ETV Bharat / bharat

सरायकेला छऊ के रंग में रंगी फ्रांस की गिसले बुसन, 75 की उम्र में भी कला के प्रति अटूट प्रेम

झारखंड के छऊ नृत्य का आकर्षण आज अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को लांघ चुका है.

French art enthusiast Giselle Busson immersed in vibrant colors of Chhau dance in Seraikela
फ्रांस की गिसले बुसेन और छऊ नृत्य के कलाकार (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 6, 2026 at 6:42 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

सरायकेला: झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी सरायकेला के विश्वविख्यात छऊ नृत्य का आकर्षण अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को लांघ चुका है. हाल ही में फ्रांस की 75 वर्षीय कला प्रेमी गिसले बुसन सरायकेला पहुंचीं. जहां उन्होंने यहां की अलौकिक जनजातीय संस्कृति और छऊ नृत्य की बारीकियों का अवलोकन किया.

गिसले बुसेन ने यहां आकर न केवल इस छऊ नृत्य के सौंदर्य को सराहा, बल्कि पारंपरिक मुखौटों में छिपी भावनात्मक गहराई को देखकर आश्चर्यचकित रह गईं. अपनी यात्रा के दौरान, गिसले ने छऊ कला केंद्र के पूर्व निदेशक तपन कुमार पटनायक से मुलाकात की. साथ ही इस नृत्य की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, प्रशिक्षण पद्धति और मुखौटा निर्माण की जटिल कला को समझा.

सरायकेला छऊ के रंग में रंगी फ्रांस की गिसले बुसन (ETV Bharat)

इसके बाद गिसले बुसेन ईचागांव पहुंचीं, जहां स्थानीय कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने उन्हें भावविभोर कर दिया. उन्होंने कहा कि छऊ केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक "जीवंत संस्कृति" है जो कलाकारों के समर्पण से आज भी सुरक्षित है.

सबसे ​दिलचस्प बात यह है कि 75 वर्ष की उम्र में भी गिसले का भारत के प्रति लगाव कम नहीं हुआ है. वे अब तक 11 बार भारत का भ्रमण कर चुकी हैं, जिसमें से दो बार वे विशेष रूप से झारखंड आई हैं. उन्होंने बताया कि झारखंड का इतिहास, सादगी, पारंपरिक खान-पान और यहां का ट्राइबल कल्चर उन्हें बार-बार अपनी ओर खींचता है.

French art enthusiast Giselle Busson immersed in vibrant colors of Chhau dance in Seraikela
छऊ के रंग में फ्रांसीसी कला प्रेमी गिसले बुसन (ETV Bharat)

फ्रांसीसी कला प्रेमी गिसले बुसन का यह दौरा सिद्ध करता है कि झारखंड का सरायकेला जिला की कला आज भी वैश्विक पटल पर एक अमिट छाप छोड़ रही है. यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनी हुई है.

इसे भी पढ़ें- चैत्र पर्व छऊ महोत्सव का शुभारंभ, दीपक बिरुवा ने कहा- कला को संरक्षण देने के लिए सरकार कृतसंकल्पित

इसे भी पढ़ें- जमशेदपुर में आयोजित कला उत्सव का समापन, देशभर से आए प्रसिद्ध कलाकारों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

इसे भी पढ़ें- अमृत युवा कलोत्सव 2023-24ः लोगों ने लिया सुगम संगीत का आनंद, लोकनृत्यों पर खूब झूमे