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उत्तराखंड में कोडीन सिरप के दुरुपयोग पर एक्शन, देहरादून में दो प्रतिष्ठान सील, इन जगहों पर भी कार्रवाई

उत्तराखंड में कोडीन युक्त सिरप दुरुपयोग मामले में देहरादून में दो प्रतिष्ठान सील, हरिद्वार में रोका गया स्टॉक, उधम सिंह नगर में नोटिस चस्पा

Crackdown on misuse of codeine syrup
रुद्रपुर में प्रतिष्ठान पर नोटिस चस्पा (फोटो सोर्स- Food Safety and Drug Administration)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 23, 2026 at 10:17 PM IST

4 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड के साथ ही देशभर में कोडीन युक्त सिरप और अन्य साइकोट्रॉपिक ड्रग्स के दुरुपयोग का मामला बढ़ता जा रहा है. जिसकी चपेट में सबसे ज्यादा युवा आ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त सचिन कुर्वे ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक के दौरान सचिव ने कोडीन युक्त सिरप और अन्य मनःप्रभावी औषधियों (Psychotropic Drugs) के बढ़ते दुरुपयोग के साथ ही इनके गैर-कानूनी व्यापार पर चर्चा की गई.

सचिव कुर्वे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी. क्योंकि, युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. लिहाजा, किसी भी स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं, इसी कड़ी में टीम ने कार्रवाई करते हुए दो प्रतिष्ठान सील किए हैं. जिसके तहत हरिद्वार में स्टॉक रोका गया है तो उधम सिंह नगर में नोटिस चस्पा किया गया है.

कोडीन युक्त सिरप और अन्य मनःप्रभावी औषधियों के दुरुपयोग पर लगाम लगाए जाने को लेकर औषधि निरीक्षकों के 3 विशेष दल गठित किए गए है. इसके साथ ही इसमें पारदर्शिता लाने के लिए क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है. जिला देहरादून में तैनात औषधि निरीक्षकों को हरिद्वार का दायित्व, हरिद्वार के अधिकारियों को देहरादून और नैनीताल में तैनात निरीक्षकों को उधम सिंह नगर का दायित्व सौंपा गया है.

Codeine Syrup in Uttarakhand
दवाओं की जांच (फोटो सोर्स- Food Safety and Drug Administration)

दो प्रतिष्ठान किए सील: वहीं, विभाग को मिली शिकायतों और सूचनाओं के आधार पर विभागीय टीमों ने तमाम क्षेत्रों में औचक छापेमारी की. देहरादून जिले के हर्रावाला क्षेत्र में मिस्टिक फार्मा हेल्थ केयर (Mystic Pharma Healthcare) और ट्रस्ट वे फार्मास्युटिकल (Trust Way Pharmaceutical) पर सघन निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर उनकी चाबियां संबंधित थाने को सौंप दी गई है. साथ ही आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है.

हरिद्वार के दवा प्रतिष्ठान का रोका गया स्टॉक: इसी तरह हरिद्वार जिले में स्थित एनिमेट्स लाइफ साइंस प्रा. लिमि (Animets Life Sciences Pvt Ltd) सलेमपुर (बहादराबाद) में निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया गया. ऐसे में औषधियों के स्टॉक को फॉर्म 15 के तहत रोक दिया गया है. साथ ही दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

रुद्रपुर में प्रतिष्ठान बंद मिलने पर नोटिस चस्पा: इसके अलावा रुद्रपुर स्थित फ्यूटेक फार्मास्युटिकल प्रा. लिमि (Futec Pharmaceuticals Pvt Ltd) पर टीम पहुंची तो प्रतिष्ठान बंद मिला. जिस पर टीम ने औषधि अधिनियम के तहत नोटिस चस्पा कर कंपनी के मालिक को इसकी जानकारी देते हुए निर्देश दिए कि दुकान टीम की उपस्थिति में खोली जाए.

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे ने कहा कि कोडीन युक्त सिरप और मनःप्रभावी औषधियों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक व कानूनी चुनौती बनता जा रहा है. राज्य सरकार इस विषय को अत्यंत संवेदनशीलता और कठोरता के साथ ले रही है. ऐसे में विभाग की ओर से निगरानी तंत्र को और सशक्त किया गया है. साथ ही औषधि अनुज्ञप्ति धारकों की जवाबदेही तय की जा रही है.

किसी भी स्तर पर अनियमितता, अवैध भंडारण, बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री या रिकॉर्ड में हेरफेर पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. विभाग पारदर्शिता, जवाबदेही और सतत निरीक्षण की नीति पर कार्य कर रहा है. साथ ही दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा.

"अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए गए हैं और क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. सभी औषधि निरीक्षकों को नियमित औचक निरीक्षण करने और प्रत्येक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी."- ताजबर सिंह जग्गी, अपर आयुक्त

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