गढ़वा के खरौंधी स्थित कस्तूरबा विद्यालय में आठ और छात्राएं बीमार, डीसी ने स्कूल के कर्मियों को किया सेवा मुक्त
गढ़वा के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फिर से छात्राएं बीमार पड़ गईं. प्रशासन ने स्कूल के कर्मियों को सेवा मुक्त कर दिया.

Published : June 27, 2026 at 4:24 PM IST
गढ़वा: जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं के बीमार पड़ने का सिलसिला जारी है. शुक्रवार को 100 से ज्यादा छात्राएं बीमार पड़ गईं थी, वहीं शनिवार को भी आठ और छात्राएं बीमार हो गईं. उन्हें इलाज के लिए भवनाथपुर सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
छात्राओं के बीमार पड़ने के बाद, उनके अभिभावक स्कूल पहुंचे और ग्रिल तोड़कर अंदर दाखिल हो गए और हंगामा किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा. वहीं स्कूल के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है. गढ़वा के उपायुक्त पीएन मिश्रा ने एक कर्मी को छोड़कर बाकी सभी कर्मियों को सेवा मुक्त कर दिया है.
दूषित भोजन और पानी से बीमार हुईं छात्राएं
यह घटना शुक्रवार देर शाम शुरू हुई, जब खरौंधी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की सौ से ज्यादा छात्राएं दूषित भोजन और टंकी का गर्म पानी पीने के बाद बीमार पड़ गईं. उन्हें भवनाथपुर सामुदायिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद वे अपने-अपने घर लौट गईं. शनिवार को उसी स्कूल की आठ और छात्राएं बीमार पड़ गईं, जिससे अभिभावकों में आक्रोश फैल गया. वे स्कूल पहुंचे और हंगामा किया.
गढ़वा डीसी पीएन मिश्रा ने तुरंत स्कूल का निरीक्षण किया. स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने पर, डीसी ने सख्त कार्रवाई करते हुए कर्मियों को बर्खास्त कर दिया. इसके बाद, उपायुक्त ने भवनाथपुर सामुदायिक अस्पताल जाकर बीमार छात्राओं से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना.
सभी बच्चियां खतरे से बाहर
उपायुक्त पीएन मिश्रा ने बताया कि खरौंधी कस्तूरबा स्कूल की छात्राएं शुक्रवार रात अचानक बीमार पड़ गई थीं. राहत कार्यों की निगरानी के लिए तुरंत एसडीएम और अन्य अधिकारियों को भेजा गया. सभी छात्राओं का इलाज भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया. कुछ छात्राएं आज फिर बीमार पड़ गईं और उनका भी इलाज चल रहा है. सभी खतरे से बाहर हैं.
एक को छोड़ सभी कर्मियों को किया गया कार्य मुक्त
डीसी ने आगे बताया कि उन्होंने खुद कस्तूरबा स्कूल का निरीक्षण किया, जहां प्रबंधन की लापरवाही साफ दिखी. उन्होंने तुरंत एक कर्मी को छोड़कर बाकी सभी कर्मियों को कार्य मुक्त कर दिया और एसडीए को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. स्कूल में अभी मौजूद छात्राओं को विशेष निगरानी में रखा गया है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
अभिभावकों द्वारा किए गए हंगामे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अभिभावकों का परेशान होना स्वाभाविक है. हालांकि, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है.
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