हरियाणा कैडर के IPS दीपक गहलावत को CBI ने किया गिरफ्तार, नकली दवा रैकेट मामले में रिश्वत मांगने का आरोप
हरियाणा कैडर के आईपीएस दीपक गहलावत को सीबीआई ने तीन करोड़ की रिश्वत के मामले में अरेस्ट किया है.

Published : July 1, 2026 at 3:45 PM IST
पंचकूला: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने हरियाणा कैडर के 2012 बैच के एक आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारी तीन करोड़ रुपयों की कथित रिश्वतखोरी के मामले में की गई है. आरोपी आईपीएस वर्तमान में दिल्ली में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) में सेंट्रल डेपुटेशन पर तैनात थे. सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर और दो अन्य निजी लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था.
पुडुचेरी में नकली दवाओं से जुड़ा है मामला: सीबीआई जांच के दौरान पता चला कि आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत ने अवैध रूप से पैसों की मांग की थी. जांच टीम के अनुसार आरोपी आईपीएस ने दावा किया था कि वह अपने निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े सीबीआई के मामलों में राहत दिला सकते हैं. इससे पहले सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एक आरोपी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह समेत 6 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था.
कैश, डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज बरामद: सीबीआई ने अपनी कार्रवाई के दौरान 90 लाख रुपये बरामद किए थे. साथ ही जांच में कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए थे. जांच टीम ने आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत की धरपकड़ के लिए कई संभावित ठिकानों पर उनकी तलाश की थी. इसके साथ ही जांच टीम ने कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क, दस्तावेज आदि जब्त किए गए हैं. फिलहाल सीबीआई मामले की आगामी जांच में जुटी है, जिसके चलते कोर्ट से आरोपी आईपीएस के रिमांड की मांग की जा सकती है.
रिश्वत मांगने का है आरोप: वर्तमान में आरोपी अधिकारी गहलावत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में रीजनल डायरेक्टर के पद पर तैनात थे. आरोप हैं कि उन्होंने पुडुचेरी के एक व्यापारी को सीबीआई जांच में राहत दिलाने और उसके पक्ष में नतीजा निकलवाने का भरोसा दिया था. इसके एवज में उन्होंने एजेंसी के अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का दावा करते हुए रिश्वत की मांग की थी.
रंगे हाथ गिरफ्तारी से हुआ खुलासा: गौरतलब है कि यह मामला जून 2026 में सीबीआई द्वारा एक ट्रैप की कार्रवाई से जुड़ा है. उस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एक कथित बिचौलिये राजकुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. फिर गहराई से पड़ताल करते हुए सीबीआई ने पहले इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, बिचौलिये राजकुमार और पुडुचेरी के व्यापारी एन. राजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया गया है.
मनी ट्रेल और नेटवर्क की जांच के लिए रिमांड: सीबीआई की जांच टीम अब इस मामले की तह तक पड़ताल कर पैसों के लेनदेन (मनी ट्रेल) और रैकेट में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच करने समेत पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए कोर्ट से आरोपी आईपीएस अधिकारी गहलावत के रिमांड की मांग कर सकती है. फिलहाल जांच टीम की रडार पर कई अन्य अधिकारी भी बताए जा रहे हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है.
सोनीपत के रहने वाले हैं आईपीएस : आरोपी आईपीएस दीपक मूल रूप से सोनीपत के निजामपुर माजरा गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता हरियाणा पुलिस से सब इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत हुए हैं और मां पीजीआई रोहतक में बतौर एएनएम रही हैं.
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