भूटान ने कुरिच्छु बांध का पानी छोड़ा, निचले असम में बाढ़ का खतरा, बोंगाईगांव में अलर्ट जारी
भूटान और असम में लगातार बारिश से बोंगाईगांव और आसपास के जिलों के कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

Published : August 5, 2026 at 10:49 PM IST
बोंगाईगांव (असम): ऊपरी असम (पूर्वी असम) के तीन जिलों में भयावह बाढ़ के बाद, अब निचले असम (पश्चिमी असम) के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बोंगाईगांव जिला प्रशासन ने नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार भारी बारिश के बीच हाई अलर्ट जारी किया है.
प्रशासन ने बुधवार को चेतावनी दी कि भूटान और असम दोनों में लगातार बारिश से बोंगाईगांव और आस-पास के जिलों के कई निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है. जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क किया है कि भूटान के कुरिच्छु बांध से और पानी छोड़ने से नीचे की तरफ पानी का स्तर और बढ़ सकता है.
अधिकारियों के मुताबिक, मानस और ऐ-मानस नदियां पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि पश्चिमी असम की कई दूसरी बड़ी नदियां गंभीर स्तर के करीब पहुंच रही हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिले के अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
बोंगाईगांव जिला प्रशासन ने लोगों को मानस और ऐ-मानस नदियों के किनारों से दूर रहने, बाढ़ वाले पुलों या नदियों को पार करने से बचने और बच्चों, महिलाओं और जानवरों को बाढ़ वाले इलाकों से दूर रखने की सलाह दी है.
बोंगाईगांव और आस-पास के जिलों में भारी बारिश जारी है, इसलिए अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वे बाढ़ का खतरा कम होने तक चौबीसों घंटे अलर्ट रहें और सभी सरकारी सलाह का पालन करें.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, और अगले कुछ दिनों में कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है.
असम इस मानसून में भयंकर बाढ़ से जूझ रहा है. ताजा आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है और सात जिलों में 1.28 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत का काम जारी है.
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