साहसी मानव तस्करी विरोधी कार्यकर्ता से लेकर भारत की 'जल माता' तक कौन हैं रामोजी एक्सीलेंस अवार्ड 2025 विजेता ? जानें
देश को प्रेरित करने वाली सात हस्तियों को रामोजी एक्सीलेंस अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया.

Published : November 17, 2025 at 2:18 PM IST
हैदराबाद: अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली, समुदायों के उत्थान, ज्ञान को आगे बढ़ाने और देश को प्रेरित करने वाली सात हस्तियों को रविवार को तेलंगाना के हैदराबाद में रामोजी एक्सीलेंस अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया.
ग्रुप के संस्थापक रामोजी राव गारु की स्मृति में दिए गए इन पुरस्कारों का शुभारंभ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रामोजी फिल्म सिटी में आयोजित एक भव्य समारोह में किया. यह कार्यक्रम रामोजी ग्रुप के फाउंडर की 89वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था.
अवार्ड पाने वाली सात प्रतिष्ठित हस्तियों का चयन जर्नालिज्म, ग्रामीण विकास, मानवता की सेवा, आर्ट एंड कल्चर, यूथ आइकन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, और वूमन अचीवर कैटेगरी में किया गया. चयन प्रक्रिया को पारदर्शिता और कठोरता के साथ तैयार किया गया था.
एक्सपर्ट पैनल ने हर कैटेगरी में कई प्रोफाइल का मूल्यांकन किया और हर कैटेरगरी के लिए तीन नामों को चुना. इसके बाद एक फाइनल कमेटी ने हर कैटेगरी के लिए एक पुरस्कार विजेता का चयन किया. ऑथेंटिसिटी सुनिश्चित करने के लिए सभी क्रेडेंशियल और फील्डवर्क का स्वतंत्र रूप से ईनाडु और ईटीवी भारत नेटवर्क के माध्यम से वेरिफिकेशन किया गया.
रामोजी एक्सीलेंस अवार्ड 2025 के विजेता
एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड जयदीप हार्दिकर ने जीता. एक प्रतिष्ठित पत्रकार और लेखक हार्डिकर ने दो दशकों से भी अधिक समय तक भारत की ग्रामीण वास्तविकताओं पर गहरी सहानुभूति और अंतर्दृष्टि के साथ रिपोर्टिंग की है. उनका काम हाशिए पर पड़ी आवाजों को बुलंद करना है और विकास के मानवीय पहलुओं को राष्ट्रीय ध्यान में लाना है.

यूथ आइकन अवार्ड श्रीकांत बोल्ला को मिला. बोलांट इंडस्ट्रीज के संस्थापक, अध्यक्ष और एमआईटी के पूर्व छात्र बोल्ला फ्लेक्सिबल और इंक्लूसिव लीडरशिप के राष्ट्रीय पहचान बन गए हैं. उनका उद्यम सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देते हुए दिव्यांगों को सशक्त बनाना है.

प्रोफेसर सथुपति प्रसन्ना श्री ने एक्सीलेंस इन आर्ट एंड कल्चर अवार्ड जीता. वह एक दूरदर्शी विद्वान हैं. उन्होंने 19 आदिवासी भाषाओं के लिए लिपियां रचीं. प्रोफेसर श्री भारत की स्वदेशी साहित्यिक विरासत के संरक्षण में क्रांति लाई हैं. आदिकवि नन्नया यूनिवर्सिटी की कुलपति के रूप में वह सांस्कृतिक पहचान और भाषाई सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं.

एक्सीलेंस इन रूरल डेवलपमेंट अवार्ड अमला अशोक रुइया ने जीता. 'वॉटर मदर' के नाम से प्रसिद्ध रुइया ने वॉटर-हार्वेस्टिंग की इनोवेटिव पहलों के जरिये सूखाग्रस्त गांवों का कायाकल्प किया. आकार चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से उनके कार्यों ने ग्रामीण भारत में आजीविका, जल सुरक्षा और आशा की पुनर्स्थापना की है.

एक्सीलेंस इन सर्विस टू मैनकाइंड अवार्ड आकाश टंडन ने जीता. पहचान-द स्ट्रीट स्कूल के संस्थापक टंडन ने दिल्ली-एनसीआर में हजारों वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए एक आंदोलन चलाया है. उनका मिशन हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए सम्मान, अवसर और सशक्तिकरण का पोषण करना है.

मानव तस्करी के खिलाफ एक निडर योद्धा पल्लबी घोष ने वूमन अचीवर अवार्ड जीता. उन्होंने 10,000 से अधिक महिलाओं और बच्चों को बचाया और 75,000 से अधिक लोगों का जीवन सुधारा है. इम्पैक्ट एंड डायलॉग फाउंडेशन के माध्यम से वह बच्चों के रेस्क्यू, पुनर्वास और रीइंटिग्रेशन के राष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व करती हैं.

एक्सीलेंस इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवार्ड प्रोफेसर माधवी लता गली ने जीता. IISc बेंगलुरु में एक लीडिंग जियो टेक्निकल इंजीनियर प्रोफेसर लता ने चिनाब रेलवे पुल सहित प्रमुख नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में योगदान दिया. सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर की अध्यक्ष के रूप में, वे इनोवेशन को बढ़ावा देती हैं और अगली पीढ़ी के इंजीनियरिंग लीडर्स का मार्गदर्शन भी करती हैं.

समारोह के दौरान रामोजी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर किरण ने अतिथियों को सम्मानित किया. समारोह का समापन रामोजी राव गारू की पोती दिविजा चेरुकुरी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान और डिनर का आयोजन हुआ. बता दें कि रामोजी एक्सिलेंस अवार्ड 2025 उन असाधारण व्यक्तियों को सम्मानित करने की एक सशक्त शुरुआत है, जिनका कार्य राष्ट्र के नैतिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक ताने-बाने को मजबूत करता है.
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