महेंद्र सिंह धोनी कर रहे खेती! इस सीजन फार्म में टमाटर की बहार, ऑर्गेनिक उत्पाद की बाजार में बढ़ी डिमांड
भारतीय क्रिकेट टीम में पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खेती कर रहे हैं. इस सीजन में उनके खेत में ऑर्गेनिक टमाटर की बहार है.

Published : February 19, 2026 at 1:58 PM IST
रांची: राजधानी रांची के पास संबो गांव स्थित महेंद्र सिंह धोनी के फार्महाउस में इस सीजन टमाटर की खेती खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. 43 एकड़ में फैले इस फार्म में करीब 38 एकड़ भूमि पर खेती की जाती है, लेकिन इस बार फोकस विशेष रूप से टमाटर की उन्नत और विविध किस्मों पर रखा गया है. पूरी तरह जैविक पद्धति से तैयार हो रही टमाटर की फसल अब बाजार में पहुंचने लगी है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उपभोक्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है.
फार्म से जुड़े लोगों के अनुसार इस बार मौसम अनुकूल रहने और वैज्ञानिक तरीके से की गई तैयारी के कारण टमाटर की पैदावार बेहतर हुई है. यहां लाल, देसी, चेरी और हाईब्रिड जैसी कई किस्मों की खेती की जा रही है. आकार, स्वाद और गुणवत्ता के आधार पर इन टमाटरों की अलग पहचान बन रही है. रांची के थोक और खुदरा बाजारों में इसकी मांग बढ़ी है, वहीं बाहर के व्यापारियों ने भी रुचि दिखाई है.
बिना रासायनिक खाद के ऑर्गेनिक खेती
धोनी के फार्म में टमाटर की खेती बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के की जाती है. प्राकृतिक खाद के रूप में गोबर और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है. कीट नियंत्रण के लिए भी पारंपरिक और प्राकृतिक उपाय अपनाए जाते हैं. यही वजह है कि यहां तैयार टमाटर स्वाद और ताजगी के लिए अलग पहचान रखते हैं.

हालांकि फार्म में गोभी, मटर, ब्रोकोली, कद्दू, भिंडी और बैंगन जैसी सब्जियां और अनानास, आम, अमरूद और पपीता जैसे फल भी उगाए जा रहे हैं, लेकिन इस सीजन टमाटर की फसल केंद्र में है. स्ट्रॉबेरी की खेती भी जारी है, पर बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा टमाटर को लेकर है.

फार्म के केयरटेकर का कहना है, “इस बार हमने टमाटर की खेती पर विशेष ध्यान दिया है. पूरी फसल बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के तैयार की जा रही है. प्राकृतिक खाद और जैविक घोल का इस्तेमाल किया गया है. मौसम ने भी साथ दिया है, जिससे पैदावार अच्छी हुई है और बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है.”

क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ
कृषि विशेषज्ञ राजीव कुमार परिहार मानते हैं कि यदि इसी तरह जैविक और वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए तो स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन को नई दिशा मिल सकती है. धोनी का यह प्रयास दिखाता है कि आधुनिक सोच और प्राकृतिक खेती का मेल बेहतर परिणाम दे सकता है. इस सीजन टमाटर की बेहतर उपज ने एक बार फिर उनके फार्म को चर्चा में ला दिया है.
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