ठगी का नेटवर्क चंबल टू चाइना, 33 दिन डिजिटल अरेस्ट कर डेढ़ करोड़ ठगने वाले गिरफ्तार
ग्वालियर की रिटायर्ड महिला से डेढ़ करोड़ की ठगी के मामले में दो आरोपी मुरैना से गिरफ्तार. कई एटीएम कार्ड व चेकबुक जब्त.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 4, 2026 at 12:44 PM IST
ग्वालियर : ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट के बाद बुजुर्ग महिला से डेढ़ करोड़ रुपये की सायबर ठगी मामले में पुलिस जांच में जुटी है. ग्वालियर पुलिस ने मुरैना से दो लोगों को दबोचा है. पूछताछ में पता चला कि इस मामले के तार चाइना से जुड़े हैं. दोनों गिरफ्तार आरोपी मोहरे हैं. ये दोनों क्रिप्टो करेंसी के सहारे ठगी की रकम चाइन में बैठे सायबर ठगों को भेजते थे. बदले में इन्हें कमीशन मिलता था.
सायबर ठगी के आरोपी मुरैना से गिरफ्तार
ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग की रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन बुजुर्ग महिला को मनी लांड्रिंग केस में फंसाने का झांसा देकर 33 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया. इस दौरान 1.57 करोड़ रुपये की ठगी की गई. इस मामले में दो बदमाशों को ग्वालियर सायबर क्राइम पुलिस ने मुरैना से गिरफ्तार किया है. इनमें से एक बदमाश नासिक में पुलिस के हत्थे पहले भी चढ़ चुका है. अब तक की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपियों के ज़रिए ठगी की रकम चीन तक जा रही थी.

बैंक खातों को ट्रेस कर मुरैना पहुंची पुलिस
ग्वालियर सायबर पुलिस लगातार इस मामले में बारीकी से जांच कर रही है. जांच के दौरान पुलिस ने उन खातों की जानकारी निकाली, जिनमे पीड़ित महिला ने रकम ट्रांसफर की थी. इन खातों को ट्रेस करने पर पता चला कि मुरैना के पोरसा स्थित एक बैंक के खातों में ठगी के 4 लाख रुपये पहुंचे. पुलिस ने बैंक से डिटेल लेकर खाताधारक राहुल तोमर को पकड़कर पूछताछ की. राहुल तोमर ने अपने रिश्तेदार रोहित तोमर के बारे में जानकारी दी.
एटीएम, बैंक चेकबुक, सिमकार्ड बरामद
राहुल तोमर ने पूछताछ में बताया "उसने कमीशन के चक्कर में अपना बैंक खाता रोहित को ऑपरेट करने के लिए दिया था." इसके बाद राहुल की निशानदेही पर पुलिस ने रोहित तोमर को भी गिरफ्तार कर लिया. दोनों युवकों से पुलिस ने 10 एटीएम कार्ड और 3 चेकबुक, बैंक पासबुक, 3 सिम कार्ड और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं.
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क्रिप्टो करेंसी के सहारे चाइना भेजते थे रकम
सायबर क्राइम शाखा के एसआई धर्मेंद्र शर्मा ने बताया "इन्वेस्टीगेशन के दौरान मिले टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को मुरैना से गिरफ्तार किया है. पहले राहुल तोमर और फिर उसके ज़रिए रोहित तोमर तक पहुंचने में सफलता मिली. रोहित तोमर ने बताया वह टेलीग्राम के ज़रिए चीन के लोगों के संपर्क में रहता था. ठगी की रकम भी क्रिप्टो करेंसी के ज़रिए खुर्दबुर्द की जाती थी. ठगी की रकम से रोहित क्रिप्टो करेंसी प्लेटफॉर्म पर USDT कॉइन्स खरीदता था. इसके बाद इन्हें चीनी सायबर ठग को बेच देता था. इन यूएसडी कॉइन्स के बदले चाइन में बैठे ठग रोहित के खाते में रुपये ट्रांसफर करता था."

