंच रही हैं. उन्नत तकनीक ने मरीज और सर्जन के बीच लंबी दूरी को कम कर दिया है. टेली सर्जरी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित कर रही है, जहां मरीज अपने शहर में ही उन्नत तकनीक का लाभ ले रहे हैं जिससे उनका ना सिर्फ यात्रा का खर्च बचता है, बल्कि वो अपने परिजनों के बीच रहकर जल्द स्वस्थ हो पा रहे हैं. टेली सर्जरी में रोबोट का प्रयोग होने से सामान्य सर्जरी की तुलना में इसमें रिकवरी भी जल्दी होती है.

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