गुलशन कुमार के हत्यारे अब्दुल रऊफ मर्चेंट की मौत, अस्पताल में तोड़ा दम
12 अगस्त, 1997 को टी-सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की मुंबई में एक मंदिर के बाहर हत्या कर दी गई थी.


Published : January 9, 2026 at 1:17 PM IST
छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र): टी-सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे 60 वर्षीय अब्दुल रऊफ मर्चेंट की गुरुवार को हरसुल जेल में मौत हो गई. जेल प्रशासन के अनुसार, उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने (हार्ट अटैक) से हुई. पिछले कुछ दिनों से अब्दुल रऊफ की तबीयत खराब चल रही थी.
छत्रपति संभाजीनगर की हरसुल जेल के अधीक्षक खामकर ने बताया कि गुरुवार सुबह उसे बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उसे तुरंत घाटी अस्पताल ले जाया गया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. 30 दिसंबर को हल्का दिल का दौरा पड़ने के बाद उसे घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर 4 जनवरी को उसे वापस जेल लाया गया था.

गुलशन कुमार हत्याकांड क्या है
12 अगस्त, 1997 को संगीत जगत की जानी-मानी हस्ती और टी-सीरीज कंपनी के मालिक गुलशन कुमार की मुंबई के एक मंदिर के बाहर हत्या कर दी गई थी. उस समय आरोपी अब्दुल रऊफ मर्चेंट अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सालेम का साथी था. पुलिस कार्रवाई के बाद, इस अपराध के लिए गिरफ्तार किए गए मर्चेंट को 2002 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. 2003 में उसे पुणे की यरवदा जेल से छत्रपति संभाजीनगर की हरसुल जेल में ट्रांसफर कर दिया गया.
पैरोल पर फरार हो गया था
अब्दुल मर्चेंट को 2009 में पैरोल पर रिहा किया गया था. हरसुल जेल से बाहर आने के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया और पूरे आठ साल तक लापता रहा. हालांकि, 2016-17 के आसपास पुलिस ने उसे फिर से पकड़ लिया और वापस हरसुल जेल भेज दिया. तब से वह अपनी बाकी की सजा काट रहा था.
इसे भी पढ़ेंः

