गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति के साथ तिरंगा फहराएगी हरियाणा की बेटी, दादी बोली - "पोती ने दी ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशी"
हरियाणा की बेटी अक्षिता धनखड़ गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति के साथ तिरंगा फहराएंगी जिसके बाद झज्जर में परिजनों के बीच खुशी की लहर है.

Published : January 24, 2026 at 6:48 PM IST
झज्जर: हरियाणा में झज्जर के कासनी गांव की बेटी अक्षिता धनखड़ ने अपने पिता का सपना सच कर दिखाया है. कड़ी मेहनत ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां से उनका सबसे खूबसूरत सपना पूरा होगा. दरअसल, 26 जनवरी 2026 को 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अक्षिता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगी. जब से अक्षिता का चयन राष्ट्रपति के साथ ध्वज फहराने के लिए हुआ है, देशभर में अक्षिता के नाम की चर्चा हो रही है.
बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं ऑफिसर अक्षिता: झज्जर की बेटी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. राष्ट्रपति के साथ ध्वज फहराने का अवसर किसी भी अधिकारी के लिए अत्यंत गौरव का विषय होता है. ये सम्मान उन्हें ही दिया जाता है, जिन्होंने अपने कर्तव्य, अनुशासन और सेवाभाव से विशेष पहचान बनाई हो.
देश की बेटियों के लिए गौरव का पल: इस वर्ष एक युवा महिला अधिकारी को ये दायित्व सौंपा जाना ये दर्शाता है कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका अब केवल सहभागिता तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं. अक्षिता धनखड़ का चयन ये संदेश देता है कि आज की भारतीय नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है. वे आसमान की ऊंचाइयों को छूने का साहस रखती हैं और देश की सुरक्षा व सम्मान की जिम्मेदारी पूरी मजबूती से निभा सकती हैं.
पूरे देश को अक्षिता पर नाज: जाहिर है कि जब फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ 77 वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति के साथ तिरंगा फहराएंगी, तब ये पल ना केवल झज्जर और हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होगा. यह दृश्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा कि सपने बड़े हों, हौसले मजबूत हों तो किसी भी सपने को हकीकत में पूरा किया जा सकता है.

झज्जर के कासनी गांव की हैं अक्षिता: फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ झज्जर जिले के कासनी गांव की रहने वाली हैं. एक सामान्य से परिवार में उनका जन्म हुआ और अक्षिता ने बचपन से ही देश सेवा का सपना देखा है. अक्षिता में पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास की झलक शुरू से दिखाई देती थी. अक्षिता का सपना था कि वे कभी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने और उन्होंने इसे अपना लक्ष्य बनाया और इसके लिए खूब मेहनत की और आज उनका ये सपना साकार हो रहा है.
NCC का हिस्सा रही अक्षिता : अक्षिता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री गुरु तेज बहादुर खालसा काॅलेज से पढ़ाई पूरी की. वे नेशनल कैडेट कोर (NCC) का भी हिस्सा रही और अपनी मेहनत के दम पर कैडेट सर्जेंट मेजर का रैंक हासिल किया. इसके बाद अक्षिता ने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) क्लियर किया और जून 2023 में भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन हासिल किया. लगन और नेतृत्व क्षमता के दम पर जल्द ही उन्हें फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति मिल गई. अपनी इस उपलब्धि पर अक्षिता का कहना है कि ये उनके लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि उन्हें देश की राष्ट्रपति के साथ तिरंगा फहराने का मौका मिला है.

परिजनों को बिटिया पर गर्व: अक्षिता का चयन राष्ट्रपति के साथ ध्वज फहराने के लिए होने के बाद से परिजनों में खुशी का माहौल है. अक्षिता की दादी सुनहरी देवी ने बताया कि "आज बहुत खुशी हो रही है, कि पोती ने नाम रोशन किया है. आज मेरी जिंदगी में मेरी पोती ने सबसे खुशी का पल दिया है. अक्षिता हमेशा फोन करती हैं और बातचीत होती रहती हैं. सभी अभिभावकों की बेटियां ऐसे ही नाम रोशन करती रहें. अक्षिता के पिता की 2 महीने पहले बीमारी से मौत हो चुकी है.अगर आज वो जिंदा होते तो बहुत ज्यादा खुश होते."
चाचा भी एयरफोर्स में तैनात: वहीं, अक्षिता के चाचा सितेंदर धनखड़ ने बताया कि "मैं भी एयरफोर्स में तैनात हूं. बहुत खुशी का पल है, गौरवान्वित करने वाला पल है. हर गांव-गली, मोहल्ले में अक्षिता की चर्चा हो रही है. बिटिया ने पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है. सब बेटियों के लिए ये प्रेरणा का पल है".
ये भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर सड़क हादसे में शहीद हुआ यमुनानगर का लाल, 2 बहनों का इकलौता भाई था सुधीर नरवाल
ये भी पढ़ें: राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए शहीद मोहित शर्मा, झज्जर में छोटे भाई ने दी मुखाग्नि

