ETV Bharat / bharat

नोटिस के तामिल नहीं होने पर जांच एजेंसी फिर से नोटिस जारी कर सकती है, विजय की CBI के समक्ष पेशी

सीबीआई के विजय को नोटिस के बाद एक्सपर्ट ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति शुरुआती जांच में एजेंसी के सामने पेश नहीं कार्रवाई होती है.

Fresh summon can be issued
तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रेसिडेंट विजय (फाइल फोटो) (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 8, 2026 at 11:46 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

नई दिल्ली: तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रेसिडेंट विजय को 12 जनवरी को पेश होने के लिए सीबीआई के नोटिस के बाद एक एक्सपर्ट ने बुधवार को कहा कि अगर कोई व्यक्ति एजेंसी के समन को टाल देता है या एजेंसी के समक्ष पेश नहीं होता है, तो उस व्यक्ति को एक नया नोटिस जारी किया जाएगा.

खास बात यह है कि एक्टर से नेता बने विजय को पिछले साल तमिलनाडु के करूर में हुए भगदड़ मामले के सिलसिले में सेंट्रल जांच एजेंसी ने अपने हेडक्वार्टर में खुद पेश होने के लिए नोटिस जारी किया था. सीबीआई के समन को टाले जाने पर नियमों के बारे में बात करते हुए वकील और एक्सपर्ट आरसी शर्मा ने ईटीवी भारत को बताया, 'अगर कोई व्यक्ति सीबीआई द्वारा जारी समन से बचने की कोशिश करता है तो जांच एजेंसी इसका पता लगाने की कोशिश करती है.

साथ ही फिर से समन जारी करती है. उन्होंने साफ-साफ कहा कि अगर सीबीआई किसी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करना चाहती है तो उसे इसके लिए कोर्ट जाना होगा. इस मामले पर ईटीवी भारत के सवाल के जवाब में सीबीआई प्रवक्ता बीना यादव ने कहा, 'संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर दिया गया है.

पेश होने की तारीख 12 जनवरी है.' ज्यादा जानकारी दिए बिना, उन्होंने कहा, 'इस बारे में अभी कोई भी कमेंट करना जल्दबाजी होगी.' एक पूर्व सीबीआई अधिकारी ने ईटीवी भारत को बताया, 'किसी भी व्यक्ति को किसी खास तारीख पर किसी भी मामले में पेश होने के लिए कानून के मुताबिक समन जारी किया जाता है.

अगर कोई व्यक्ति उसी तारीख को एजेंसी के सामने पेश नहीं होता है, तो उसे खास वजह बतानी चाहिए. अगर ऐसा कुछ बताया जाता है, तो नया नोटिस जारी किया जाएगा.' पूर्व अधिकारी ने कहा, 'बार-बार कोर्ट के सामने पेश न होने पर सीबीआई मामले की जांच के लिए कोर्ट जा सकती है और कोर्ट के निर्देश के अनुसार कार्रवाई कर सकती है.' यह बताना जरूरी है कि सेंट्रल जांच एजेंसी ने पहले भी इस मामले में टीवीके के कई पदाधिकारियों से पूछताछ की थी.

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से जांच अपने हाथ में ली थी और एजेंसी 27 सितंबर को तमिलनाडु के करूर में विजय की लीडरशिप में एक पॉलिटिकल मीटिंग के दौरान हुई भगदड़ से जुड़े सबूत इकट्ठा कर रही है. इस दुखद घटना में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे. सुप्रीम कोर्ट ने टीवीके की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका के जवाब में केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया था.

ये भी पढ़ें- TVK प्रमुख विजय की बढ़ सकती हैं मुश्किलें! CBI ने 12 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया