फायर ब्रिगेड का इंतजार नहीं, खुद आग बुझाएगा यह रोबोट: गुजरात के छात्र ने बनाया 'फायर फाइटर'
एक ऐसा 'फायर फाइटर रोबोट' बनाया है, जो आग लगते ही उसे सेंसर से पहचान लेता है और तुरंत बुझाने में जुट जाता है.


Published : January 7, 2026 at 7:55 PM IST
भावनगर (गुजरात): घर या ऑफिस में आग लगने पर सबसे बड़ी चुनौती समय की होती है. जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचती हैं, तब तक कीमती सामान खाक हो चुका होता है. समय के इसी अंतराल को पाटने के लिए भावनगर के एक छात्र ने कमाल कर दिखाया है. एक ऐसा 'फायर फाइटर रोबोट' बनाया है, जो आग लगते ही उसे सेंसर से पहचान लेता है और तुरंत बुझाने में जुट जाता है.
वक्त की बर्बादी रोकेगा
फायर फाइटर रोबोट बनाने वाले छात्र का नाम उत्सव वाघेला है. वह भावनगर के सर भावसिंहजी पॉलिटेक्निक कॉलेज में मैकेनिकल का छात्र है. छात्र उत्सव वाघेला ने बताया, "बड़े सिस्टम को घटनास्थल तक पहुंचने में वक्त लगता है, इसलिए हमने एक छोटा रोबोट बनाया है. इसे घर या ऑफिस की किसी भी छोटी जगह पर आसानी से फिट किया जा सकता है, ताकि शुरुआती दौर में ही आग पर काबू पाया जा सके."
सेंसर से चलता पानी का फव्वारा
इस रोबोट की कार्यप्रणाली बेहद आधुनिक और सटीक है. इसमें दो मुख्य सेंसर और एक 'आरडी नैनो' (RD Nano) सिस्टम लगाया गया है. उत्सव के अनुसार, जैसे ही कहीं आग की लपटें उठती हैं, सेंसर उसे तुरंत सेंस कर लेता है और आरडी नैनो को सिग्नल भेजता है. इसके बाद सिस्टम मोटर को कमांड देता है और रोबोट पानी की बौछार शुरू कर देता है. यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक है, जिससे किसी इंसान के खतरे में पड़ने की जरूरत नहीं रहती.

बहुमंजिला इमारतों के लिए भी कारगर
अभी यह रोबोट एक बेसिक मॉडल के रूप में तैयार किया गया है, जिसका कॉलेज में सफल डेमो भी किया जा चुका है. उत्सव का कहना है कि हालांकि सेंसर थोड़े महंगे आते हैं, लेकिन भविष्य में इस तकनीक को दो से तीन मंजिला इमारतों के लिए भी विकसित किया जा सकता है. छात्र अब इस पर और अधिक रिसर्च कर रहे हैं ताकि इसमें 'अलर्ट सिस्टम' जैसी बेहतर सुविधाएं जोड़ी जा सकें और इसे एक प्रोफेशनल सुरक्षा कवच बनाया जा सके.

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