गाजियाबाद: सूर्य प्रताप हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर, परिवार को 5 लाख की सहायता राशि स्वीकृत
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सूर्या प्रताप के परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत.

Published : May 31, 2026 at 10:20 AM IST
नई दिल्ली/गाजियाबाद: गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की हत्या के मामले में फरार चल रहा मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई. असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था.
वहीं, आज मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सूर्या चौहान के 28 मई 2026 को हुए निधन के उपरांत भरण-पोषण के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है. यह सहायता जिलाधिकारी गाजियाबाद की संस्तुति पर प्रदान की गई है.
Ghaziabad, Uttar Pradesh | Surya murder case | Accused Asad, carrying a reward of Rs. 50,000, was killed in an encounter with the Khoda and Indirapuram police stations in the Khoda Police Station area: Police Commissionerate Ghaziabad
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) May 31, 2026
On 28th May, a complaint was received at… https://t.co/EihYFb8lxc pic.twitter.com/U2tG9X19PF
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने बताया,"परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि स्वीकृत कराई गई है. इसके अतिरिक्त पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नगर पालिका के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की कठिनाई न हो. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सहायता राशि निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाभार्थी को उपलब्ध कराई जाएगी."
पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को खोड़ा और इंदिरापुरम थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सूर्य प्रताप हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद मोटरसाइकिल पर इलाके में देखा गया है. सूचना मिलते ही दोनों थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान शुरू कर दिया. इसी दौरान ग्रीन बेल्ट की ओर से एक संदिग्ध बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए. पुलिस ने टॉर्च की रोशनी डालकर उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक सवार भागने लगे और वसुंधरा सेक्टर-1 के खाली मैदान की ओर मुड़ गए.
संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा किया. पुलिस का कहना है कि पीछा किए जाने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी. तेज रफ्तार के कारण उनकी बाइक फिसल गई, जिसके बाद दोनों नीचे गिर गए. इसके बावजूद उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी जारी रखी. जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश घायल हो गया. घायल आरोपी की पहचान असद के रूप में हुई. उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
मुठभेड़ के दौरान कांस्टेबल अनुराग रावत गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा. डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि असद ही सूर्य प्रताप चौहान की हत्या का मुख्य आरोपी था. उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले की आगे की जांच जारी है.
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