नीट के बाद नेट परीक्षा पर भी गंभीर सवाल, मोदी सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई की उम्मीद नहीं: राहुल गांधी
राहुल ने आरोप लगाया कि, नीट और नेट परीक्षाओं में बार-बार कथित घोटाले सामने आने के बावजूद मोदी सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.

Published : July 8, 2026 at 8:41 PM IST
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि नीट-यूजी के बाद अब इस परीक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं, लेकिन मोदी सरकार सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत उसके लिए कोई मायने नहीं रखती.
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक खबर साझा करते हुए दावा किया कि हरियाणा में यूजीसी-नेट परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र का पीडीएफ प्रसारित कर दिया गया जो केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के पास उपलब्ध होता है.

उन्होंने आरोप लगाया कि इस पीडीएफ के लगभग 90 प्रश्न समाजशास्त्र के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं तथा यही प्रश्नपत्र बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में दो लाख 25 हजार रुपये में बेचा जा रहा था.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि इसी नेटवर्क ने सीएसआईआर-नेट, हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटीईटी) और एडीए जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट और नेट परीक्षाओं में बार-बार कथित घोटाले सामने आने के बावजूद मोदी सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई वर्षों की मेहनत उसके लिए कोई मायने नहीं रखती.
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से किसी जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि न तो जांच होगी और न ही छात्रों को न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि बदलाव का एकमात्र रास्ता सामूहिक आवाज है, देश भर के ‘छात्रों की गूंज’ है, जो भारत में शिक्षा क्रांति लाकर रहेगी.
(इनपुट-पीटीआई)
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