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सांप काटने से दुनिया में हर साल मरते हैं 5 लाख लोग; 78% मौतें सिर्फ 20 देशों में, जानिए- भारत में स्नेक बाइट के कितने केस?

इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल PLOS Medicine की रिपोर्ट, हर साल 70 लाख बन रहे सांपों के जहर के शिकार, कर्नाटक में सबसे ज्यादा मौत.

सांपों के काटने से भारत में सबसे ज्यादा मौत.
सांपों के काटने से भारत में सबसे ज्यादा मौत. (Photo Credit; Getty)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : August 29, 2026 at 5:05 PM IST

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Updated : September 7, 2026 at 12:48 PM IST

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हैदराबाद : Global burden of Snakebite : सांपों के काटने से हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है. खास बात ये है कि करीब 78% मौतें केवल 20 देशों से ही रिपोर्ट की जाती हैं. भारत में सबसे ज्यादा लोगों की जान जाती है. नाइजीरिया इस मामले में दूसरे नंबर पर है. हाल ही में जारी इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल PLOS Medicine की रिपोर्ट में ऐसे कई हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं.

स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक विश्व में सालाना करीब 21 से 70 लाख लोग सांपों के जहर के शिकार बनते हैं. ग्लोबल लेवल पर प्रत्येक वर्ष लगभग 2 लाख 47 हजार से लेकर 5 लाख 13 हजार लोगों की मौत हो जाती है. इसमें 45% हिस्सेदारी अकेले सब-सहारा अफ्रीका जबकि 27% हिस्सेदारी दक्षिण एशिया के देशों की है. बाकी के मामले अन्य देशों के हैं. दक्षिण-पूर्व एशिया भी ज्यादा प्रभावित हैं. सांप के कारण होने वाली मौतों में पाकिस्तान दुनिया में तीसरे स्थान पर है.

इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल PLOS Medicine की यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास मानी जा रही है. इसके पीछे की वजह ये है कि अभी तक सांपों के काटने से होनी वाली समस्याओं के संबंध में पुराने डेटा ही मौजूद थे. इससे असल समस्या का आकलन करना मुश्किल हो रहा था. लिहाजा नए अनुमानों की जरूरत महसूस की जा रही थी. अब यह नई रिपोर्ट सांप काटने से होने वाली मौतों और बीमारियों को कम करने, इलाज की उपलब्धता बढ़ाने में मददगार साबित होगी.

कम आय वाले देशों में ज्यादा मौतें : स्टडी रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने साल 2025 तक के दुनियाभर के सांपों के काटने से स्वास्थ्य पर होने वाले असर और मौतों के डेटा का आकलन किया. इसमें पता चला कि हर साल कम से कम करीब 21 लाख जबकि ज्यादा से ज्यादा 70 लाख लोगों को सांप काटते हैं. इनमें से 2 लाख 74 हजार से लेकर 5 लाख से अधिक लोग दम तोड़ देते हैं. कम आय वाले देशों में यह समस्या ज्यादा है. खासकर सब-सहारा अफ्रीका, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में.

भारत में सांप काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा.
भारत में सांप काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा. (Photo Credit; Getty)

सांपों के काटने से गरीब-किसान ज्यादा प्रभावित : रिपोर्ट के अनुसार उष्णकटिबंधीय देश यानी जिन देशों में ज्यादा गर्मी-नमी पड़ती है, वहां सांप काटने के मामले ज्यादा देखे गए हैं. यहां रहने वाले गरीब ग्रामीण और किसान इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं. इससे इन लोगों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. सांपों के जहर से जो लोग बच भी जाते हैं उनमें से कई लोगों को आगे चलकर दिव्यांगता समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

WHO ने अलग कैटेगरी में शामिल किए ऐसे केस : गर्म और नम देशों में होने वाले सांप काटने के बड़े मामलों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साल 2017 में उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियों (Neglected Tropical Diseases) की सूची में शामिल किया है. यानी सांप के काटने की समस्या गंभीर है. इस दिशा में और काम करने की जरूरत है. हालांकि अभी भी दुनिया के कई क्षेत्रों में सांपों के काटने से किस तरह का प्रभाव पड़ रहा है, इसकी सटीक जानकारी सामने नहीं आ पाई है.

साल 2007 में हुई स्टडी में सामने आए थे ये नतीजे : सांपों के जहर के प्रभावों पर पहले भी स्टडी हो चुकी है. सांप काटने के वैश्विक असर को समझने के लिए 1954 और 1998 में भी सर्वे हुआ था. इसके बाद 2007 में भी स्टडी हुई. इसके अनुसार दुनिया में हर साल 12 से 55 लाख लोग सांपों के शिकार बनते थे. इनमें से 4.2 से 18 लाख लोगों के शरीर में जहर फैल जाता था. इनमें से 20 हजार से लेकर 94 हजार लोगों की मौत हो जाती थी. भारत समेत दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के देशों में ऐसे मामले ज्यादा देखे जाते थे.

इन देशों में सांप काटने से जाती हैं ज्यादा जानें : PLOS Medicine की रिपोर्ट बताती है कि दुनियाभर में हर साल सांप काटने से सबसे ज्यादा मौतें भारत में होती हैं. अपने देश में सालाना करीब 37 हजार 600 से 70 हजार 100 लोगों की मौत सांप काटने से हो जाती है. नाइजीरिया में 29 हजार 600 से 55 हजार 300 लोगों की मौत हो जाती है. पाकिस्तान इस मामले में दूसरे स्थान पर है. वहां सालाना करीब 50 हजार से अधिक लोग दम तोड़ देते हैं. कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, मेक्सिको, इंडोनेशिया, चीन आदि देशों में भी ऐसे ही हालात हैं.

भारत में सांप काटने से सबसे ज्यादा लोगों की होती है मौत.
भारत में सांप काटने से सबसे ज्यादा लोगों की होती है मौत. (Photo Credit; ETV Bharat)

भौगोलिक आधार पर दुनिया के ये क्षेत्र ज्यादा प्रभावित : भौगोलिक आधार पर सांपों के काटने से कुल मौतों के आंकड़ों को देखें तो सब-सहारा अफ्रीका इससे ज्यादा प्रभावित है. यहां सालाना करीब 1.24 लाख से लेकर 2.32 लाख लोगों की मौत सांपों की वजह से होती है. दक्षिण एशिया जिसमें भारत भी आता है वहां सालाना 74 हजार 800 से लेकर एक लाख 40 हजार तक मौतें होती हैं. यूरोप के देशों में अधिकतम 2100 मौतें सालाना होती हैं. उत्तरी अमेरिका में ये आंकड़े बेहद कम हैं. वहां सालाना 35 लोगों की ही मौत होती है.

अमीर देशों में सांपों के काटने से बेहद कम मौतें : निन्न मध्यम आय वाले यानी विकासशील देशों में सांप काटने से एक लाख 48 हजार से लेकर 2 लाख 77 हजार लोग दम तोड़ देते हैं. कम आय यानी गरीब देशों में 71 हजार 200 से एक लाख 33 हजार की मौत सांप काटने से होती है. जबकि अमीर देशों में सालभर में केवल 150 लोग की सांपों के शिकार बनते हैं. यानी अमीर देशों में सांपों के काटने से बेहद कम मौतें होती हैं.

कर्नाटक में सांप काटने से ज्यादा मौतें : लोकसभा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कुछ महीनों पहले आंकड़े पेश किए गए थे. इसके अनुसार कर्नाटक में सांपों के जहर के कारण ज्यादा लोगों की मौत होती है. इस राज्य में साल 2023 में 19 लोगों की मौत हुई थी. साल 2024 में यह बढ़कर 101 हो गया. इसके बाद साल 2025 में यह आंकड़ा 157 तक पहुंच गया. इसी तरह पश्चिम बंगाल में साल 2023 में 21 लोगों की मौत सांपों के काटने के कारण हुई थी. साल 2024 में यह संख्या 69 तक पहुंच गई. जबकि साल 2025 में मामूली गिरावट के साथ यह आंकड़ा 63 दर्ज किया गया.

देश के कर्नाटक में सांप काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा.
देश के कर्नाटक में सांप काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा. (Photo Credit; Getty)

देश में हर साल बढ़ रहीं मौत की घटनाएं : साल 2023 में भारत में सांपों के काटने से कुल 183 लोगों की मौत हुई थी. साल 2024 में यह 370 तक पहुंच गया. इसके बाद के वर्ष यानी साल 2025 में 431 लोगों की मौत सांपों के काटने के कारण हो गई. यानी देशभर में सांपों की वजह से होने वाली मौतों का ग्राफ बढ़ रहा है. ये वे आंकड़े हैं जो सरकारी स्तर पर दर्ज हैं, ग्रामीण इलाकों में सांपों के जहर से होने वाली ज्यादातर मौतें फाइलों में दर्ज ही नहीं हो पाती हैं.

देश के इन राज्यों में सांप काटने के एक भी मामले नहीं : पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार देश के कई राज्य ऐसे भी है जहां सांप काटने से किसी की भी मौत नहीं हुई. तेलंगाना, त्रिपुरा, पंजाब, पुडुचेरी, नागालैंड, मणिपुर, लद्दाख-लक्षद्वीप, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान निकोबार में साल 2023 से लेकर साल 2025 तक सांपों के काटने से मौत की एक भी घटना नहीं हुई.

भारत में सांपों की 4 जहरीली प्रजातियां : अपने देश में कुल सांपों की कुल 4 जहरीली प्रजातिया हैं. इन्हें बिग फोर के नाम से जाना जाता है. इनमें से पहला स्पेक्टिकल कोबरा है. यह खेतों और इंसानी बस्तियों के आसपास दिख जाता है. इसका जहर शरीर के तंत्रिका तंत्र पर गंभीर प्रभाव डालता है. दूसरा कॉमन क्रेट है. यह अक्सर रात में सक्रिय रहता है. इसके काटने पर शुरुआत में पता भी नहीं चल पाता है. रसेल वाइपर भी खतरनाक सांप है. इसका जहर कोशिकाओं और अंगों को बुरी तरह प्रभावित करता है. सॉ-स्केल्ड वाइपर भी काफी जहरीला होता है. इसका जहर खून बहने और रक्त के जमने की प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित करता है.

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Last Updated : September 7, 2026 at 12:48 PM IST